LexaceLexace Ask the AI ›
⚖️ Ask the AI about your situation:🚗 Car Accident💼 Work / Job🏠 Housing / Eviction👪 Family / Divorce📋 Contract Dispute💰 Money Owed

The MAHATMA GANDHI INSTITUTE OF GOVERNANCE AND SOCIAL SCIENCES ACT, 2023

Rajasthan · state statute
Open in Lexace · Ask the AI about this act
 
 राजस्‍ थान र‍राज्र 
विशेष ांक 
RAJASTHAN GAZETTE 
Extraordinary 
स धिक र प्रक शशत Published by Authority 
श्रावण 31, मंगलवार, शाके  1945-अगस् त 22, 2023 
Sravana  31, Tuesday , Saka 1945- August  22, 2023 
भाग-4(क) 
राजस् थान ववधान मण् डल के अिधिनमम। 
 
 
विधि (वििायी प्रारू्ण) विभाग 
(ग्रु्-2) 
अिधसूचना 
जय्ुर, अगस्‍त 18, 2023 
संख‍या ्.2(10)विधि/2/2023.- राजस् थान राज म ववधान-मण् डल का िनम नांककत अिधिनमम, जजसे 
राजमपाल महोदम की अनुमित ददनांक 17 अगस् त, 2023 को प्राप त हुई, एतद्द्वारा सववसाधारण की सूचनाथव 
प्रकाशशत ककमा जाता है:-  
महात‍मा गांिी इंस्‍टीट्यूट ऑफ गिन रेंस एण‍ड सोशियल साइंसेज अधिनन रयम, 2023 
(2023‍का‍अधिनन रयम‍संख‍ यांक‍    
(राजमपाल महोदम की अनुमित ददनांक 17 अगस् त, 2023 को प्राप त हुई) 
राजस् थान राज म में जमपुर में महात मा गांधी इंस् टीट्मूट ऑफ गवनेंस एण् ड सोशशमल साइंसेज की 
स् थापना और उससे संसक्त और आनुषंिगक ववषमों के शलए उपबंध करने के शलए अिधिनमम। 
 मत:, गवनेंस और सोशशमल साइंसेज और उनसे सहबद्ध क्षेत्रों से संबंिधत किमाकलापों के अध मापन, 
अनुसंधान, प्रशशक्षण, क्षमतावधवन, ववस् तारण और पक्षपोषण के शलए डडग्री, डडप लोमा, प्रमाणपत्र प्रोग्राम प्रदान 
करने की दृजटट से राज म में लोक-िनजी भागीदारी रीित के अधीन ववश वववद्मालम की प्राजस्थित रखने वाले और 
भावी महत ता की संस् था के रूप में एक स् वामत त, डडग्री प्रदान करने वाले उच चतर अिधगम केन द्र की स् थापना 
और िनगमन ककमा जाना समीचीन है। 
 भारत गणराज म के चौहत तरवें वषव में राजस् थान राज म ववधान-मण् डल िनम नशलखखत अिधिनमम बनाता 
है:-  
 
अध‍याय-1 
प्रारंशभक 
 
 1. संक्षिप्त न राम, प्रसार और प्रारंभ.- (1) इस अिधिनमम का नाम महात मा गांधी इंस् टीट्मूट ऑफ 
गवनेंस एण् ड सोशशमल साइंसेज अिधिनमम, 2023 है। 
 (2) इसका प्रसार संपूणव राजस्थान राजम में होगा। 
 (3) मह तुरन त प्रवृतत होगा। 
 2. ्ररभाषाएं.- इस अिधिनमम में, जब तक कक संदभव से अनमथा अपेक्षक्षत न हो,- 
(क) “बोडव” से संस् थान के संबंध में, धारा 16 में िनददवट ट शासी बोडव अशभप्रेत है; 

274                     राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023               भाग 4 (क½ 
 
(ख) “चेमरपसवन” से धारा 8 में िनददवट ट संस् थान के शासी बोडव का चेमरपसवन अशभप्रेत है; 
(ग) “संकामाध मक्ष” से धारा 13 के अधीन िनमुक् त संस् थान का संकामाध मक्ष अशभप्रेत है जो संस् थान 
के शै क्षखणक किमाकलापों का प्रभारी होगा; 
(घ) “िनदेशक” से धारा 10 के अधीन िनमुक् त संस् थान का िनदेशक अशभप्रेत है; 
(ङ) “कमवचारी” से संस् थान द्वारा िनमुक् त कोई व मजक्त अशभप्रेत है और इसमें अध मापक मा संकाम 
सदस् म, कोई प्रशासिनक कमवचाररवृन द, मा संस् थान के कमवचाररवृन द का कोई अन म सदस् म 
सजममशलत है; 
(च) “संकाम सदस् म मा संकाम” से शैक्षखणक क्षेत्र से कोई आचामव, सह-आचामव, सहामक आचामव 
और/मा शैक्षखणक क्षेत्र से व मवसामरत/वृजततक आचामव मा संस् थान द्वारा शशक्षा मा प्रशशक्षण मा 
मागवदशवन देने मा संस् थान में अनुसंधान संचाशलत करने के शलए, मा तो स् थामी तौर पर मा 
संववदात मक आधार पर, िनमुक् त मा कामवरत व मजक्त अशभप्रेत है और इसमें संकामाध मक्ष और 
िनदेशक सजममशलत हैं; 
(छ) “ववतत अिधकारी” से धारा 14 के अधीन िनमुक् त ककमा गमा संस् थान का ववतत अिधकारी 
अशभप्रेत है; 
(ज) “िनिध” से धारा 24 के अधीन संधाररत संस् थान की िनिध अशभप्रेत है; 
(झ) “उद्मोग भागीदार” से कोई व मजक्त, मा भारतीम न मास अिधिनमम, 1882 (1882 का क ें द्रीम 
अिधिनमम सं. 2) के अधीन स् थावपत कोई न मास, मा कंपनी अिधिनमम, 2013 (2013 का 
क ें द्रीम अिधिनमम सं. 18 ) के अधीन स् थावपत कोई कंपनी, मा सोसाइटी रजजस् ट्रीकरण 
अिधिनमम, 1860 (1860 का क ें द्रीम अिधिनमम सं. 21 ) के अधीन बनामी गमी और 
रजजस् ट्रीकृत की गमी सोसाइटी, मा भारतीम भागीदारी अिधिनमम, 1932 (1932 का क ें द्रीम 
अिधिनमम सं.9) के अधीन रजजस् ट्रीकृत कोई भागीदारी फमव, मा कोई ववततीम संस् था मा ऐसे एक 
मा एक से अिधक उद्मोग भागीदारों का कोई संमोजन अशभप्रेत है; 
(ञ) “संस् थान” से धारा 3 के अधीन स् थावपत ववश वववद्मालम की प्राजस्थित रखने वाला, डडग्री प्रदान 
करने वाला स् वामत त उच चतर अिधगम क ें द्र, महात मा गांधी इंस् टीट्मूट ऑफ गवनेंस एण् ड 
सोशशमल साइंसेज, अशभप्रेत है; 
(ट)  “रा.सं.रैं.फ्रे.” से ववशभन न ववश वव  वद्मालमों और शैक्षखणक संस् थाओं के शलए रैंककंग फ्र े मवकव के 
रूप में, मानव संसाधन ववकास मंत्रालम द्वारा अनुमोददत और शशक्षा मंत्रालम, भारत सरकार 
द्वारा स् वीकृत राट ट्रीम संस् थागत रैंककग फ्र े मवकव अशभप्रेत है; 
(ठ) “ववदहत” से वविनममों मा, मथाजस्थित, िनममों द्वारा ववदहत अशभप्रेत है; 
(ड) “लोक-िनजी भागीदारी” से राज म सरकार की स् कीम के अधीन ऐसी भागीदारी अशभप्रेत है जो 
राज म सरकार और उद्मोग भागीदारों के मध म सहमोग अंतववशलत करने वाले संस् थान की 
स् थापना के शलए उपबंध करती है; 
(ढ) “कुल-सिचव” से धारा 12 के अधीन िनमुक् त संस् थान का कुल-सिचव अशभप्रेत है; 
भाग 4 (क)                  राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023                  275                      
(ण) “वविनमम” से धारा 31 के अधीन बनामे गमे संस् थान के वविनमम अशभप्रेत हैं; 
(त) “िनमम” से इस अिधिनमम के अधीन बनामे गमे िनमम अशभप्रेत हैं; 
(थ) “राज म” से राजस् थान राज म अशभप्रेत है; और 
(द) “वव.अ.आ.” से ववश वववद्मालम अनुदान आमोग अिधिनमम, 1956 (1956 का क ें द्रीम 
अिधिनमम सं. 3) की धारा 4 के अधीन स् थावपत ववश वववद्मालम अनुदान आमोग अशभप्रेत है। 
 
