The Jharkhand Ancient Monument and Archaeological Sites, Remains and Art Treasure Act,2016
Jharkhand · state statute
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झारखÖड गजट
असाधारण अंक
झारखÖड सरकार Ʈारा Ĥकािशत
3 ÏयेƵ, 1938 (श०)
संÉ या 362 राँची, मंगलवार,
24 मई, 2016 (ई०)
ǒविध (ǒवधान) ǒवभाग
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अिधसूचना
23 मई, 2016
संÉया-एल0जी0-08/2016-93/लेज० झारखÖड ǒवधान मंडल का िनàनिलǔखत अिधिनयम, ǔजस पर राÏयपाल
Ǒदनांक 11 मई, 2016 को अनुमित दे चुक े हɇ, इसक े Ʈारा सव[साधारण कȧ सूचना क े िलये Ĥकािशत Ǒकया जाता है।
झारखÖड Ĥाचीन èमारक और पुरात×व-èथल, अवशेष तथा कलािनिध अिधिनयम, 2016
(झारखंड अिधिनयम संÉया-14, 2016)
संसद Ʈारा बनाई गई ǒविध क े Ʈारा या अधीन राƶीय महǂव क े घोǒषत Ĥाचीन èमार और पुरात×व-èथलɉ
तथा अवशेषɉ से िभÛन झारखÖड -राÏय ǔèथत Ĥाचीलन èमारकɉ तथा पुरात×व èथलɉ और अवशेषɉ क े पǐरर¢ण ,
पुरात×व खुदाई क े ǒविनयमन और पुरावशेषɉ क े सुर¢ण का उपबंध करने क े िलए अिधिनयम।
2 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
उƧेिशका:- भारत गणराÏय क े सरसठवɅ वष[ मɅ झारखÖड राÏय ǒवधान मंडल Ʈारा िनàनिलǔखत Ǿप से
अिधिनयिमत हो:-
1. संǔ¢Ư नाम, ǒवèतार और Ĥारंभ:-
1. यह अिधिनयम झारखÖड Ĥाचीन èमारक और पुरात×व-èथल, अवशेष तथा कलािनिध
अिधिनयम 2016 कहलायेगा।
2. इसका ǒवèतार सàपूण[ झारखÖड राÏय मɅ होगा।
3. यह उस तारȣख से Ĥवृत होगा जो राÏय सरकार गजट मɅ अिधसूचना Ʈारा िनयत करɅ।
2. पǐरभाषाएँ:- जब तक कोई बात ǒवषय या Ĥसंग क े ǒवǾƨ न हो, इस अिधिनयम मɅ:-
(क) Ĥाचीन èमारक से ता×पय[ है ऐसी कोई संरचना , िनमा[ण या èमारक अथवा कोई èतूप या शव गाड़ने
या जलाने कȧ जगह, या कोई गुफा, Ĥèतर-Ĥितमा, िशला-लेख या एकाæम, ǔजसका ऐितहािसक,
पुरात×वीय या कला×मक महǂव हो और जो कम से कम सौ वषɟ से ǒवƭमान हो, और इसक े
अÛतग[त िनàन भी हɇ:-
(i) उसका अवशेष,
(ii) उसका èथल,
(iii) ऐसे èथल से सटȣ भूिम का ऐसा भाग , जो उस èथल क े पǐर¢ण, सुर¢ण संधारण और अनुर¢ण क े
िलए आवæयक या अपेǔ¢त हो, और
(iv) वहाँ तक पहुँचने उसक े सुǒवधापूण[ िनरȣ¢ण और मरàमत क े साधन।
(ख) पुरावशेष क े अÛतग[त िनàन है:-
( i) कोई मुġा, मूित[, िचğकारȣ, पुरालेख या अÛय कलाकृित अथवा िशãप।
(ii) Ǒकसी भवन या गुफा से अलग कȧ कोई वèतु, पदाथ[ या चीज,
(iii) अतीतयुगीन ǒव£ान, कला, िशãप, साǑह×य, धम[, नैितकता या राजनीित िनदश[क कोई
वèतु, पदाथ[ या चीज
(iv) ऐितहािसक मह×व कȧ कोई वèतु, पदाथ[ या चीज, और
(v) कोई ऐसी वèतु , पदाथ[ या चीज ǔजसे राÏय सरकार इितहास या पुरात×व से संबंध होने क े कारण,
सरकारȣ गजट मɅ अिधसूचना Ʈारा इस अिधिनयम क े Ĥयोजनाथ[ पुरावशेष घोǒषत करɅ जो कम से
कम सौ वषɟ से ǒवƭमान हो, और
(vi) कोई पाÖडुिलǒप, अिभलेख अथवा अÛय Ĥलेख ǔजसका वै£ािनक, ऐितहािसक, साǑहǔ×यक
अथवा सɋदय[बोधी मह×व हो तथा जो कम से कम पचहƣर वषɟ से ǒवƭमान हो।
(ग) ‘कलािनिध’ से ता×पय[ है कोई मानवीय कलाकृित जो पुरावशेष न हो , और ǔजसे राÏय सरकार ऐितहािसक एवं
सɋदय[बोधी महǂव रहने क े कारण सरकार गजट मɅ अिधसूचना Ʈारा इस अिधिनयम क े Ĥयोजनाथ[ कलािनिध
घोǒषत करɅ, बशतɏ ऐसी कलाकृित क े संबंध मɅ उसक े सज[क कलाकार क े जीवनकाल मɅ ऐसी कोई घोषणा नहȣं
कȧ जायेगी।
(घ) ‘‘पुरात×व पदािधकारȣ’’ से ता×पय[ है राÏय सरकार क े पुरात×व और संĒहालय ǒवभाग का कोई पदािधकारȣ ,
जो राÏय सरकार Ʈारा समय-समय पर यथाǒवǑहत पंǒƠ से नीचे का न हो।
3 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
(ड.) ‘‘पुरात×व èथल और अवशेष’’ से ता×पय[ है ऐसा कोई ¢ेğ ǔजसमɅ ऐितहािसक या पुरात×वीय महǂव क े खंडहर
या Ĥागवशेष हो या ǔजसमɅ उनक े होने का ǒवƳास युǒƠयुƠ Ǿप से Ǒकया जाता हो, और जो कम से कम एक
सौ वषɟ से ǒवƭमान हो और इसक े अÛतग[त िनàन भी है:-
(i ) उस ¢ेğ से सटȣ भूिम का ऐसा भाग जो घेरने या ढकने या अÛयथा पǐररǔ¢त करने क े िलए अपेǔ¢त
हो, और
( ii) उस ¢ेğ तक पहुँचने ओर उसक े सुǒवधापूण[ िनरȣ¢ण क े साधन।
(च) ‘िनदेशक’ से ता×पय[ है राÏय सरकार का पुरात×व और संĒहालय िनदेशक तथा इसक े अÛतग[त िनदेशक का
कƣ[åय संपाǑदत करने क े िलए राÏय सरकार Ʈारा Ĥािधकृत कोई अÛय पदािधकारȣ भी है।
(छ) åयाकरण संबंधी पǐरवत[नɉ और सजातीय पदɉ सǑहत ‘अनुरǔ¢त करना’ क े अंतग[त Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक को
घेरना, ढकना, मरàमत करना, उसका पुनǾƨार और माज[न , èथल क े अनुǾप समुिचत वातावरण िनमा[ण तथा
ऐसा कोई अÛय काय[ करना भी है जो Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक क े पǐरर¢ण या वहाँ तक पहुँचने कȧ सुǒवधा
ĤाƯ करने क े िलए आवæयक हो।
(ज) ‘èवामी’ क े अÛतग[त है:-
(i ) ऐसा संयुƠ èवामी ǔजसे अपनी ओर से और अÛय संयुƠ èवािमयɉ कȧ ओर से Ĥबंध करने
कȧ शǒƠ दȣ गई हो और ऐसे Ǒकसी èवामी का हक उƣरािधकारȣ, और
(ii ) Ĥबंध कȧ शǒƠ का Ĥयोग करने वाला कोई Ĥबंधक या Ûयासी और ऐसे Ĥबंधक या
Ûयासी का पदȣय उƣरािधकारȣ,
(झ) ‘ǒवǑहत’ से ता×पय[ है इस अिधिनयम क े अधीन बने िनयमɉ Ʈारा ǒवǑहत।
(ञ) ‘सुरǔ¢त ¢ेğ’ से ता×पय[ है कोई ऐसा पुरात×व èथल और अवशेष जो इस अिधिनयम क े Ʈारा या अधीन
सुरǔ¢त ¢ेğ घोǒषत Ǒकया जाय।
(ट) ‘सुरǔ¢त èमारक ’ से ता×पय[ है ऐसा Ĥाचनी èमार जो इस अिधिनयम क े Ʈारा या अधीन सुरǔ¢त èमारक
घोǒषत Ǒकया जाय, और
(ठ) ‘राÏय सरकार’ से ता×पय[ है झारखÖड कȧ राÏय सरकारं
Ĥाचीन èमारकɉ और पुरात×व - èथलɉ तथा अवशेषɉ का संर¢ण:-
3. Ĥाचीन èमारकɉ आǑद को सुरǔ¢त èमारक और ¢ेğ घोǒषत करने कȧ राÏय सरकार कȧ शǒƠ:-
(1) जब राÏय सरकार कȧ राय हो Ǒक Ǒकसी Ĥाचीन èमारक या पुरात×व èथल और
अवशेष को इस अिधिनयम क े अधीन सुǐर¢त करने कȧ जǾरत है, तो वह सरकारȣ जगट मɅ
अिधसूचना Ʈारा उस Ĥाचीन èमारक या पुरात×व èथल और अवशेष को यथाǔèथित सुरǔ¢त