अध‍याय-2 
संस्‍थान र 
 
 3. संस्‍थान र की स्‍था्न रा और नन रगमन र.- (1) महात मा गांधी इंस् टीट्मूट ऑफ गवनेंस एण् ड सोशशमल 
साइंसेज के नाम से एक संस् थान जमपुर में स् थावपत ककमा जामेगा। 
 (2) संस् थान शाश वत उततरािधकार और एक सामान म मुद्रा रखने वाला एक िनगशमत िनकाम होगा, 
और उक् त िनगशमत नाम से वाद लामेगा और उसके ववरुद्ध वाद लामा जा सकेगा। 
 (3) संस् थान राज म अिधिनमम के अधीन स् थावपत ववश वववद्मालम के रूप में कामव करेगा, जो लोक-
िनजी भागीदारी की रीित से भागीदारी के शलए खुला होगा। 
 (4) संस् थान सहमोग के शलए भागीदारों की पहचान करने का और लोक-िनजी भागीदारी के शलए एक 
ववस् तृत प्रस् ताव ववकशसत करने का प्रमास करेगा। 
 4. संस्‍थान र का सभी िगों और ्ंथ के शलए खुला होन रा.- संस् थान शलंग, नस् ल, पंथ मा वगों का ववचार 
ककमे बबना समस् त व मजक्तमों के शलए खुला होगा, और संस् थान के शलए मह वविधपूणव नहीं होगा कक वह ककसी 
व मजक्त, जो चाहे कोई भी धाशमवक ववश वास मा व मवसाम मा राजनैितक राम रखता हो, पर संस् थान के ककसी 
अध मापक के रूप में िनमुक् त ककमे जाने मा उसमें कोई अन म पद धाररत करने मा संस् थान के एक छात्र के रूप में 
प्रवेश शलमे जाने मा उसके ककसी ववशेषािधकार का उपभोग मा प्रमोग करने का हकदार बनाने के शलए कोई भी 
ऐसे परीक्षण को अपनामे मा अिधरो वपत करे:  
 परंतु अनुसूिचत जाितमों, अनुसूिचत जनजाितमों, वपछडे वगों, अित वपछडे वगों, आिथवक रूप से 
कमजोर वगों, मदहलाओं और ददव मांगजन और समम-समम पर राज म सरकार द्वारा मथावविनददवट ट अन म 
प्रवगों से संबंिधत अभ मिथवमों के शलए कमवचाररमों की भती के शलए पदों पर आरक्षण और छात्रों के शलए ककसी भी 
पाठ्मिम में प्रवेश के शलए स् थानों का आरक्षण, राज म सरकार की तत समम प्रवृतत वविधमों और आदेशों से 
वविनमशमत ककमा जामेगा। 
 5. संस्‍थान र के उद्देश‍य.- संस् थान के िनम नशलखखत उद्देश म होंगे, अथावत्:- 
(क) गवनेंस और सोशशमल साइंसेज में उन नत ज्ञान के शलए शैक्षखणक कामविम प्रस् ताववत 
करना और कामविमों के सफलतापूववक पूणव होने पर डडिग्रमां, डडप लोमे, प्रमाणपत्र इत मादद 
प्रदान करना; 
(ख) नवीन ज्ञान और नवपररवतवन की अशभवृवद्ध के शलए, अनुसंधान, प्रकाशन, परामशव और 
सलाहकारी कामव का किमान वमन करना तथा गवनेंस और सोशशमल साइंसेज में वैजशवक 
नेतृत व प्रदान करना: 
276                     राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023               भाग 4 (क½ 
 