èमारक या सुरǔ¢त ¢ेğ घोǒषत करने क े अपने अिभĤाय का दो महȣनɉ कȧ नोǑटस देगी और ऐसी हर
अिधसूचना कȧ एक Ĥित, यथाǔèथित उस èमारक या उस पुरात×व èथल और अवशेष क े िनकट Ǒकसी
Úयानकषȸ èथान मɅ िचपका दȣ जाएगीं
(2) ऐसे Ǒकसी Ĥाचीन èमारक या पुरात×व-èथल और अवशेष से Ǒहतबƨ कोई भी åयǒƠ अिधसूचना
जारȣ Ǒकए जाने क े दो महȣनɉ क े भीतर, उस èमारक या पुरात×व èथल और अवशेष क े सुरǔ¢त
èमारक या सुरǔ¢त ¢ेğ घोǒषत Ǒकए जाने पर आपǒƣ कर सक े गा।
4 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
(3) उƠ दो महȣनɉ कȧ अविध समाƯ होने पर , राÏय सरकार, यǑद कोई आपǒƣ ĤाƯ हई हो तो उस पर
ǒवचार करने क े बाद, सरकारȣ गजट मɅ अिधसूचना Ʈारा , यथाǔèथित उस Ĥाचीन èमारक या पु रात×व-
èथल और अवशेष को सुरǔ¢त èमारक या सुरǔ¢त ¢ेğ घोǒषत कर सक े गी।
(4) उप धारा (3) क े अधीन Ĥकािशत अिधसूचना, जब तक उसे वापस न ले ली जाये, इस बात का
िनƱायक Ĥमाण होगी Ǒक उससे संबंिधत Ĥाचीन èमारक या पुरा×व èथल और अवशेष इस
अिधिनयम क े Ĥयोजनाथ[ सुरǔ¢त èमारक या सुरǔ¢त ¢ेğ है।
सुरǔ¢त èमारक
4. Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक क े अिधकार का अज[न:-
(1) िनदेशक, राÏय सरकार कȧ मंजूरȣ से , Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक को खरद कर या पÒटे पर ले सक े गा
अथवा उसे दान या पǐरचय क े Ǿप मɅ èवीकार कर सक ेगा।
(2) जब Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक का कोई èवामी न हो, तो िनदेश सरकारȣ गजट मɅ
अिधसूचना Ʈारा उस èमारक का अिभभावक×व Ēहण कर सक े गा।
(3) Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक का èवामी, िलǔखत िलखत क े जǐरये, िनदेशक को èमारक का
अिभभावक बना सक े गा और िनदेशक राÏय सरकार कȧ मंजूरȣ से ऐसा अिभभावक×व èवीकार कर
सक े गा।
(4) जब िनदेशक उप धारा (3) क े अधीन èमारक का अिभभावक×व èवीकार कर लेगा तब
èवामी को इस अिधिनयम मɅ èपƴतः उपबंिधत ǔèथित को छोड़कर èमारक मɅ वहȣं सàपदा èव×व
अिधकार, हक और Ǒहत होगा , मानो िनदेशक उसका अिभभावक नहȣं बनाया गया हो , और धारा 5 क े
अधीन िनçपाǑदत िलǔखत िलखत कर लागू होगा।
(5) इस धारा कȧ Ǒकसी बात से परंपरागत धािम[क अनुƵानɉ क े िलए Ǒकसी सुरǔ¢त
èमारक क े उपयोग पर कोई Ĥितक ू ल Ĥभाव नहȣं पड़ेगा।
5. करार Ʈारा सुरǔ¢त èमारक का पǐरर¢ण:-
(1) राÏय सरकार Ʈारा ऐसा िनदȶश िमलने पर िनदेशक Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक क े èवामी से Ĥèताव
करेगा Ǒक वह èमारक क े अनुर¢ण क े िलए Ǒकसी उǔãलǔखत अविध क े भीतर राÏय सरकार क े साथ
करार करɅ।
(2) इस धारा क े अधीन करार मɅ िनàन Ǒकसी या सभी ǒवषयɉ क े िलए उपबंध Ǒकया जा
सक े गी:-
क) èमारक का अनुर¢ण
ख) èमारक कȧ अिभर¢ा और उसकȧ देख-रेख क े िलये िनçपाǑदत Ǒकसी åयǒƠ
क े कƣ[åय
ग) èवामी क े िनàन अिधकारɉ पर Ĥितबंध:-
(i) Ǒकसी Ĥयोजन से èमारक का उपयोग
(ii ) èमारक मɅ Ĥवेश या उसा िनरȣ¢ण करने क े िलये कोई शुãक लेना,
(ii ) èमारक को नƴ करना, हटाना, उसमɅ पǐरवŧतन करना या उसे
ǒवǾǒपत करना, अथवा,
( iv) èमारक èथल पर या उसक े समीप िनमा[ण काय[ करना।
5 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
(घ) जनसाधारण या उसक े Ǒकसी वग[ को या पुरात×व-पदािधकाǐरयɉ को अथवा
èवामी या Ǒकसी पुरात×व पदािधकारȣ Ʈारा ĤितिनयुƠ åयǒƠयɉ को या राÏय सरकार
Ʈारा èमारक क े िनरȣ¢ण या अनुर¢ण क े िलए Ĥािधकृत Ǒकसी अÛय पदािधकारȣ या
Ĥािधकारȣ को èमारक तक पहुँचाने कȧ सुǒवधायɅ देना।
(ड.) यǑद èवामी वह भूिम, ǔजस पर èमारक अवǔèथत हो, या उससे सटȣ कोई
भूिम बेचना चाहे तो उस दशा मɅ राÏय सरकार को नोǑटस देना और उस भूिम या उसक े Ǒकसी
खास भाग को बाजार मूãय पर खरȣदने क े अिधकार को सरकार क े िलए Ĥारǔ¢त करना।
(च) èमारक क े अनुर¢ण क े िसलिसले मɅ èवामी या सरकार Ʈारा Ǒकये गये
Ǒकसी खच[का भुगतान।
(छ) यǑद राÏय सरकार ने èमारक क े अनुर¢ा क े िसलेिसले मɅ कोई खच[ Ǒकया हो
तो èमारक क े èव×व संबंधी या अÛय अिधकार का राÏय सरकार मɅ िनǑहत होगा।
(ज) करार से उ×पÛन Ǒकसी ǒववाद का िनण[य करने क े िलए Ǒकसी Ĥािधकारȣ कȧ
िनयुǒƠ, और
(झ) èमारक क े अनुर¢ण से संबƨ ऐसा कोई ǒवषय जो èवामी और राÏय
सरकार क े बीच करार का उिचत ǒवषय हो।
(3) राÏय सरकार या èवामी इस धारा क े अधीन हुए करार क े िनçपादन कȧ तारȣख से तीन वष[ बीत जाने
क े बाद, Ǒकसी भी समय अÛय प¢ को छः महȣनɉ कȧ िलǔखत नोǑटस देकर करार समाƯ कर सक े गा।
परÛतु यǑद करार èवामी Ʈारा समाƯ Ǒकया जाय तो वह करार को समािƯ क े ठȤक पूव[वतȸ पांच
वषɟ मɅ या यǑद करार इससे कम अविध तक Ĥवृƣ रहा है तो करार Ĥवृƣ रहे कȧ अविध मɅ èमारक
क े अनुर¢ण पर राÏय सरकार Ʈारा Ǒकए गए Ǒकसी खच[ का भुगतान राÏय सरकार को करेगा।
(4) इस धारा क े अधीन हुआ कोई करार उस åयǒƠ को भी बंधनकारȣ होगा तो इस
करार से संबƨ èमारक का èवामी होने का दावा ऐसे प¢ से , इसक े जǐरये या अधीन करे ǔजस (प¢)
क े Ʈारा या ǔजसी ओर से करार िनçपाǑदत Ǒकया गया हो।
6. यǑद Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक का èवामी अशकत हो या वह èमारक Ēाम-संपǒƣ हो, तो उस èमारक क े संबंध मɅ
धारा 5 क े अधीन कȧ èवामी कȧ शǒƠयɉ का Ĥयोग करने क े िलए स¢म åयǒƠ:-
(1) यǑद Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक का èवामी नाबािलग होने या Ǒकसी समय अशकतता क े
कारण èवयं काय[ करने मɅ असमथ[ हो तो उसकȧ ओर से काम करने क े िलए ǒविधत, स¢म åयǒƠ
धारा 5 Ʈारा èवामी को Ĥदƣ शǒƠयɉ का Ĥयोग कर सक े गा।
(2) Ǒकसी ऐसे सुरǔ¢त èमारक कȧ दशा मɅ जो Ēाम संपǒƣ हो, मुǔखया या ऐसी संपǒƣ क े
Ĥबंध को शǒƠयɉ का Ĥयोग करने वाला कोई अÛय Ēाम पदािधकारȣ धारा 5 Ʈारा èवामी कȧ Ĥदƣ
शǒƠयɉ का Ĥयोग कर सक े गा।
(3) इस धारा कȧ Ǒकसी बात से ऐसा कोई åयǒƠ जो उस åयǒƠ से िभÛन धम[ का हो
ǔजसकȧ ओर से वह काम कर रहा हो, Ǒकसी ऐसी सुरǔ¢त èमारक क े संबंध मɅ कोई करार करने