 परन तु इस प्रकार संचाशलत अनुसंधान, अध ममन के ऐसे क्षेत्रों जो इस अिधिनमम के 
उद्देश मों में मथा प्रितट ठावपत समावेशी, साम मापूणव और सतत् राट ट्रीम और अंतरावट ट्रीम 
ववकास लक्ष मों की वृवद्ध करेंगे, की ओर भी िनददट ट होगा; 
(ग) गवनेंस और सोशशमल साइंसेज तथा सहबद्ध क्षेत्रों की उच च गुणवत तापूववक शशक्षा प्रदान 
करना और ज्ञान के सहबद्ध क्षेत्रों के साथ-साथ अंतरववषमक अध ममन को बढाना;  
(घ) समाज को समग्र रूप से मोगदान ददमे जाने के शलए, समावेशी, साम मापूणव और सतत् 
राट ट्रीम और अंतरावट ट्रीम ववकास लक्ष मों की दृजटट से गवनेंस शशक्षा को संवेदनशील 
बनाना;  
(ङ) सामाजजक और लैंिगक समानता को प्रोत सादहत करने वाले कामविमों का समथवन और 
ववकास करना;  
(च) उन शैक्षक्षक कामविमों और संकामों का ववकास करना, जो शशक्षा शाखाओं में गवनेंस और 
सोशशमल साइंसेज शशक्षा, अध मापन और अिधगम के हेतुक की अशभवृवद्ध करते हों;  
(छ) गवनेंस और सोशशमल साइंसेज तथा सहबद्ध क्षेत्रों के अध ममन के शलए केन द्रों को स् थावपत 
करना;  
(ज) भारत में गवनेंस और सोशशमल साइंसेज और सहबद्ध क्षेत्रों की संस् थाओं और अन म 
शैक्षक्षक संस् थाओं के साथ समथवन और सहमोग करना; और  
(झ) गवनेंस और सोशशमल साइंसेज शशक्षा और अनुसंधान के दहत को ववस् ताररत करने के 
शलए, अन म देशों में भी गवनेंस और सोशशमल साइंसेज तथा सहबद्ध क्षेत्रों की शैक्षखणक 
संस् थाओं के साथ सहकार और सहमोग करना। 
 6. संस्‍थान र की िक्ततयां और कृ त‍य.- (1) इस अिधिनमम के उपबंधों के अध मधीन रहते हुए संस् थान 
िनम नशलखखत शजक्तमों का प्रमोग करेगा और िनम नशलखखत कृत मों का पालन करेगा, अथावत्:- 
(क) गवनेंस और सोशशमल साइंसेज तथा सहबद्ध क्षेत्रों में प्रमाणपत्र, स् नातक, स् नातकोत तर और अित-
ववशशट ट शाखाओं में अध मापन और प्रशशक्षण संजस्थत करना, और ऐसी शाखाओं में अनुसंधान 
के शलए तथा ज्ञान की अशभवृवद्ध और प्रसार के शलए उपबंध करना;  
(ख) डडिग्रमां, डडप लोमे, प्रमाणपत्र और अन म शैक्षखणक उपािधमां संजस्थत करना और प्रदान करना;  
(ग) संस् थान का प्रशासन और प्रबंधन संपाददत करना;  
(घ) तत समम प्रवृत त वविधमों के अनुरूप, अध ममन के ववशभन न पाठ्मिमों में 
अभ मिथवमों/छात्रों/सहभािगमों के प्रवेश के शलए वविनममों द्वारा उपबंध करना;  
(ड.) गवनेंस और सोशशमल साइंसेज तथा सहबद्ध ववषमों और दस् तावेज, और उनके ज्ञान के प्रसार के 
शलए अध ममन के पाठ्मिम, प्रशशक्षण और अनुसंधान वविनददवट ट करना और संचाशलत करना; 
(च) गितमान वैजशवक गवनेंस और सोशशमल साइंसेज पद्धितमों के अनुरूप अशभनव शशक्षा शास् त्र 
ववकशसत करना;  
भाग 4 (क)                  राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023                  277                      
(छ) परीक्षाएं संचाशलत करना और एक िनट पक्ष एवं पारदशी प्रणाली के माध मम से मूल मांकन और कामव 
िनधावरण की प्रकिमाएं स् थावपत करना; 
(ज) शशक्षा की लागत कम करना और सूचना तथा संसूचना प्रौद्मोिगकी और अन म अशभनव पद्धितमों 
के उपमोग द्वारा शशक्षा की पहुंच में वृवद्ध करना;  
(झ) संस् थान द्वारा उपबंिधत प्रशशक्षण, परामशव और सलाहकार सेवाओं इत मादद को सजममशलत करते 
हुए, शशक्षण और अन म सेवाओं के शलए, संस् था मा िनगशमत िनकाम 
छात्रों/अभ मिथवमों/सहभािगमों और ककसी अन म व मजक्त, से फीस और अन म प्रभारों के, जैसा 
संस् थान उिचत समझे, संदाम को अवधाररत, वविनददवट ट और प्राप त करना;  
(ञ) संस् थान के ककसी कारबार के िनपटान के शलए मा संस् थान से संबंिधत ककसी मामले में सलाह देने 
के शलए सशमितमां िनमुक् त करना;  
(ट) संस् थान के पूंजीगत व ममों और उसकी शजक्तमों के प्रमोग और कृत मों के िनववहन में उपगत व मम 
को सजममशलत करते हुए, व ममों की पूितव करने के शलए अनुदान, दान, अशभदाम और ववन मास 
प्राप त करना और संस् थान की आन तररक रूप से सृजजत िनिधमों को अशभरक्षा में रखना;  
(ठ) भागीदारी, संबद्धता और वृजततक के अन म वगव मा मानद मा तकनीकी सदस् मता मा पद, संस् थान 
जैसा आवश मक समझे, सृजजत करना;  
(ड) ऐसे अन म कृत मों का पालन करना, जो संस् थान के उद्देश मों को कामावजनवत करने के शलए आवश मक 
हों; और 
(ढ) संस् थान के उद्देश मों को आगे बढाने के िम में मथा आवश मक, कोई अन म कामव मा बात करना: 
            परंतु संस् थान- 
(i) राज म सरकार की पूवव मंजूरी के शसवाम संस् थान की ककसी स् थावर सम पजतत का बंधक, 
वविम, वविनमम, दान मा अन मथा के माध मम से हस् तांतरण नहीं करेगा; और 
(ii) राज म सरकार के पूवावनुमोदन के शसवाम मा राज म सरकार के ककसी साधारण मा ववशेष 
आदेश के अनुसरण के शसवाम, संस् थान में कोई पद सृजजत नहीं करेगा। 
(2) संस् थान एक गैर-लाभकारी वविधक इकाई होगा और इस अिधिनमम के अधीन इसके प्रचालन से 
संबंिधत समस् त व ममों की पूितव के पश चात्, ऐसे संस् थान के राजस् व के अिधशेष, मदद कोई हों, के ककसी भाग का, 
संस् थान की वृवद्ध और ववकास मा उसमें अनुसंधान संचाशलत करने इत मादद से शभन न प्रमोजन के शलए वविनधान 
नहीं ककमा जामेगा।   
(3) संस् थान, शासी बोडव के पूवावनुमोदन से, शशक्षाक्षेत्र और उद्मोग दोनों से अध मापन और गैर-
अध मापन कमवचाररवृंद मा तो स् थामी मा संववदात मक आधार पर िनमुक् त कर सकेगा। संस् थान कितपम 
किमाकलापों और सुववधाओं को, जो शासी बोडव द्वारा उपमुक् त समझी जामें, आउटसोसव भी कर सकेगा । 
(4) संस् थान के कमवचाररमों के ववशभन न प्रवगों के वेतन और अन म भतते ऐसे होंगे जो समम-समम पर 
शासी बोडव द्वारा, ववतत और उपापन सशमित की सहमित से, चमन सशमित के सुझावों पर अवधाररत ककमे 
जामें। 
 
अध‍याय-3 
संस्‍थान र के अधिकारी 
 
 7. संस्‍थान र के अधिकारी.- संस् थान के िनम नशलखखत अिधकारी होंगे, अथावत्:- 
278                     राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023               भाग 4 (क½ 
 
(क) संस् थान का चेमरपसवन;  
(ख) िनदेशक; 
(ग) कुल-सिचव; 
(घ) संकामाध मक्ष; 
(ङ) ववतत अिधकारी; और 
(च) ऐसे अन म अिधकारी जो वविनममों द्वारा ववदहत ककमे जामें। 
 8. चेयर्ससन र.- (1) शशक्षा क्षेत्र/उद्मोग का कोई ववख मात व मजक्त संस् थान का चेमरपसवन  होगा और वह 
शासी बोडव का भी चेमरपसवन होगा। 
 (2) चेमरपसवन की िनमुजक्त राज म सरकार द्वारा नामिनदेशन के आधार पर होगी। 
 (3) चेमरपसवन की पदाविध तीन वषव होगी। 
 9. चेयर्ससन र की िक्ततयां और कृ त‍य.- (1) चेमरपसवन  की शजक्तमां और कृत म िनम नशलखखत होंगे,- 
(क) मह सुिनजशचत करना कक संस् थान के कामवकलापों का प्रशासन इस अिधिनमम और वविनममों के 
उपबंधों के अनुसार संचाशलत ककमा जा रहा है और ऐसे कदम उठाना, जो वह उिचत समझे; 
(ख) ऐसी सूचना मा अशभलेख मंगाना जो संस् थान के कामवकलापों के प्रशासन से संबंिधत हों; 
(ग) संस् थान की शैक्षखणक प्रगित का पुनवववलोकन करना और सुिनश िचत करना कक क् मा मह संस् थान 
के उद्देश मों के अनुरूप है; 
(घ) संस् थान को ववश वप्रशसद्ध शैक्षखणक संस् थाओं के साथ संपकव स् थावपत करने में सहामता करना; 
(ङ) बैठक से पूवव मा उसके दौरान ककसी भी समम कामवसूची में कारबार की नमी मदों मा जो ववचार 
ककमे जाने के शलए कामवसूची में सजममशलत हैं उनकी अनुपूरक मदों को सजममशलत करना; और 
(च) ऐसी अन म शजक्तमों का प्रमोग करना और ऐसे अन म कृत म संपाददत करना, जो िनममों के 
अधीन ववदहत ककमे जामें मा शासी बोडव द्वारा उसे प्रत मामोजजत ककमे जामें। 
 (2) चेमरपसवन अपनी शजक्तमों में से ककसी को संस् थान के िनदेशक को प्रत मामोजजत कर सकेगा। 
 (3) चेमरपसवन संस् थान के बोडव की बैठकों की अध मक्षता करेगा। 
 (4) संस् थान की बैठक ें चेमरपसवन के िनदेशों के अनुसार बुलामी जामेंगी। 
 10. संस्‍था्क नन रदेिक और नन रदेिक.- (1) राज म सरकार द्वारा शशक्षाक्षेत्र और उद्मोग की सववश्रेट ठ 
प्रितभाओं में से संस् थान का संस् थापक िनदेशक नामिनददवट ट ककमा जामेगा। संस् थान का संस् थापक िनदेशक 
िनमुजक्त की ितिथ से तीन वषव की कालाविध के शलए िनमुक् त ककमा जामेगा। 
 (2) संस् थान के िनदेशक का पद, लोक ववज्ञापन द्वारा साक्षात कार की प्रकिमा द्वारा भरा जामेगा। 
िनम नशलखखत से शमलकर बनी चमन सशमित की शसफाररश पर चेमरपसवन द्वारा िनदेशक िनमुक् त ककमा 
जामेगा,- 
(क)  संस् थान का चेमरपसवन - पदेन चेमरपसवन; 
भाग 4 (क)                  राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023                  279                      
(ख)  उच च शशक्षा ववभाग का प्रभारी शासन सिचव - पदेन सदस् म; 
(ग)  संस् थान के चेमरपसवन द्वारा नामिनददवट ट ककमे जाने 
वाले उद्मोग मा शशक्षा क्षेत्र से तीन ववशेषज्ञ, जो पहले 
से ही शासी बोडव के भाग हों  
 
- 
 
सदस् म; 
(घ)  उद्मोग और शशक्षा क्षेत्र प्रत मेक में से राज म सरकार 
द्वारा नामिनददवट ट ककमे जाने वाले दो ववशेषज्ञ 
 
- 
 
सदस् म। 
   स्‍्ष‍टीकरण.- इस उप-धारा के प्रमोजनों के शलए अशभव मजक्त “प्रभारी शासन सिचव” से ववभाग का 
प्रभारी शासन सिचव अशभप्रेत है और उसमें अितररक् त मुख म सिचव और प्रमुख सिचव सजममशलत हैं जब वह 
उस ववभाग का प्रभारी हो। 
(3) (क) िनदेशक के पद पर िनमुजक्त के शलए केवल ऐसा व मजक्त पात्र होगा जजसके पास पी.एच.डी. मा 
शशक्षा क्षेत्र और/मा उद्मोग में ववशशट ट कैररमर के साथ समतुल म उच च स् तर की शैक्षखणक/उद्मोग की उपलजधध 
हो, वव.अ.आ. के मागवदशवक शसद्धांतों के अनुसार संस् था िनमावण का अनुभव हो और जजसने उच च गुणवतता के 
रेफरीड प्रकाशनों, पेटेंट और पॉशलसी प्रभाव के माध मम से ज्ञान और पद्धित के क्षेत्र में महत वपूणव मोगदान ददमा 
हो। 
(ख) िनदेशक, उस तारीख से, जजसको वह पदभार ग्रहण करता है, पांच वषव की अविध के शलए मा 
उसके सततर वषव की आमु प्राप त कर लेने तक, जो भी पहले हो, पद धाररत करेगा: 
 परंतु वही व मजक्त दूसरी अविध के शलए पुनिनवमुजक्त का पात्र होगा। 
(4) िनदेशक, चेमरपसवन को संबोिधत स् वहस् ताक्षररत लेख द्वारा अपने पद का त माग कर सकेगा और 
चेमरपसवन द्वारा उसकी स् वीकृित होने पर उसका पद धारण करना समाप त हो जामेगा। 
(5) चमन सशमित मथाशक् म, ऐसी तारीख से कम से कम नध बे ददवस पूवव जजस पर अविध के अवसान 
के कारण िनदेशक के पद की ररजक्त होने वाली हो मा उप-धारा (4) के अधीन त मागपत्र देने पर और जब कभी भी 
ऐसा अपेक्षक्षत हो तथा ऐसी तारीख से पूवव जो चेमरपसवन द्वारा वविनददवट ट की जामे िनदेशक का पद धाररत कर 
सकने वाले तीन से अनिधक व मजक्तमों के नाम चेमरपसवन को प्रस् तुत करेगी। नाम प्रस् तुत करते समम, सशमित 
इस प्रकार शसफाररश ककमे गमे प्रत मेक व मजक्त की अहवताओं को दशशवत करते हुए एक संक्षक्षप त वववरण भी 
चेमरपसवन को अग्रेवषत करेगी ककंतु उसमें प्राथशमकता का कोई िम इंिगत नहीं करेगी। 
 (6) जहां चेमरपसवन, चमन सशमित द्वारा शसफाररश ककमे गमे ककसी एक मा अिधक व मजक्तमों को 
िनदेशक के रूप में िनमुजक्त के शलए उपमुक् त नहीं समझता है मा मदद शसफाररश ककमे गमे एक मा अिधक 
व मजक्त िनमुजक्त के शलए उपलध ध नहीं है/हैं और िनदेशक के पद के शलए ववकल प तीन से कम व मजक्तमों तक 
िनबंिधत है, तो वह सशमित से उप-धारा (3) के उपबंधों के अनुसार नमे नामों की सूची प्रस् तुत करने की अपेक्षा 
कर सकेगा। 
 (7) सशमित का कोई कामव मा कामववाही मात्र, उसके सदस् मों में भी ककसी ररजक्त मा ररक् ितमों के 
कारण मा ककसी ऐसे व मजक्त द्वारा कामववाही में भाग शलमे जाने के कारण जो बाद में मह पामा जामे कक वह ऐसा 
करने का हकदार नहीं था, अवविधमान म नहीं होगी। 
 (8) िनम नशलखखत पररजस्थितमों में से ककसी में (जजनके ववद्ममान होने के कारण चेमरपसवन एकमात्र 
न मामाधीश होगा) चेमरपसवन अशभशलखखत ककमे जाने वाले कारणों से छह मास से अनिधक की अविध के शलए 
िनदेशक के पद पर ककसी उपमुक् त व मजक्त को िनमुक् त कर सकेगा:- 
280                     राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023               भाग 4 (क½ 
 