िनçपाǑदत करने क े िलए शǒƠ Ĥदƣ नहȣं समझा जायेगा, जो (èमारक) या ǔजसका कोई भाग
िनयतकािल Ǿप से उस संĤदाय कȧ धािम[क पूजा या अनुƵान क े िलए उपयोग मɅ लाया जाता
हो।
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7. Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक कȧ मरàमत क े िलए धम[èव का उपयोग:-
(1) यǑद कोई èवामी या अÛय åयǒƠ जो Ǒकसी सुरǔ¢त èमाकर क े अनुर¢ण क े िलए धारा 5 क े अधीन
करार करने मɅ स¢म हो , ऐसा कार करना अèवीकार करɅ या न करɅ, और यǑद ऐसे èमारक को अÍछȤ
हालत मɅ रखने क े िलए या अÛय Ĥयोजनɉ क े साथ-साथ इसक े Ĥयोजनाथ[ भी कोई धम[èव सृǔजत हो
तो राÏय सरकार ऐसे धम[èव या उसक े Ǒकसीभाग क े समुिचत उपयोग क े िलए ǔजला Ûयायाधीश क े
Ûयायालय मɅ वाद चला सक े गी या यǑद èमारक कȧ मरàमत का ĤाÈकिलत खच[ पचास हजार Ǿपये
से अिधक नहȣं हो, तो ǔजला Ûयायाधीश क े पास आवेदन कर सक ेगी।
(2) उपरधारा-1 क े अधीन Ǒकसी आवेदन कȧ सुनवाई करते समय ǔजला Ûयायाधीश èवामी कȧओर Ǒकसी
ऐसे åयǒƠ को सàमन कर सक े गा और उसकȧ परȣ¢ा कर सक े गा, ǔजसका साêय लेना उसे आवæयक
जान पड़े तथा धम[èव या उसक े Ǒकसी भाग क े समुिचत उपयोग क े िलए आदेश दे सक े गा और ऐसे
Ǒकसी आदेश को उसी Ĥकार िनçपाǑदत Ǒकया जा सक ेगा, मानो वह Ǒकसी दȣवानी Ûयायालय कȧ ǑडĐȧ
हो।
8. करार न करना या करने से अèवीकार करना:-
(1) यǑद कोई èवामी या अÛय åयǒƠ जो Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक क े अनुर¢ण क े िलए धारा 5 क े अधीन
करार करने क े िलए स¢म हो, ऐसा करार करना अèवीकार करे या न करे तो राÏय सरकार धारा 5
कȧ उपधारा (2) मɅ उǔãलǔखत Ǒकसी या सभी बातɉ का उपबंध करने क े िलए आदेश दे सक े गी तथा
ऐसा आदेश èवामी या उस अÛय åयǒƠ और ऐसे हर åयǒƠ क े िलए बंधनकारȣ
होगी, जो उस èवामी या उस अÛय åयǒƠ से उसक े जǐरये या अधीन उस èमारक पर हक का दावा
करता हो।
(2) उपधारा (1) क े अधीन Ǒदए गये Ǒकसी आदेश मɅ वह उपबंध हो Ǒक èमारक का
अनुर¢ण èवामी या करार करने मɅ स ¢म कोई अÛय åयǒƠ करेगा , तो èमारक क े अनुर¢ण क े सारे
समुिचत खच[ भुगतान राÏय सरकार करेगी।
(3) उपधारा (1) क े अधीन कोई आदेश तब तक न Ǒदया जायेगा जब तक Ǒक èवामी या
अÛय åयǒƠ को Ĥèताǒवत आदेश क े ǒवǾƨ िलǔखत अिभवेदन करने का अवसर न दे Ǒदया गया हो।
9. धारा 5 क े अधीन Ǒकये गये करार क े उãलंघन क े Ĥितषेध का आदेश देने कȧ शǒƠ:-
(1) यǑद िनदेशक को आशंका हो Ǒक Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक का èवामी या दखलकार धारा 5 क े अधीन
िनçपाǑदत करार क े बंधेजɉ का उãलंघन करते हुए èमारक को नƴ करना, हटाना, पǐरवित[त करना,
ǒवǾǒपत करना, खतरा पहुँचाना या उसका दुǾपयोग करना चाहता है, उसक े िनकट भवन बनाना चाहता
है तो िनदेशक èवामी या दखलकार को िलǔखत अिभवेदन करने का अवसर देने क े बाद, करार क े ऐसे
उãलंघटन क े Ĥितषेध का आदेश दे सक े गा।
परÛतु Ǒकसी ऐसे मामले मɅ ऐसा अवसर देने कȧ जǾरत नहȣं है जहाँ अिभिलǔखत Ǒकये जाने वाले
कारणɉ से, िनदेशक का समाधान हो जाय Ǒक ऐसा करना Ǒहतकर या åयवहाǐरक नहȣं है।
(2) इस धारा क े अधीन Ǒदए हुए आदेश से åयिथत कोई åयǒƠ यथाǒवǑहत समय क े
भीतर और रȣित से राÏय सरकार क े पास अपील कर सक े गा और इस पर राÏय सरकार का िनण[य
अǔÛतम होगा।
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10. करार का Ĥवत[न:-
(1) यǑद कोई èवामी या अÛय åयǒƠ जो धारा 5 क े अधीन िनçपाǑदत करार Ʈारा
Ǒकसी èमारक को अनुरǔ¢त करने क े िलए बाÚय है, िनदेशक Ʈारा यथािनयत समय क े भीतर कोई
ऐसा काय[ करना अèवीकार क े िलये आवæयक हो, तो िनदेशक Ǒकसी åयǒƠ को ऐसा काय[ करने क े
िलए Ĥािधकृत कर सक े गा, और वह èवामी या अÛय åयǒƠ ऐसा काय[ करने का खच[ या खच[ का
उतना अंश देने का भागी होगा ǔजतना वह èवामी करार क े अधीन भुगतान कराने का भागी हो।
(2) यǑद उपधारा (1) क े अधीन èवामी या अÛय åयǒƠ Ʈारा भुगतेय खच[ कȧ रकम क े बारे मɅ कोई
ǒववाद उठे तो वह राÏय सरकार क े पास भेज Ǒदया जायेगा और उसका िनण[य अǔÛतम होगा।
11. क ु छ नीलामɉ क े खरȣददार और èवामी क े जǐरये दावा करने वाली åयǒƠ, èवामी Ʈारा िनçपाǑदत िलǔखत
से बाÚय हɉगे:-
ऐसा हर åयǒƠ जो भू-राजèव क े बकाये या Ǒकसी अÛय लोक-मांग क े िलये हुए नीलाम मɅ ऐसी भूिम
खरȣदे ǔजस पर कोई ऐसा èमारक अवǔèथत हो ǔजसक े संबंध मɅ त×कालीन èवामी ने धारा 5 क े अधीन (उस
समय) कोई िलǔखत िनçपाǑदत Ǒकया हो और ऐसा ह र åयǒƠ जो ऐसा िलǔखत िनçपाǑदत करने वाले Ǒकसी
èवामी से उसक े जǐरये या उसक े अधीन Ǒकसी èमारक पर हक का दवा करे, उस िलǔखत से बाÚय होगा।
12. सुरǔ¢त èमारक का अज[न:-
यǑद राÏय सरकार को यह आशंका हो Ǒक Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक क े नƴ, ¢ितĒèत, दुǾपयोǔजत होने
या शीण[ होने को छोड़ Ǒदए जाने का खतरा है तो वह लɇड एǔÈवजीशन एैÈट , 1894 (1, 1894) क े उपबंधɉ क े
अधीन उस सुरǔ¢त èमारक को अǔज[त कर सक े गी, मानो सुरǔ¢त èमारक का अनुर¢ण उकत अिधिनयम क े
अथा[Ûतग[त लोक-Ĥयोजन हो।
13. क ु छ सुरǔ¢त èमारकɉ का अनुर¢ण:-
(1) राÏय सरकार ऐसे हर èमारक का अनुर¢ण करेगी जो धारा 12 क े अधीन अǔज[त
Ǒकया गया हो या ǔजसक े संबंध मɅ धारा 4 मɅ उǔãलǔखत कोई अिधकार अǔज[त Ǒकया गया हो।
(2) धारा 4 क े अधीन Ǒकसी èमारक का अिभभावक×व Ēहण कर लेने पर िनदेशक उस
èमारक का िनरȣ¢ ण करने क े िलए सभी उिचत समयɉ पर èवंय या अपने एजɅट, अधीनèथ और
कामगारɉ क े जǐरए उस èमारक का िनरȣ¢ण करने और ऐसी सामिĒयां लाने तथा ऐसे काय[ करने क े िलए
जो वह (िनदेशक) èमारक क े अनुर¢णाथ[ आवæयक या वांछनीय समझे , उस èमारक पर जाने का अिधकार
होगा।
14. èवैǔÍछक अंशानुदान:-
िनदेशक Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक क े अनुर¢ण संबंधी खच[ क े िलए èवैǔÍछक अंशानुदान ĤाƯ कर सक े गा और
इस Ĥकार ĤाƯ अंशानुदानɉ क े Ĥबंध और उपयोग क े िलए यथावæयक सामाÛय या ǒवशेष िनदȶश दे
सक े गा:
परÛतु इस धारा क े अधीन ĤाƯ कोई अंशानुदान , ǔजस Ĥयोजन क े िलए वह Ǒदया गया हो ,
उससे िभÛन Ĥयोजन मɅ नहȣं लगाया जायेगा।
15. दुǾपयोग से तथा दुǒषत या अपǒवğ होने से पूजा-èथल कȧ र¢ा:-
(1) इस अिधिनयम क े अधीन राÏय सरकार Ʈारा अनुरǔ¢त ऐसे सुरǔ¢त èमारक का, जो पूजा का èथान
या तीथ[ èथान हो, उपयोग उसकȧ ĤितƵा क े Ĥितक ु ल Ǒकसी Ĥयोजन मɅ न Ǒकया जायेगा।
8 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
(2) जब राÏय सरकार ने धारा 12 क े अधीन कोई सुरǔ¢त èमारक अǔज[त Ǒकया हो या जब िनदेशक ने
Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक कȧ धारा 4 क े अधीन खरȣदा या पÒटे पर िलया हो या उसे दान या वसीयत
क े Ǿप मɅ èवीकार Ǒकया हो या उसका अिभभावक×व Ēहण Ǒकया हो और जब ऐसा èमारक या
उसका कोई भाग Ǒकस सàĤदाय Ʈारा धािम[क पूजा या अनुƵानɉ क े िलए उपयोग मɅ लाया जाता हो,
तो िनदेश ऐसे èमारक या उसक े भाग को दूǒषत या अपǒवğ होने से बचाने क े िलयेः-
(क) ऐसा Ĥितषेध करक े Ǒक ऐसा कोई åयǒƠ, जो उƠ èमारक या उसक े Ǒकसी भाग को उपयोग
मɅ लाने वाले सàĤदाय कȧ धािम[क Ĥथाओं क े अनुसार वहां जाने का हकदार नहȣं है, उƠ
èमारक या उसक े Ǒकसी भाग क े धािम[क भारसाधक åयǒƠयɉ कȧ, यǑद हो, सàमित से ǒवǑहत
शतɟ क े अनुसार हȣ उसमɅ Ĥवेश कर सक े गा अÛयथा नहȣं, या
(ख) ऐसी अÛय कार[वाई करक े जो िनदेशक इस िनिमƣर आवæयक समझɅ, उिचत åयवèथा करेगा।
16. Ǒकसी èमारक क े संबंध मɅ राÏय सरकार क े अिधकारɉ का पǐर×याग राÏय सरकार कȧ मंजूरȣ से, िनदेशक:-
(क) जब िनदेशक ने इस अिधिनयम क े अधीन Ǒकसी èमारक क े संबंध मɅ Ǒकसी ǒबĐȧ, पÒटे, दान या
वसीयत क े जǐरये अǔज[त Ǒकया गया कोई अिधकार सरकारȣ गजट मɅ अिधसूचना िनकाल कर इस Ĥकार
अǔज[त अिधकारɉ का पǐर×याग उस åयǑकत क े Ǒहत मɅ करेगा जो उस समय उस èमारक का èवामी होता
पǐर×यƠ कर सक े ा यǑद ऐसा अिधकार अǔज[त नहȣं Ǒकया गया होता, या
(ख) इस अिधिनयम क े अधीन Ēहण Ǒकये गये Ǒकसी èमारक क े अिभभावक×व का पǐर×याग कर सक े गा।
17. सुरǔ¢त èमारकɉ मɅ Ĥवेश का अिधकार:-
इस अिधिनयम क े उपबंधɉ और इसक े अंतग[त बने िनयमɉ क े अधीन रहते हुए सव[साधारण को Ǒकसी सुरǔ¢त
èमारक मɅ Ĥवेश का अिधकार होगा।
सुरǔ¢त ¢ेğ
18. सुरǔ¢त ¢ेğ मɅ संपǒƣ-अिधकारɉ क े उपभोग पर Ĥितबंध:-
(1) Ǒकसी सुरǔ¢त ¢ेğ क े èवामी या दखलकार सǑहत कोई åयǒƠ, राÏय सरकार कȧ अनुमित क े ǒबना न
तो Ǒकसी सुरǔ¢त ¢ेğ क े भीतर कोई भवन या अÛय िनमा[ण काय[ करेगा, न उस ¢ेğ मɅ खनन , उ×खनन,
खुदाई, ǒवèफोट या इस Ĥकार का कोई अÛय काय[ करेगा , ओर न उस ¢ेğ या उसक े Ǒकसी भाग का अÛय
उपयोग करेगा।
परÛतु इस उपधारा क े उपबंध से Ǒकसी ऐसे ¢ेğ या उसक े Ǒकसी भाग का कृǒष क े िलए उपयोग
Ĥितǒषƨ न समझा जायेगा, यǑद कृǒष क े िलए सतह से एक फ ु ट से अिधक गहरȣ िमÒटȣ खोदना न पड़े।
(2) राÏय सरकार, आदेश Ʈारा, यह िनदेश दे सक े गी Ǒक उपधारा(1) क े उपबÛधɉ क े ǒवǾƨ Ǒकसी सुरǔ¢त
¢ेğ क े भीतर Ǒकसी åयǒƠ Ʈारा िनिम[त भवन या अÛय िनमा[ण उǔãलǔखत अविध क े भीतर हटा Ǒदया जाय
और यǑद वह åयǒƠ उस आदेश का अनुपालन करना अèवीकार करे या उसका पालन न करे तो िनदेशक उस
भवन को हटवा सक े गा और भवन हटवाने का खच[ उस åयǑकत Ʈारा देय होगा।
19. सुरǔ¢त ¢ेğ अǔज[त करने कȧ शǒƠ:-
यǑद राÏय सरकार Ǒकसी èमारक /संरǔ¢त èथल/¢ेğ का संर¢ण आवæयक समझे तो भू -अज[न
अिधिनयम (लɇड एǔÈवजीशन ऐÈट), 1894, (1, 1894) क े उपबंधɉ क े अधीन उस ¢ेğ को लोक Ĥयोजन क े Ǒहत
मɅ अǔज[त कर सक े गी।
9 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
पुराताǔ×वक खुदाई
20. सुरǔ¢त ¢ेğɉ मɅ खुदाई:-
कोई पुरात×व पदािधकारȣ या उसक े Ʈारा इसक े िलए Ĥािधकृत कोई पदािधकारȣ या इस अिधिनयम क े
अधीन इसक े िलए Ǒदया गया लाइसɅस धारण करने वाला कोई åयǒƠ (आगे लाइसɅसधारȣ क े Ǿप मɅ िनǑद[ƴ)
िनदेशक और èवामी कȧ िलǔखत सूचना देने क े बाद, Ǒकसी सुरǔ¢त ¢ेğ मɅ Ĥवेश और उसकȧ खुदाई कर
सक े गा अगर Ĥाचीन èमारक एवं पुरात×व-èथल और अवशेष अिधिनयम , 1958 (24, 1958) कȧ धारा 24 क े
उपबंधɉ क े Ĥितक ु ल न हो।
21. सुरǔ¢त ¢ेğɉ से िभÛन ¢ेğɉ मɅ खुदाई:-
Ĥाचीन èमार एवं पुरात×व-èथल और अवशेष अिधिनयम, 1958, (24, 1958) कȧ धारा 24 क े उपबंधɉ क े
अधीन रहते हुए यǑद Ǒकसी पुरात×व पदािधकारȣ क े पास ऐसा ǒवƳास करने का कारण हो Ǒक सुरǔ¢त ¢ेğ से
िभÛन Ǒकसी ¢ेğ मɅ ऐितहािसक या पुराताǔ×वक मह×व क े खँडहर या पुरावशेश है तो वह या उसक े Ʈारा इसक े
िलए Ĥािधकृत कोई पदािधकारȣ, िनदेशक और èवामी को िलǔखत सूचना देने क े बाद, उस ¢ेğ मɅ Ĥवेश और
उसकȧ खुदाई कर सक े गा। अगर Ĥाचीन èमारक एवं पुरात×व-èथल और अवशेष अिधिनयम , 1958 (24, 1958)
कȧ धारा 24 क े उपबंधɉ क े Ĥितक ुल न हो।
22. खुदाई-काय[ क े िसलिसले मɅ िमले पुरावशेष आǑद का अिनवाय[ अज[नः-
(1) जब धारा 20 या धारा 21 क े अधीन Ǒकसी ¢ेğ मɅ कȧ गई खुदाई मɅ कोई पुरावशेष िमले तो,
यथाǔèथित, पुरात×व पदािधकारȣ या लाइसɅसधारȣ।
(क) यथाशीē उन पुरावशेषɉ कȧ जांच करेगा और राÏय सरकार को यथाǒवǑहत
रȣित से और यथाǒवǑहत ǒववरण क े साथ एक Ĥितवेदन देगा।
(ख) खुदाई-काय[ समाƯ होने पर इन पुरावशेषɉ क े Ĥकार क े संबंध मɅ उस भूिम
क े èवामी को िलǔखत सूचना देगा ǔजस भूिम से ये पुरावशेष ĤाƯ हुए हɉ।
(2) जब तक उपधारा (3) क े अधीन ऐसे पुरावशेषɉ का अिनवाय[ अज[न का आदेश नहȣं Ǒदया जाय तब
तक, यथाǔèथित पुरातǂव-पदािधारȣ या लाइसɅसधारȣ उÛहɅ ऐसी सुरǔ¢त अिभर¢ा मɅ रखेगा जो ठȤक
समझे।
(3) उपधारा (1) क े अधीन Ĥितवेदन िमलने पर राजय सरकार ऐसे ǑकÛहȣं पुरावशेषɉ का
अिनवाय[ अज[न का आदेश दे सक े गी।
(4) जब उपधारा (3) क े अधीन Ǒकसी पुरावशेष क े अिनवाय[ अज[न का आदेश Ǒदया जाए तब वह पुरावशेष
आदेश कȧ तारȣख से राÏय सरकार मɅ िनǑहत हो जायेगा।
23. पुराताǔ×वक Ĥयोजनɉ क े िलए खुदाई आǑद:-
धारा 21 मɅ यथा उपबंिधत ǔèथित को छोड़कर कोई पुरातǂव - पदािधकारȣ या अÛय पदािधकारȣ , राÏय