(क) जहां िनदेशक के पद की कोई ररजक्त होती है और वह उप-धारा (1) से (6) के उपबंधों के अनुसार 
सुववधाजनक रूप से और शीघ्रता से नहीं भरी जा सकती है; 
(ख) ककसी अन म आपातकाल की जस्थित में। 
(9) िनदेशक की अनुपजस्थित में संस् थान का वररट ठतम आचामव िनदेशक के कतवव मों का िनववहन 
करेगा। 
(10) इस अिधिनमम के उपबंधों के अध मधीन रहते हुए, िनदेशक की पररलजधधमां और सेवा की अन म 
शतें ऐसी होंगी जो संस् थान के वविनममों द्वारा अव धाररत की जामें और इस िनशमतत शासी बोडव द्वारा सामान म 
मा ववशेष आदेश द्वारा अनुमोददत हों। 
(11) बोडव ऐसे िनदेशक को पद से हटा सकेगा, जो-  
(क) ददवाशलमा के रूप में न मामिनणीत ककमा गमा हो; मा  
(ख) बोडव की राम में नैितक अधमता अन तववशलत ककसी अपराध का शसद्धदोष ठहरामा गमा हो; मा 
(ग) िनदेशक के रूप में कामव करने में शारीररक मा मानशसक रूप से अक्षम हो गमा हो; मा 
(घ) ऐसा ववत तीम मा अन म दहत अजजवत कर शलमे जाने पर जजससे िनदेशक के रूप में उसके कामव 
करने पर प्रितकूल प्रभाव की सम भाव मता हो; मा 
(ङ) अपने पद का इस प्रकार दुरुपमोग ककमे जाने पर मा इस तरह से आचरण ककमे जाने पर 
जजससे उसका पद पर िनरंतर बने रहना, लोक दहत पर प्रितकूल प्रभाव डालने वाला हो:  
 परन तु िनदेशक को पद से नहीं हटामा जामेगा शसवाम बोडव के द्वारा संजस्थत जांच के 
बाद एक आदेश द्वारा, जजसमें िनदेशक को उसके ववरुद्ध आरोपों के बारे में बतामा गमा हो और 
उसे उन आरोपों के संबंध में सुने जाने का मुजक्तमुक् त अवसर ददमा गमा हो। 
      11. संस्‍था्क नन रदेिक और नन रदेिक की िक्ततयां और कृ त‍य.- (1) संस् थापक िनदेशक/िनदेशक संस् थान 
का प्रमुख कामवकारी और शैक्षखणक अिधकारी होगा। 
    (2) उप-धारा (1) में अंतवववट ट उपबंधों की व मापकता पर प्रितकूल प्रभाव डाले बबना िनदेशक,- 
(क)  चेमरपसवन की अनुपजस्थित में, बैठकों की अध मक्षता करेगा; 
(ख) संस् थान के कामवकलापों का साधारण पमववेक्षण और िनमंत्रण करेगा; 
(ग)  संस् थान की िनरंतर प्रगित के शलए मुजक्तपूणव दृजटटकोण, मोजना और नेतृत व की व मवस् था 
करेगा; 
(घ)  संस् थान के प्रािधकाररमों के वविनश चमों के किमान वमन को सुिनजशचत करेगा; 
(ङ)  संस् थान के पात्र, िनमशमत छात्रों के शलए लाभप्रद िनमोजन अवसर प्रदान करने के साथ 
पाठ्म वववरण सृजन और वास् तववक समम पुनरीक्षण के शलए ख माित प्राप त शैक्षखणक 
संस् थाओं के साथ सहमोग करने के शलए उततरदामी होगा; 
(च)  संस् थान के संकाम ववकास की पहल के शलए उततरदामी होगा; 
(छ)  संस् थान में अनुदेश देने और अनुशासन बनामे रखने के शलए उततरदामी होगा; 
भाग 4 (क)                  राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023                  281                      
(ज)  ककसी व मजक्त को, ऐसे प्रमोजन के शलए जो संस् थान के दहत में आवश मक हो, तीन वषव से 
अनिधक की कालाविध के शलए बोडव के अनुमोदन से लगा सकेगा; 
(झ)  गुणवतता मानकों पर वास् तववक शैक्षखणक/संस् थागत मािनटररंग के शलए उततरदामी होगा; 
(ञ)  प्रत मेक शैक्षखणक वषव के शलए संस् थागत ववकास मोजना (आई.डी.पी.) की तैमारी और 
दीघवकाशलक ववकास लक्ष मों से अनुरूपता के शलए उततरदामी होगा; और 
(ट)  कारपोरेट सामाजजक उततरदािमत व (सीएसआर) िनिधकरण, प्रामोजजत अनुसंधान, उद्मोग 
सहमोग, संमुक् त प्रमाणन इत मादद जैसे स् त्रोतों से िनिधमां प्राप त करने के शलए उततरदामी 
होगा। 
 (3) जहां कोई मामला तत काल प्रकृित का है जजसमें तुरंत कारववाई अपेक्षक्षत है और वह संस् थान के ककसी 
अिधकारी मा प्रािधकारी द्वारा, जो इस अिधिनमम के द्वारा मा अधीन उस पर कारववाई करने के शलए सशक् त 
है, तत काल कारववाई नहीं की जा सकती हो वहां, िनदेशक ऐसी कारववाई कर सकेगा जो वह उिचत समझे और 
उसके द्वारा की गमी कारववाई की ररपोटव तत काल चेमरपसवन को प्रस् तुत करेगा और उस अिधकारी मा प्रािधकारी 
को भी करेगा जो सामान म अनुिम में मामले पर कारववाई करता: 
 परंतु मदद ऐसे अिधकारी मा प्रािधकारी की मह राम है कक िनदेशक द्वारा ऐसी कारववाई नहीं की जानी 
चादहए थी, वह मामले को चेमरपसवन को िनदेशशत कर सकेगा, जो िनदेशक द्वारा की गमी कारववाई को मा तो 
पुट ट कर सकेगा मा उसे बाितल कर सकेगा मा ऐसी रीित से, जो वह उिचत समझे, उपां तररत कर सकेगा और 
तदुपरर मह प्रभावी नहीं रहेगा मा, मथाजस्थित, इसका उपांतररत रूप में प्रभाव होगा: 
 परंतु मह और कक ऐसे बाितलकरण मा उपांतरण का, जैसा पूवववती परन तुक में िनददवट ट है, िनदेशक के 
आदेश के अधीन मा द्वारा पूवव में ककमे गमे ककसी कामव पर कोई प्रितकूल प्रभाव नहीं होगा। 
 (4) िनदेशक ऐसी अन म शजक्तमों का प्रमोग और ऐसे अन म कृत मों का पालन करेगा जो उसे बोडव के 
चेमरपसवन मा ककसी अन म प्रािधकारी द्वारा समनुदेशशत ककमे जामें। 
 (5) िनदेशक संस् थान से संबंिधत समस् त मामलों के संचालन और प्रबंधन के शलए उततरदामी होगा। 
 12. कु ल-सधचि.- (1) कुल-सिचव संस् थान का मुख म प्रशासिनक अिधकारी होगा। वह प्रत मक्षत: 
िनदेशक के अ धीक्षण, िनदेशन और िनमंत्रण के अधीन कामव करेगा। 
 (2) इस अिधिनमम मा तत समम प्रवृतत ककसी भी अन म वविध में अंतवववट ट ककसी बात के होने पर भी, 
कुल-सिचव राज म सरकार द्वारा महाववद्मालम शशक्षा (उच च शशक्षा ववभाग, राजस् थान) के आचामों/सह-
आचामों में से मा राजस् थान प्रशासिनक सेवा के अिधकाररमों (सुपर टाईम वेतनमान से अिनम न) में से 
प्रितिनमुजक्त द्वारा मा वविनममों द्वारा मथाववदहत लोक ववज्ञापन के माध मम से, िनम नशलखखत से शमलकर 
बनी चमन सशमित द्वारा संचाशलत साक्षात कार प्रकिमा द्वारा िनमुक् त ककमा जामेगा- 
(क)  िनदेशक - पदेन चेमरपसवन; 
(ख)  उच च शशक्षा ववभाग का प्रभारी शासन सिचव; - पदेन सदस् म; और 
(ग)  राज म सरकार द्वारा नामिनददवट ट ककमे जाने वाले 
उद्मोग मा शशक्षा क्षेत्र से तीन ववशेषज्ञ 
 