सरकार क े पूव[ अनुमोदन ǒबना और राÏय सरकार Ʈारा एतदथ[ बनाये गये िनयमɉ या Ǒदए गए िनदȶशɉ का
अनुसरण Ǒकए ǒबना , ऐसे ¢ेğ मɅ , जो सुरǔ¢त ¢ेğ न हो , पुराताǔ×वक Ĥयोजनɉ क े िलए कोई खुदाई या इस
तरह का कोई अÛय काय[ न तो करेगा, न Ǒकसी åयǒƠ को ऐसा करने क े िलए Ĥािधकृत हȣ करेगा।
पुरावशेषɉ का सुर¢ण
24. पुरावशेषɉ क े èथानाÛतरण पर िनयंğण रखने कȧ राÏय सरकार कȧ शǒƠ:
10 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
1. (1) यǑद राÏय सरकार समझे Ǒक कोई पुरावशेष या पुरावशेष -वग[ उसकȧ मंजूरȣ क े ǒबना Ǒकसी
èथान से नहȣं हटाया जाना चाǑहए , जहां वह रखा गया है , तो राÏय सरकार सरकारȣ गजट मɅ अिधसूचना Ʈारा
यह िनदेश दे सेगी Ǒक ऐसा कोई पुरावशेष या पुरावशेष -वग[ िनदेश को िलǔखत अनुमित क े ǒबना नहȣं हटाया
जा सक े गा।
(2) उपधारा (1) क े अधीन अनुमित क े िलए हरेक आवेदन-पğ यथाǒवǑहत Ĥपğ मɅ होगा और उसमɅ
यथाǒवǑहत ǒवरण Ǒदये जायɅगे।
(3) अनुमित कȧ अèवीकृित क े आदेश क े ǒवǾƨ राÏय सरकार क े पास अपील कȧ जा सक े गी
ǔजसका िनण[य अंितम होगा।
2. राÏय क े अÛतग[त Ǒकसी भी åयǒƠ Ʈारा रǔ¢त पुरावशेष (मूित[, िचğकारȣ, अिभलेख, Ĥाचीन भवन आǑद
का कला×मक खंǑडत अं श, पाÖडुिलǒप, िशãप आǑद) का िनबंधन , पुरातǂव ǒवभाग मɅ कराना अिनवाय[ होगा
ǔजसक े िलए एक पुराताǔ×वक पदािधकारȣ मनोनीत होगा। इस अिधिनयम मɅ िनधा[ǐरत Ĥावधान क े ǒवपरȣत
काय[ करने वाला åयǒƠ 25,000 Ǿपये तक दंड अथवा तीन माह तक क े कारावास अथवा दोनɉ से दÖडनीय
होगा।
25. राÏय सरकार Ʈारा पुरावशेषɉ का अज[न:
(1) यǑद राÏय सरकार को यह आशंका हो Ǒक धारा 24 कȧ उपधारा (1) क े अधीन जारȣ कȧ गई
अिधसूचना मɅ उǔãलǔखत Ǒकसी पुरावशेष क े नƴ, èथानाÛतǐरत, ¢ितĒèत दुǾपयोǔजत होने या शीण[ होने का
भय है अथवा राÏय सरकार कȧ यह राय है Ǒक उƠ पुरावशेष को उसक े ऐितहािसक या पुरात×वीय मह×व क े
कारण Ǒकसी साव[जिनक èथान मɅ सुरǔ¢त रखना वांछनीय है , तो राÏय सरकार उƠ पुरावशेष क े èवामी को
उसक े अज[न क े संबंध मɅ नोǑटस देगा।
(2) जब Ǒकसी पुरावशेषɉ क े संबंध मɅ उपधारा (1) क े अधीन अिनवाय[ अज[न कȧ नोǑटस दȣ जाए, तब ऐसा
पुरावशेष नोǑटस कȧ तारȣख से हȣ राÏय सरकार मɅ िनǑहत हो जाएगा।
(3) इस धारा Ʈारा Ĥदƣ अिनवाय[ अज[न शǒƠ यथाथ[ धािम[क अनुƵानɉ मɅ वèतुतः Úवèत Ǒकसी Ĥितमा
या Ĥतीक पर लागू न होगी।
मूãयांकन एवं मआवजɅ क े िसƨाÛत
26. हािन या ¢ित क े िलए मुआवजा:-
यǑद भूिम क े Ǒकसी èवामी या दखलकार को अपनी Ǒकसी भूिम मɅ Ĥवेश या खुदाई Ǒकये जाने क े
कारण अथवा इस अिधिनयम Ʈारा Ĥदƣ Ǒकसी अÛय शǒƠ क े Ĥयोग क े चलते कोई हािन, ¢ित या उस भूिम
से होने वाले मुनाफ े मɅ कमी हुई हो तो राÏय सरकार उसे ऐसी हािन , ¢ित या मुनाफ े कȧ कमी क े िलये
मुआवजा देगी।
27. मूãय या मुआवजे का िनधा[रण:-
(1) जब Ǒकसी ऐसी भूिम क े मूãय या मुआवजे क े संबंध मɅ, ǔजसे राÏय सरकार इस अिधिनयम क े अधीन
उƠ मूãय पर अǔज[त करने क े िलए शǒƠ-संपÛन है, या इस अिधिनयम क े अधीन Ǒकए गए Ǒकसी काय[ क े
िलये राÏय सरकार Ʈारा Ǒदये जाने वाले मुआवजे क े संबंध मɅ ǒववाद उठे, तो वह मूãय या मुआवजे कȧ रकम,
लɇड एǔÈवजीशन ऐÈट , 1894 (1, 1894) कȧ धारा 3, 5, 8 से 34, 45, 46, 51 और 52 मɅ उपबंिधत रȣित से , जहाँ
तक ये धाराएँ लागू होती हɉ, िनǔƱत कȧ जायेगी।
11 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
परÛतु, लɇड एǔÈजजीशन ऐÈट क े अधीन जांच करते समय समाहता[ दो असेसरɉ कȧ सहायता लेगा,
ǔजनमɅ से एक राÏय सरकार Ʈारा िनयत समय क े भीतर मनोनीत स¢म åयǒƠ होगा और दूसरा åयǒƠ संबंƨ
èवामी Ʈारा अथवा यǑद उƠ èवामी इसक े िलए समाहता[ Ʈारा िनयत समय क े भीतर असेसर मनोनीत न करे,
तो èवयं समाहता[ Ʈारा मनोनीत होगा।
(2) जब Ǒकसी ऐसे पुरावशेष क े मूãय क े संबंध मɅ, ǔजसे राÏय सरकार इस अिधिनयम क े अधीन उƠ
मूãय पर अǔज[त करने क े िलए शǒƠ सàपÛन है, या इस अिधिनयम क े अधीन Ǒकये गये काय[ क े िलये, राÏय
सरकार Ʈारा Ǒदये जाने वाले मूãय क े संबंध मɅ ǒववाद उठे तो समाहता[ दो असेसरɉ कȧ सहायता लेगा ǔजसमɅ
एक राÏय सरकार Ʈारा मनोनीत स¢म åयǒƠ हो और दूसरा åयǒƠ संबƨ èवामी Ʈारा अथवा यǑद उƠ èवामी
इसक े िलए समाहता[ Ʈारा िनयत समय क े भीतर असेसर मनोनीत न करɅ, तो èवयं समाहता[ Ʈारा मनोनीत
होगा।
(3) उपधारा (1) या लɇड एǔÈवजीशन ऐÈट , 1894 (1, 1894) मɅ Ǒकसी बात क े होते हुए भी, ऐसे Ǒकसी
पुरावशेष का ǔजसक े अिनवाय[ अज[न क े संबंध मɅ धारा 22 कȧ धारा (2) या धारा 25 कȧ उपधारा (1) क े अधीन
आदेश Ǒदया गया हो , मूãय या मुआवजा िनधा[ǐरत करते समय उƠ पुरावशेष क े ऐितहािसक या पुरात×वीय
मह×व क े कारण उसक े मूãय मɅ हुई वृǒƨ पर ǒवचार नहȣं Ǒकया जायेगा।
Ĥकȧण[
28. शǒƠ का Ĥ×यायोजन:-
राÏय सरकार सरकारȣ गजट मɅ अिधसू चना Ʈारा यह िनदȶश दे सक े गी Ǒक इस अिधिनयम Ʈारा या
उसक े अधीन राÏय-सरकार कȧ Ĥदƣ शǒƠयɉ का Ĥयोग, उस िनदȶश मɅ उǔãलǔखत शतɟ क े अधीन रहते हुए,
राÏय सरकार क े अधीनèथ ऐसे पदािधकारȣ या Ĥािधकारȣ भी कर सक Ʌ गे जो उस िनदȶश मɅ उǔãलǔखत हɉ।
29. पुरावशेष क े åयापार क े िलये लाइसɅस:-
कोई भी åयǒƠ , एǔÛटǔÈवटȣज एÖड आई Ěेजस[ ऐÈट, 1972 (52, 1972) कȧ धारा 8 क े उपबंधɉ क े
अनुसार क े Ûġȣय सरकार Ʈारा Ǒदये गये लाइसɅस क े अधीन हȣ ǑकÛहȣं पुरावशेषɉ एवं कला िनिधयɉ का åयापार
कर सक े गा, अथवा नहȣं।
30. पुरावशेष कȧ ǒबĐȧ, आǑद का वज[न:-
कोई भी åयǒƠ एǔÛटǔÈवटȣज एÖड आट[ Ěेजस[ ऐÈट, 1972 (52, 1972) कȧ धारा 5 एवं 8 क े उपबंधɉ क े
अधीन रहते हुए राÏय सरकार कȧ अनु£ा क े ǒबना, न तो Ǒकसी पुरावशेष या कलािनिध कȧ ǒबĐȧ करेगा , न
उसे हटायेगा अथवा उसका दान करेगा या उसक े èवािम×व को अÛयथा अंतǐरत करेगा।
31. Ǒकसी पुरावशेष कȧ जांच करने और उसका फोटोĒाफ लेने का Ĥािधकारः-
राÏय सरकार Ʈारा इस िनिमƣ Ĥािधकृत कोई पुरात×व पदािधकारȣ , Ǒकसी ऐसे पुरावशेष कȧ जांच कर
सक े गा और उसका फोटोĒाफ ले सक े गा जो Ǒकसी åयǒƠ या धािम[क संèथा अथवा (Ĥाइवेट) िनजी संĒहालय
क े कÞजे या अिभर¢ा मɅ हो।
32. Ǒकसी पुरावशेष क े बारे मɅ घोषणा:-
(1) जो कोई åयǒƠ Ǒकसी पुरावशेष का èवामी हो अथवा कोई पुरावशेष उसक े कÞजे, अिभर¢ा या िनयंğण
मɅ हो , वह इस अिधिनयम क े Ĥारंभ क े साठ Ǒदनɉ क े भीतर इस आशय कȧ घोषणा िनदेशक को अथवा
यथाǒवǑहत Ĥािधकारȣ को यथाǒवǑहत फारम मɅ करेगा।
12 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
(2) इस अिधिनयम क े Ĥवृƣ होने क े बाद, जो कोई åयǒƠ Ǒकसी पुरावशेष का èवामी हो अथवा कोई
पुरावशेष उसक े कÞजे, अिभर¢ा या िनयंğण मɅ आये वह ऐसे पुरावशेष को èवामी होने या उसे अपने कÞजे ,
अिभर¢ा या िनयंğण मɅ लेने क े पÛġह Ǒदनɉ क े भीतर िनदेशक अथवा यथाǒवǑहत Ĥािधकारो, को, यथाǒवǑहत
फॉरम मɅ इस आशय कȧ घोषणा करेगा परÛतु उपयु[Ơ उपबंध भारतीय पुरात×व सवȶ¢ण क े पदािधकाǐरयɉ पर
लागू नहȣं हɉगे।
33. पुरावशेश क े खो जाने कȧ ǐरपोट[:-
जो कोई åयǒƠ Ǒकसी पुरावशेष का èवामी हो अथवा (कोई पुरावशेष) उसक े कÞजे, अिभर¢ा या
िनयंğण मɅ कोई पुरावशेष हो , वह उसक े खोने या नष्अ होने कȧ दशा मɅ पुरावशेष क े खोने या नƴ होने क े
साठ Ǒदनɉ क े भीतर यथाǒवǑहत Ĥािधकारȣ को यथाǒवǑहत फॉरम मɅ इसकȧ जानकारȣ देगा।
34. Ĥवेश, तलाशी, जƯी इ×याǑद कȧ शǒƠ:-
(1) कोई åयǒƠ जो सरकारȣ पदािधकारȣ हो तथा जो एतदथ[ राÏय सरकार Ʈारा Ĥािधकृत हो , इस
अिधिनयम क े उपबÛधɉ क े अनुपालन हेतु अथवा अपने को संतुƴ करते हुए Ǒक इस अिधिनयम क े उपबंध
अनुपािलत हुए हɇ:-
( i) Ǒकसी èथान मɅ Ĥवेश तथा उसी तलाशी कर सकता है।
(ii ) Ǒकसी पुरावशेष अथवा कलािनिध को जƯ करसकता है ǔजसक े संबंध मɅ उसे संदेह हो Ǒक इस
अिधिनयम का कोई उपबंध उãलंिघत हुआ है अथवा हो रहा है अथवा होने वाला है तथा त×पƱात् इस Ĥ कार
जƯ पुरावशेष अथवा कलािनिध को Ûयायालय मɅ पेश (Ĥèतुत) करने हेतु तथा पेश करने क े समय तक उसकȧ
पूण[ अिभर¢ा क े िनिमƣ समèत आवæयक उपाय कर सकता है।
(2) तलाशी और जƯी से संबंिधत आपारािधक दंड ĤǑĐया संǑहता , 1973 कȧ धारा 100(1), 100(3), 100(4)
एवं 100 (5) क े उपबंध, जहाँ तक संभव हो, इस धारा क े अÛतग[त तलाशी और जƯी मɅ भी लागू हɉगे।
35. कोई वèतु आǑद पुरावशेष अथवा कलािनिध है अथवा नहȣं, इसे िनǔƱत करने कȧ शǒƠ:-
यǑद ऐसा Ĥư उठे Ǒक कोई वèतु, पदाथ[, चीज अथवा हèतलेख, िलǔखत Ĥमाण अथवा अÛय Ĥलेख इस
अिधिनयम क े अÛतग[त पुरावशेष अथवा कलािनिध है Ǒक नहȣं, िनदेशक, पुराततव एवं संĒहालय , झारखÖड
अथवा उसक े Ʈारा Ĥािधकृत Ǒकसी पदािधकारȣ को यह मामला सɋप Ǒदया जायेगा तथा िनदेशक अथवा
Ĥािधकृत पदािधकारȣ का िनण[य अंितम होगा।
36. शाǔèत:-
(1) यǑद कोई åयǒƠ:-
(क) Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक को नƴ, èथानाÛतǐरत, ¢ितĒèत, पǐरवित[त, ǒवǾǒपत,
आपदाĒèत या दुÜपयोǔजत करɅ, या
(ख) Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक का èवामी या दखलकार होते हुए धारा 8 कȧ उपधारा
(1) या धारा 9 कȧ उपधारा (1) क े अधीन Ǒकसी आदेश का उãलंघन करɅ, या
(ग) Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक से कोई मूित[, नÈकाशी, Ĥितमा, अÚयािचत, पुरालेख या
इस Ĥकार कȧ कोई अÛय वèतु हटाये, या
(घ) धारा-18 कȧ उपधारा (1) का उãलंघन करते हुए कोई काय[ करɅ, या
(ड.) धारा-32 कȧ अपे¢ानुसार घोषणा करने मɅ असफल रहे, या
13 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
(च) धारा-33 कȧ अपे¢ाओं क े अनुसार सूचना देने मɅ असफल रहे, तो उसे तीन
महȣने तक क े कारावास का या पांच हजार Ǿपये तक क े जुमा[ने का या दोनɉ Ĥकार का दÖड
Ǒदया जा सक े गां
(2) जो åयǒƠ:-
(क) राÏय सरकार Ʈारा अनुदान लाइसɅस क े ǒबना पुरावशेष का åयापार करेगा,
अथवा
(ख) राÏय सरकार कȧ अनुमित क े ǒबना कोई पुरावेशष या कलािनिध बेचेगा,
हटाएगा या उसे दान करेगा या अÛयथा उसक े èवािम×व या अÛतरण करेगा, अथवा
(ग) Ǒकसी मंǑदर, पुरात×व èथल, Ĥाइवेट संĒहालय अथवा मह×वपूण[ धािम[क èथान
से Ǒकसी पुरावशेष या कलािनिध कȧ चोरȣ करेगा , वह तीन वष[ तक क े कारावास या पचास
हजार Ǿपये तक क े जुमा[ने से या दोनɉ से दंडनीय होगा।
(3) यǑद कोई åयǒƠ धारा 24 कȧ उपधारा (1) क े अधीन जारȣ कȧ गयी अिधसूचना का उãलंघन करते हुए
कोई पुरावशेष हटावे, तो उसे पÍचीस हजार Ǿपये तक क े जुमा[ने का दंड Ǒदया जा सक े गा और
Ûयायालय Ǒकसी åयǒƠ को ऐसे उãलंघन का दोषी ठहराते हुए कोई पुरावशेष हटावɅ , तो उसे पÍचीस
हजार Ǿपये तक क े जुमा[ने का दंड Ǒदया जा सक े गा और Ûयायालय Ǒकसी åयǑकत को ऐसे उãलंघन
का दोषी ठहराते हुए यह आदेश दे सक े गा Ǒक वह åयǒƠ उƠ पुरावशेष कȧ उसी जगह पुनःèथाǒपत
कर दे जहाँ से वह हटाया गया हो।
37. अपराधɉ क े परȣ¢ण का ¢ेğािधकार:-
ǑƮतीय Įेणी Ûयायाियक दंडािधकारȣ Ûयायालय से िनàन èतर का कोई Ûयायालय इस अिधिनयम क े
अधीन Ǒकसी अपराध का परȣ¢ण न करेगा।
38. क ु छ अपराध सं£ेय हɉगे:-
दÖड ĤǑĐया संǑहता 1973 मɅ Ǒकसी बात क े होते हुए भी, धारा 36, क े उपधारा (1) क े खÖड (क) या
खÖड (ख) तथा उपधारा-2 क े खÖड-ग क े अधीन Ǒकया गया अपराध इस संǑहता क े अथ[ मɅ सं£ेय अपराध
समझा जायेगा।
39. जुमा[ने क े संबंध मɅ ǒवशेष उपबंध:-
दंड ĤǑĐया संǑहता 1973 कȧ धारा 29 मɅ Ǒकसी बात क े होते हुए भी राÏय सरकार Ʈारा इस संबंध मɅ
ǒवशेष Ǿप से शǒƠ Ĥदƣ Ĥथम Įेणी क े Ǒकसी Ûयाियक दंडािधकारȣ क े िलये यह ǒविधसंगत होगा Ǒक वह इस
अिधिनयम क े अधीन दो हजार Ǿपये से अिधक जुमा[ने से दंडनीय अपराध क े िलए दोषी ठहरायɅ गये åयǒƠ
को दो हजार Ǿपये से अिधक जुमा[ने कȧ सजा दे।
40. राÏय-सरकार को देय रकम कȧ वसूली:-
इस अिधिनयम क े अधीन Ǒकसी åयǒƠ Ʈारा राÏय सरकार को देय रकम, िनदेशक या उसक े Ʈारा इस
संबंध मɅ Ĥािधकृत Ǒकसी पुरात×व पदािधकार Ʈारा जारȣ Ǒकये गये सǑट[Ǒफक े ट पर, उसी रȣित से वसूली जायेगी
जैसे भू-राजèव का बकाया वसूला जाता है।