- 
 
सदस् म। 
 
282                     राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023               भाग 4 (क½ 
 
  स्‍्ष‍टीकरण.- इस उप-धारा के प्रमोजनों के शलए अशभव मजक्त “प्रभारी शासन सिचव” से ककसी ववभाग 
का प्रभारी शासन सिचव अशभप्रेत है और इसमें कोई अितररक् त मुख म सिचव और कोई प्रमुख सिचव, जब वह 
ककसी ववभाग का प्रभारी हो, सजममशलत है। 
 (3) कुल-सिचव संस् थान का पूणवकाशलक अिधकारी होगा। कुल-सिचव की सेवा के िनबंधन और शतें 
ऐसी होंगी जो वविनममों द्वारा ववदहत की जामें। 
 (4) कुल-सिचव- 
(क)  शासी बोडव और िनदेशक के समस् त िनदेशों और आदेशों का पालन करेगा; 
(ख)  संस् थान के अशभलेखों, सामान म मुद्रा और ऐसी अन म संपजतत का अशभरक्षक होगा जजसे शासी 
बोडव उसके भारसाधन में सुपुदव करे। वह बोडव का पदेन सदस् म-सिचव होगा। वह बोडव और 
ववद्मा पररषद् के समक्ष ऐसी समस् त सूचनाएं रखेगा जो इसके कारबार के संव मवहार के शलए 
आवश मक हों। वह संस् थान में प्रवेश के शलए आवेदनों को प्राप त करेगा और समस् त पाठ्म 
वववरण, पाठ्मचमाव और ऐसी अन म सूचना, जो आवश मक समझी जामें, का स् थामी 
अशभलेख रखेगा; 
(ग)  शासी बोडव, ववद्मा पररषद्, ववतत और उपापन सशमित, संकामों और संस् थान के ककसी 
प्रािधकारी द्वारा िनमुक् त ककसी सशमित की समस् त बैठकों के कामववृतत रखेगा; 
(घ)  शासी बोडव और ववद्मा पररषद् का शासकीम पत्र-व मवहार संचाशलत करेगा; 
(ङ)  जब न तो चेमरपसवन न ही सम मक् रूप से प्रािधकृत अिधकारी कामव करने और संस् थान के 
कामव के शलए इसके िनदेश लेने में समथव हो, तब आपातकाल में तत काल शासी बोडव की बैठक 
बुलामेगा; 
(च)  अपने कतवव मों और कृत मों के समुिचत िनववहन के शलए प्रत मक्षत: िनदेशक के प्रित उततरदामी 
होगा; और 
(छ)  ऐसे अन म कतवव मों का पालन करेगा जो शासी बोडव मा िनदेशक द्वारा समम-समम पर उसको 
समनुदेशशत ककमे जामें। 
 (5) ककसी कारणवश कुल-सिचव का पद ररक् त रहने की दशा में, िनदेशक, कुल-सिचव की ऐसी 
शजक्तमों का प्रमोग और ऐसे कृत मों और कतवव मों का पालन करने के शलए, जैसा िनदेशक उिचत समझे, 
संस् थान की सेवा में के ककसी अिधकारी को प्रािधकृत कर सकेगा।  
 13. संकायाध‍यि.- (1) संस् थान का एक संकामाध मक्ष होगा, जजसे बोडव, संस् थान के वररट ठ आचामों में 
से िनमुक् त करेगा। व ह तीन वषव के शलए पद धाररत करेगा और पुनिनवमुजक्त के शलए पात्र हो सकेगा। 
 (2) संकामाध मक्ष संस् थान के शैक्षखणक मामलों में िनदेशक की सहामता करेगा और ऐसी शजक्तमों का 
प्रमोग और ऐसे कृत मों का पालन करेगा जो ववदहत ककमे जामें। 
 14. वितत अधिकारी.- (1) संस् थान के शलए एक ववतत अिध कारी होगा जजसे िनदेशक, शासी बोडव की 
शसफाररश पर िनमुक् त करेगा और उसका पाररश्रशमक और भतते ऐसे होंगे जो वविनममों द्वारा ववदहत ककमे 
जामें। 
भाग 4 (क)                  राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023                  283                      
 (2) इस अिधिनमम मा तत समम प्रवृतत ककसी भी अन म वविध में अंतवववट ट ककसी बात के होने पर भी, 
ववत त अिधकारी मा तो राज म सरकार द्वारा राजस् थान लेखा सेवा के अिधकाररमों (सुपर टाईम वेतनमान से 
अिनम न) में से प्रितिनमुजक्त द्वारा मा वविनममों द्वारा मथाववदहत लोक ववज्ञापन के माध मम से धारा 12 के 
अधीन चमन सशमित द्वारा संचाशलत की गमी साक्षात कार प्रकिमा द्वारा िनमुक् त ककमा जामेगा और पद 
िनमतकाशलक संववदा आधार पर भी भरा जा सकेगा। 
 (3) ववतत अिधकारी के िनम नशलखखत कततवव म होंगे, अथावत्:- 
(क)  मह सुिनजशचत करना कक संस् थान द्वारा कोई ऐसा व मम उपगत नहीं ककमा गमा है जो बजट 
में प्रािधकृत नहीं ककमा गमा है; 
(ख)  ऐसे ककसी प्रस् ताववत व मम को नामंजूर करना जो इस अिधिनमम मा तदधीन बनामे गमे 
वविनममों के उपबंधों का उल लंघन करता हो; 
(ग)  मह सुिनजशचत करना कक कोई ववततीम अिनमशमतता नहीं की गमी है और लेखा परीक्षा के 
दौरान मा अन मथा सामने आमी ककसी अिनमशमतता को ठीक करने के शलए कदम उठाना; 
(घ)  म ह सुिनजशचत करना कक संस् थान की संपजतत और वविनधान सम मक् रूप से संरक्षक्षत और 
प्रबंिधत ककमे जामें; और 
(ङ)  ऐसे अन म कृत मों का पालन करना जो चेमरपसवन मा शासी बोडव द्वारा उसे समनुदेशशत ककमे 
जामें। 
 (4) ववतत अिधकारी को संस् थान के ऐसे अशभलेखों और दस् तावेजों तथा इसके कामवकलापों से संबंिधत 
ऐसी सूचना तक पहुंच का अिधकार होगा और उन हें प्रस् तुत कराने की अपेक्षा कर सकेगा जो उसकी राम में उसके 
कतवव मों के िनववहन के शलए आवश मक हों। 
 (5) ववतत अिधकारी की अन म शजक्तमां और कृत म ऐसे होंगे जो वविनममों द्वारा ववदहत ककमे जामें। 
अध‍याय-4 
संस्‍थान र के प्राधिकारी 
 