41. Ĥाचीन èमारक आǑद, ǔजनका सुर¢ण बाद मɅ आवæय न रह जायः-
14 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
यǑद राÏय सरकार कȧ राय मɅ इस अिधिनयम क े उपबंधɉ क े अधीन Ǒकसी Ĥाचीन या ऐितहािसक
èमारक या पुरात×व - èथल और अवशेष का सुर¢ण आवæय न रह गया हो तो राÏय सरकार सरकारȣ गजट
मɅ अिधसूचना Ʈारा यह घोǒषत कर सक े गी Ǒक यथाǔèथित, वह Ĥाचीन एवं ऐितहािसक èमारक या पुरात×व -
èथल और अवशेष इस अिधिनयम क े Ĥयोजनाथ[ अब सुरǔ¢त ¢ेğ नहȣं रह गया।
42. भूल, आǑद क े सुधार कȧ शǒƠ:-
इस अिधिनयम क े Ʈारा या अधीन सुरǔ¢त èमारक या सुरǔ¢त ¢ेğ क े Ǿप मɅ घोǒषत Ǒकसी Ĥाचीन
èमारक या पुरात×व èथल और अवशेष क े ǒववरण मɅ यǑद कोई लेखन-अशुǒƨ, èपƴ गलती या आकǔèमक
भूल-चूक क े फलèवǾप ğुǑट हुई हो तो , उसे राÏय सरकार, Ǒकसी भी समय, सरकारȣ गजट मɅ अिधसूचना Ʈारा
शुƨ कर सक े गी।
43. इस अिधिनयम क े अधीन कȧ गई कार[वाइY कȧ र¢ा:-
इस अिधिनयम Ʈारा Ĥदƣ , शǒƠ क े Ĥयोग मɅ Ǒकए गए या सƫावपूव[क Ǒकए जाने से अिभĤेत Ǒकसी
काम क े संबंध मɅ Ǒकसी लोक सेवक क े ǒवǾƨ मुआवजा क े िलए वाद न चलया जाएगा, न कोई दंड-काय[वाहȣ
हȣ चलाई जायेगी।
44. िनयम बनाने कȧ शǒƠ:-
(1) राÏय-सरकार गजट मɅ अिधसूचना Ʈारा इस अिधिनयम क े Ĥयोजनɉ क े काया[Ûवयन क े िलये िनयम
बना सक े गा।
(2) ǒवशेष Ǿप से तथा पूव[ गामी शǒƠ कȧ åयापकता पर ǒवपरȣत Ĥभाव डाले ǒबना , ऐसे िनयमɉ मɅ िनàन
Ǒकसी या सभी बातɉ का उपबंध Ǒकया जा सक े गा।
(क) Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक क े िनकट खनन, उ×खनन, खुदाई, ǒवèफोट या इस
Ĥकार का कोई अÛय काय[ अथवा ऐसे èमारक से सटȣ भूिम पर भवन -िनमा[ण और कोई अĤािधकृत
भवन तोड़ना, Ĥितिसƨ करना अथवा लाइसɅस Ʈारा या अÛयथा ǒविनयिमत करना।
(ख) सुरǔ¢त ¢ेğɉ मɅ पुरातǂवीय Ĥयोजनाथ[ खुदाई करने क े िलए लाइसɅस और
अनुमित देना , Ĥािधकाǐरयɉ Ʈारा और Ǒकन शतɟ और बंधेजɉ क े अधीन रहते हुए ऐसे लाइसɅस Ǒदये
जायɅगे, लाइसɅस-धाǐरयɉ से Ĥितभूित लेना और ऐसे लाइसɅसɉ क े िलए फȧस लेना।
(ग) Ǒकसी सुरǔ¢त èमारक मɅ साव[जिनक Ĥवेश का अिधकार और इसक े िलये
फȧस यǑद कोई हो, लेना।
(घ) धारा-22 कȧ उपधारा (1) क े खंड (क) क े अधीन Ǒकसी पुरात×व पदािधकारȣ या
लाइसɅसधारȣ को ǐरपोट[ का फॉम[ और उसकȧ ǒवषयवèतु।
(ड.) धारा-18 या धारा 24 क े अधीन अनुमित क े िलये आवेदन करने का फारम
और उसमɅ भरे जाने वाले Þयोरे।
15 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
(च) इस अिधिनयम क े अधीन अपील करने का फारम और रȣित और Ǒकतने
समय क े भीतर यह दायर Ǒकया जा सक े गा।
(छ) इस अिधिनयम क े अधीन आदेश या नोǑटस तािमल करने कȧ रȣित।
(ज) पुरातǂवीय Ĥयोजनाथ[ खुदाई और इस तरह का अÛय काय[ करने कȧ रȣित, और
(झ) कोई अÛय ǒवषय, जो ǒवǑहत करना हो या Ǒकया जा सक े ।
(3) इस धारा क े अधीन बनाए गए Ǒकसी िनयम मɅ उपबंध Ǒकया जा सक े गा Ǒक उसका भंग िनàन Ǿप से दंडनीय
होगा:-
(1) उपधारा-2 क े खंड-क क े Ĥसंग मɅ बने िनयम कȧ दशा मɅ तीन महȣने तक का
कारावास या पÍचीस हजार Ǿपये तक जुमा[ना या दोनɉ।
(2) उपधारा-2 क े खंड-ख क े Ĥसंग मɅ बने िनयम कȧ दशा मɅ पÍचीस हजार Ǿपये तक
जुमा[ना, और
(3) उपधारा-2 क े खंड-ग क े Ĥसंग मɅ बने िनयम कȧ दशा मɅ पÍचीस हजार Ǿपये तक
जुमा[ना।
(4) इस धारा क े अधीन बना हरेक िनयम बनने क े बाद यथाशीē, झारखÖड ǒवधान सभा क े सम¢ जब वह सğ मɅ
हो, क ु ल चौदह Ǒदनɉ कȧ अविध क े िलये रखा जायेगा, जो चाहे एक हȣ सğ मɅ पड़े या लगातार दो सğɉ मɅ और
ǔजस सğ मɅ यह इस Ĥकार रखा जाए उस सğ या उससे ठȤक सğ कȧ समािƯ क े पूव[ यǑद झारखÖड ǒवधान
सभा िनयम मɅ कोई Ǿपभेद करने क े िलए सहमत हो, अथवा यǑद झारखÖड ǒवधान सभा सहमत हो Ǒक वह
िनयम न बनाया जाए, तो वह िनयम उसक े बाद, यथाǔèथित वैसे ǾपभेǑदत Ǿप मɅ हȣ Ĥभावी होगा या Ĥभावी
न होगा, ǑकÛतु ऐसा कोई Ǿपभेदया अवशूÛयन उस िनयम क े अधीन पहले कȧ गयी Ǒकसी बात कȧ माÛयता
पर Ĥितक ूल Ĥभाव न डालेगां
45. इस अिधिनयम का कितपय Ĥाचनी èमारकɉ या पुरात×व èथलɉ और अवशेषɉ या पुरावशेषɉ पर लागू न होना:-
इस अिधिनयम कȧ कोई बात िनàनिलǔखत ǒवषयɉ पर लागू न होगीः-
(क) ऐसे Ĥाचीन èमारकɉ या पुरात×व-èथलɉ और अवशेषɉ पर, जो एǔÛशएंट मोÛयुमɅÒस एÖड
आÈयȾलोǔजकल साईÒस ऐÖड ǐरमेÛस ऐÈट, 1958 (24, 1958) क े Ʈारा या अधीन या संसद Ʈारा
बनाई गई Ǒकसी अÛय ǒविध क े अधीन राƶीय महǂव वाले घोǒषत Ǒकए गए हɉ या इसक े बाद
घोǒषत Ǒकए जायɅ।
(ख) ऐसे पुरावशेषɉ पर , ǔजन पर ऐǔÛशएंट मोÛयुमɅÒस ऐÖड आÈयȾलोǔजकल साईÒस एÖड ǐरमेÛस ऐÈट ,
1958 (24, 1958) क े उपबंध त×काल लागू हɉ।
(ग) ऐसे Ĥाचीन èमारकɉ या पुरात×व èथलɉ और अवशेषɉ या पुरावशेषɉ पर , ǔजन पर एǔÛशएंट मोÛयुमɅÒस
ǒĤयवȶशन ऐÈट, 1904 (7, 1904) क े उपबंध त×काल लागू हɉ ।
झारखÖड राÏयपाल क े आदेश से,
Ǒदनेश क ु मार िसंह,
16 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
Ĥधान सिचव-सह-ǒविध परामशȸ,
ǒविध (ǒवधान) ǒवभाग, झारखÖड, राँची।
अिधसूचना
23 मई, 2016
संÉया-एल0 जी0-08/2016-94/लेज0 झारखÖड ǒवधान मंडल Ʈारा यथापाǐरत और राÏयपाल Ʈारा Ǒदनांक
11 मई, 2016 को अनुमत झारखÖड Ĥाचीन èमारक और पुरात×व-èथल, अवशेष तथा कलािनिध अिधिनयम, 2016 का
िनàनांǑकत अंĒेजी अनुवाद झारखÖड राÏयपाल क े Ĥािधकार से इसक े Ʈारा Ĥकािशत Ǒकया जाता है, ǔजसे भारतीय
संǒवधान क े अनुÍछेद 348 क े खÖड (3) क े अधीन उƠ अिधिनयम का अंĒेजी भाषा मɅ Ĥािधकृत पाठ समझा जायेगा।
THE JHARKHAND ANCIENT MONUMENT AND ARCHAEOLOGICAL SITES, REMAINS AND ART
TREASURE ACT, 2016
(Jharkhand Act-14,2016)
AN ACT
TO PROVIDE FOR PRESERVATION OF ANCIENT MONUMENTS AND ARCHAEOLOGICAL SITES
AND REMAINS OTHER THAN THOSE DECLARED BY OR UNDER LAW MADE BY PARLIAMENT TO
BE OF NATIONAL IMPORTANCE FOR THE REGULATION OF ARCHAEOLOGICAL EXCAVATION
AND FOR THE PROTECTION OF ANTIQUITIES IN THE STATE OF JHARKHAND.