15. संस्‍थान र के प्राधिकारी.- संस् थान के िनम नशलखखत प्रािधकारी होंगे, अथावत्:- 
(क) शासी बोडव; 
(ख) ववद्मा पररषद्; 
(ग) ववतत और उपापन सशमित; 
(घ) प्रवेश सशमित; 
(ङ) परीक्षा सशमित; 
(च) चमन सशमित; और 
(छ) ऐसे अन म प्रािधकारी जो वविनममों द्वारा संस् थान के प्रािधकारी होना ववदहत ककमे जामें। 
284                     राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023               भाग 4 (क½ 
 
 16. िासी बोडस.- (1) शासी बोडव संस् थान का प्रमुख शासी िनकाम होगा और िनम नशलखखत से शमलकर 
बनेगा- 
(क)  संस् थान का चेमरपसवन  - पदेन चेमरपसवन;  
(ख)  ववतत ववभाग का प्रभारी शासन सिचव - पदेन सदस् म; 
(ग)  उच च शशक्षा ववभाग का प्रभारी शासन सिचव - पदेन सदस् म; 
(घ)  राज म सरकार द्वारा की गमी शसफाररश पर संस् थान 
के चेमरपसवन  द्वारा नामिनददवट ट ककमे जाने वाले, 
लगातार कुल शमलाकर एनआईआरएफ-100 रैंककंग 
वाले संस् थानों/ववश वववद्मालमों से दो 
िनदेशक/कुलपित  
- पदेन सदस् म; 
(ङ)  राज म सरकार द्वारा की गमी शसफाररश पर संस् थान 
के चेमरपसवन द्वारा नामिनददवट ट ककमे जाने वाले, 
ववतत/गवनेंस और सोशशमल साइंसेज सेक् टर से तीन 
प्रख मात व मजक्तत व 
- सदस् म; 
(च)  राज म सरकार द्वारा की गमी शसफाररश पर संस् थान 
के चेमरपसवन द्वारा नामिनददवट ट ककमे जाने वाले 
उद्मोग और शशक्षाक्षेत्र से तीन प्रख मात व मजक्तत व 
- सदस् म; 
(छ)  िनदेशक  - पदेन सदस् म; 
(ज)  कुल-सिचव - पदेन सदस् म-सिचव; 
और 
(झ)  संकामाध मक्ष - पदेन सदस् म। 
  
 स्‍्ष‍टीकरण.- इस उप-धारा के प्रमोजनों के शलए अशभव मजक्त “प्रभारी शासन सिचव” से ववभाग का 
प्रभारी शासन सिचव अशभप्रेत है और उसमें कोई अितररक् त मुख म सिचव और प्रमुख सिचव, जब वह ककसी 
ववभाग का प्रभारी हो, सजममशलत है। 
 (2) ककसी पदेन सदस् म की पदाविध तब तक रहेगी जब तक उसके पदाशभधान से वह एक सदस् म है। 
 (3) उप-धारा (1) के खण् ड (ङ) और (च) के अधीन नामिनददवट ट सदस् म की पदाविध उसके नामिनदेशन 
की तारीख से दो वषव होगी। 
 (4) आकजस्मक ररजक्त को भरने के शलए नामिनददवट ट सदस् म की पदाविध उस सदस् म की, जजसके 
स् थान पर इसको नामिनददवट ट ककमा गमा है, शेष अविध के शलए जारी रहेगी। 
(5) बोडव की बैठक तीन मास में कम से कम एक बार ऐसे समम और स्थान पर होगी जो चेमरपसवन  
समम-समम पर अवधाररत करे। 
(6) ककसी बैठक में कामव संचालन मा अनमथा मा अपनी शजक्तमों के प्रमोग मा अपने कृत मों के पालन के 
शलए बोडव द्वारा अनुसरण की जाने वाली प्रकिमा ऐसी होगी जो ववदहत की जामे। 
भाग 4 (क)                  राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023                  285                      
(7) ऐसे िनमंत्रण और िनबवन धनों, जो ववदहत ककमे जामें, के अध मधीन रहते हुए बोडव, इस अिधिनमम के 
अधीन ककसी शजक्त के प्रमोग मा ककसी कृतम के पालन के शलए ऐसी सशमितमां, जो वह उिचत समझे, गदठत 
कर सकेगा। 
17. बोडस की िक्ततयां और कृ त‍य.- (1) इस अिधिनमम में मथा अनमथा उपबंिधत के शसवाम, बोडव, 
संस्थान के कामवकलापों के साधारण अधीक्षण, िनदेश और िनमंत्रण के शलए उततरदामी होगा।  
          (2) उप-धारा (1) के उपबंधों पर प्रितकूल प्रभाव डाले बबना, बोडव- 
(क)  संस्थान के कामवकलापों और कामवकरण के प्रशासन से संबंिधत नीित के  मामलों पर 
संस्थान के वविनश चमों के कामावनवमन के शलए कदम उठामेगा; 
(ख) उद्मोग की पररवतवनशील आवश मकताओं के अनुरूप संस्थान में पाठ्मिमानुसार अध ममन 
संजस्थत करेगा और संस्थान द्वारा संचाशलत परीक्षाओं से संबंिधत मामलों सदहत समस्त 
शैक्षखणक मामलों पर ववद्मा पररषद् की सलाह पर वविनशचम लेगा; 
(ग) संस्थान की िनरंतर प्रगित के शलए नीितगत पररकल पना, मोजना और नेतृतव प्रदान करेगा; 
(घ) संस्थान की संपजतत और िनिधमों को धाररत और िनमंबत्रत करेगा; 
(ङ) संस्थान के िनशमतत कोई जंगम मा स् थावर संपजतत अजजवत कर सकेगा; 
(च) वविनददवटट प्रमोजनों के शलए संस्थान के व ममन के अधीन रखी गमी ककसी िनिध की 
व मवस् था करेगा; 
(छ) संस्थान के अधमापकों और अनम कमवचाररमों के पदों को सृजजत मा समाप त कर सकेगा; 
(ज) संस्थान के ववतत, लेखा, वविनधान, संपजतत, कारबार और समस्त अनम प्रशासिनक 
कामवकलापों का प्रबंध और वविनममन कर सकेगा और इस प्रमोजन के शलए, ऐसा अशभकताव, 
िनमुक्त कर सकेगा, जो वह उिचत समझे; 
(झ) संस्थान के धन (ववनमास संपजतत से ककसी आम को सजममशलत करते हुए) का ऐसे स्टॉक, 
िनिधमों, अंशों मा प्रितभूितमों में वविनधान कर सकेगा जो वह समम-समम पर उिचत 
समझे; 
(ञ) संस्थान के िनशमतत संववदाएं कर सकेगा, उनमें पररवतवन, उनका कामावन वमन और रद्दकरण 
कर सकेगा; और 
(ट) संस्थान के दहत में उन मामलों पर कोई अनम वविनश चम कर सकेगा, जो इस अिधिनमम के 
उपबंधों मा तदधीन बनाए गए वविनममों से असंगत न हों। 
18. विद्या ्ररषद्.- (1) ववद्मा पररषद् िनमनशलखखत से शमलकर बनेगी- 
(क) िनदेशक  - पदेन चेमरपसवन; 
(ख) कुल-सिचव  - पदेन सदस् म; 
(ग) संकामाध मक्ष  - पदेन सदस्म-सिचव; 
(घ) अधमापन ववभागों के समस्त ववभागाध मक्ष  - पदेन सदस् म; 
(ङ) राजम सरकार की शसफाररश पर, चेमरपसवन द्वारा 
नामिनददवटट ककमे जाने वाले ववतत/ गवनेंस और 
सोशशमल साइंसेज सेक् टर से तीन व मजक्त  - सदस्म; और 
(च) राजम सरकार की शसफाररश पर, चेमरपसवन द्वारा 
नामिनददवटट ककमे जाने वाले भारत मा ववदेश से तीन  - सदस्म। 
286                     राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023               भाग 4 (क½ 
 