Preamble- Be it enacted by the Jharkhand Legislature in the 67th year of the Republic of India as follows:-
1. Short title, extent and commencement-
a) This Act may be called the Jharkhand Ancient Monuments and Archaeological Sites, Remains and Art
Treasures Act., 2016.
b) It extends to the whole of the State of Jharkhand.
c) It shall come into force on such date as the State Government may by not ification in the Official Gazette,
appoint.
2. Definitions- In this Act, unless there is anything repugnant in the subject or context-
a) "Ancient Monument" means any structure, erection or monument or any tumulus or place of internment, or
burning or nay cav e, stone sculpture, inscription or monolith, which is of historical, archaeological or artistic
interest , and which has been in existence for not less than one hundred years and includes-
i) the remains thereof,
ii) the site thereof,
iii) the portion of land adjoinin g such site which may be necessary or required for the preservation,
protection, upkeep and maintenance of the same; and
iv) the means of access thereto and convenient inspection and repairs thereof;
b) "Antiquity" includes-
i) any coin, sculpture, painting, epigraph, or other work of art or craftsmanship;
17 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
ii) any article, object or thing detached form a building or cave;
iii) any article, object or thing illustrative of science, art, crafts, literature, religion, customs, mo rals or
politics of bygone ages;
iv) any article, object or thing of historical interest; and
v) any article, object or thing which the State Government may by reason of its historical or
archaeological association by notification in the Official Gazette, declare to be any antiquity for the
purpose of this ordinance and which has been in existence for not less than one hundred years and
vi) any manuscript, record or other document which is of scientific, historical, literary or aesthetic v alue
and which has been in existence for not less than seventy five years.
c) "Art teasure" means any human work of art, not being an antiquity declared by the state government by
notification on the Official Gazette, to be an art treasure for the purposes of this Act having rega rd to ist
historical and aesthetic value.
Provided that no declaration under this clause shall be made in respect of any such work of art so l ong
as the author thereof is alive:
d) "Archaeological Officer" means any officer of the Department of Archaeology and Museums of the State
Government not below such rank as the State Government may from time to time prescribe:
e) "Archaeological site and remains" any area which contains or is reasonably believed to contain ruins or relics
of historical or archaeological importance and which have been is existenc e for not less than one hundred
years and includes-
i) such portion of lands as adjoining the area may be required for fencing or covering in or otherwise
preserving it; and
ii) the means of access to, and convenient inspection of the area;
f) "Director" means Dir ector of Archaeology and Museums of the State Government and includes any officer
authorized by the State Government to perform the duties of the Director;
g) "Maintain" with its grammatical variations and cognate expressions includes the fencing, covering, r epairing,
restoring and cleaning of a protected monument and the doing of any act which may be necessary for t he
purpose of preserving a protected monument or creating an ambience conducive to it or securing conve nient
access thereto.
h) "Owner" includes-
(i) a joint owner invested with powers of management on behalf of himself and other joint owners and
the successor -in-title of any such owner; and
(ii) any manager or trustee exercising powers of management and the successor in office of any such
manager or trustee;
i) "Prescribed" means prescribed by rules made under this Act.
18 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
j) "Protected area" means any archaeological site and remains which is declared to be a protected area by or
under this act.
k) "Protected monument" means ancient monument which is declared to be a p rotected monument by or under
this Act and
l) "State Government" means the State Government of Jharkhand.
PROTECTION OF ANCIENT MONUMENTS AND ARCHAEOLOGICAL SITES AND REMAINS
3. Power of State Government to declare ancient monuments etc. to be protected monuments and areas:-
(1) Where the State Government is of opinion that any ancient monument or archaeological site and remain s
requires protection under this Act, it may by notification in the Official Gazette, give two months notice of its
intention to declare such ancient monument or archaeological site and remains to be a protected monument or
a protected area as the case may be; and a copy of every such notification shall be affixed in a con spicuous
place near the monument or the site and remains, as the case may be;
(2) Any person interest in any such ancient monument or archaeological site and remains may, within two months
after the issue of the notification, object to the declaration of the monuments or the archaeologica l site and
remains, to be a protected monument or a protected area,
(3) On the expiry of the said period of two months, the State Government may, after considering the objections, if
any, received by it, declare by notification in the Official Gazette, the ancient monuments or the
archaeological site and remains, as the case may be to be a protected monument or a protected area.
(4) A notification published under sub-section (3) shall, unless and until it is withdrawn by conclusive evidence of
the fact that the ancient monument or the archaeological site a nd remains to which it relates is a protected
monument or a protected area for the purpose to this Act.
4. Acquisition of rights in a protected monuments :-
(1) The Director may, with the sanction of the State Government, purchase or take a lease of or accept a gift or
bequest of any protected monument.
(2) Where a protected monuments is without an owner, the Director may, by notification in the Official G azette,
assume the guardianship of the monument.
(3) The Owner of any protected monument may, by written instrument constitute the Director the guardian of the
monument and the Director may, with the sanction of the State Government, accept such guardianship.
(4) When the Director has accepted the guardianship of a monument under sub section (3), the owner shall, except
as expressly provided in this Act, have the same estate, right, title or interest in and to the monumen t as if the
Director had not been constituted a guardian thereof; and the provision of this Act relating to the agreement
executed under section 5 shall apply to the written instrument executed under sub-section (3).
(5) Nothing in this section shall affect the use of any protected monument for customary religious observances.
5. Preservation of protected monument by agreement :-
19 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
(1) The Director, when so directed by the State Government, shall propose to the owner of the protected
monument to enter into an agreement with the State Government within a specified period for the maintenance
of the monument.
(2) An agreement under this section may provide for all or any of the following matter, namely:-
(a) the maintenance of the monument;
(b) the custody of the monument and the duties of any person who may be employed to look after it;
(c) the restriction of the owner's right :-
(i) to use the monument for any purpose
(ii) to charge any fee for entry into, or inspection of the monument
(iii) to destroy, remove, alter or deface the monument or
(iv) to build on or near the site of the monument;
(d) the facilities of access to be permitted to the public or any section thereof or to archaeological o fficer or
other officer or authority authorized by the State Government to inspect or maintain the monument;
(e) the notice to be given to the State Government in case the land on which the monument is situated or any
adjoining land is offered for sale by the owner, and the right to be reserved to the Government to purchase
such land, or any specified portion of such land, at its market value;
(f) the payment of any expenses incurred by the owner or by the Government in connection with the
maintenance of the monument;
(g) the proprietary or other rights which are to vest with the State Government is respect of the monument
when any expenses are incurred by the State Government in connection with the maintenance of the
monument;
(h) the appointment of any authority to decide any dispute arising out of the agreement; and
(i) the matter connected with the maintenance of the monument which is a proper subject of agreement
between the owner and the State Government;
(3) The State Government or the owner may, at any time, after the expiration of three ye ars from the date of
execution of an agreement under this section, terminate it on giving six months notice in writing to the other
party:
Provided that when the agreement is terminated by the owner, he shall pay to the State Government
the expenses, if a ny, incurred by it on the maintenance of the monument during the five years immediately
preceding the termination of the agreement or, if the agreement has been in force for a shorter peri od, during
the period the agreement was in force.
(4) An agreement under this section shall be binding on any person claiming to be the owner of the monument to
which it relates, from through or under a party by whom or on whose behalf the agreement was executed.
6. Persons competent to exercise powers of owners under section 5 , in respect of protected monuments, when owner
is under disability or when it is a village property :-
20 झारखÖड गजट (असाधारण) मंगलवार, 24 मई, 2016
(1) If the owner of a protected monument is unable, by reason of minority, or other disability, to act f or himself,
the person legally competent to act on his behalf may exExcerpt shown. Open the full act in Lexace.
Lex