ववखमात शशक्षाववद्  
 (2)  ववद्मा पररषद् िनमनशलखखत कृत म संपाददत करेगी, अथावत्:- 
 (क) ववशभन न ववभागों के शलए अध ममन के पाठ्मिमों हेतु पाठ्मचमाव और पाठ्म  वव वरण 
तैमार करना और उनमें पररवतवनों की शसफाररश करना; 
 (ख) मह सुिनजशचत करना कक प्रस्ताववत पाठ्मिम ऑनलाइन/डडजजटल अिधगम में 
शशिथलीकरण और ववकास का उपमोग कर रहे हैं; 
(ग) कैररमर परामशव सहामता सदहत व मजक्तगत अिधगम को समथव बनाना; 
(घ) समस्त पाठ्मिमों में ववरचनातमक िनधावरणों को समथव बनाना; 
(ङ) परीक्षाओं के संचालन के शलए वमवस्था करना; 
(च) ववभागों के कामवकरण के संबंध में शैक्षखणक मामलों पर शसफाररशें करना; 
(छ) ववद्मा पररषद् के सदस्मों, संस्थान के अनम अधमापकों और बाह्म ववशेषज्ञों में से, ऐसे 
वविनददवटट मामलों पर उप-सशमितमां िनमुक् त करना जो ववद्मा पररषद् द्वारा ऐसी उप-
सशमित को िनददवटट ककमे जामें; 
(ज) उप-सशमितमों की शसफाररशों पर ववचार करना और बोडव को मथोिचत शसफाररशें करने 
सदहत प्रत मेक मामले की पररजस्थितमों के अनुसार अपेक्षक्षत कारववाई करना; 
(झ)  ववभागों के किमाकलापों का आविधक पुनवववलोकन करना और मदद आवशमक हो तो बोडव  
को मथोिचत शसफाररशें करना; 
(ञ) पुस् तकालम और अनुसंधान क ें द्र आदद के कामवकरण पर सलाह देना; 
(ट) संस्थान के भीतर अनुसंधान प्रोतसादहत करना और िचंतन-आववट कार-किमानवमन की  
संस् कृित का संवधवन करना; 
(ठ) शैक्षखणक कमवचाररवृंद द्वारा ककमे जाने वाले परामशव कामव के संबंध में अनुसरण की  जाने 
वाली साधारण नीित पर सलाह देना; 
(ड) कक्षाओं, पुस्तकालम और इनकी शाखाओं के िनरीक्षण हेतु उपबंध करना और उसकी ररपोटव 
बोडव को प्रस्तुत करना; और 
(ढ) पाररतोवषकों से जुडी शतों के अनुसार वृजतत, अधमेतावृजतत, छात्रवृजतत, शुल क-मुजक्त, पदक 
और पुरस् कार आदद प्रदान करना। 
 (3) शैक्षखणक संवमवहारों और अधमापन-अिधगम की उभरती आवशमकताओं के पुनवववलोकन के शलए, 
ववद्मा पररषद्, जजतनी बार आवश मक हो, ककन तु एक कैलेण् डर वषव के दौरान चार बार से अन मून बैठक ें करेगी। 
(4) ववद्मा पररषद् की बैठक पररषद् के सदस्म-सिचव द्वारा मा तो स् वप्रेरणा से मा िनदेशक के िनदेश 
पर मा ववद्मा पररषद् के कम से कम पांच सदस् मों द्वारा हस्ताक्षररत अध मपेक्षा पर बुलामी जाएगी। 
(5) ववद्मा पररषद् के सदस्मों की कुल संखमा के आधे से गणपूितव होगी। 
भाग 4 (क)                  राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023                  287                      
(6) बैठक से कम से कम एक सपताह पूवव सदस्म-सिचव द्वारा प्रत मेक बैठक की कामवसूची सदहत एक 
शलखखत नोदटस, ववद्मा पररषद् के सदस्मों में पररचाशलत ककमा जामेगा। ववद्मा पररषद् का चेमरपसवन कामवसूची 
पर ऐसी ककसी मद को सजममशलत करने की अनुज्ञा दे सकेगा,  जजसके शलए सममक् रूप से नोदटस नहीं ददमा 
गमा हो। 
(7) चेमरपसवन अत मावश मक मा ववशेष मुद्दों पर ववचार करने के शलए, उप-धारा (6) में अंतवववट ट ककसी 
बात के होते हुए भी, अलप सूचना पर ववद्मा पररषद् की एक आपात बैठक बुला सकेगा। 
(8) ववद्मा पररषद् के चेमरपसवन का वविनशचम समस्त मामलों के संबंध में अंितम होगा। 
(9) ववद्मा पररषद् के कामववृतत सदस्म-सिचव द्वारा तैमार ककमे जामेंगे और बैठक में उपजस्थत 
समस्त सदस्मों के मधम पररचाशलत ककमे जामेंगे। 
   19. वितत और उ्ा्न र सशमनत.- (1) ववतत और उपापन सशमित िनमनशलखखत से शमलकर बनेगी- 
(क) िनदेशक  - पदेन चेमरपसवन; 
(ख) कुल-सिचव  - पदेन सदस्म-सिचव; 
(ग) ववतत अिधकारी - पदेन सदस्म; और 
(घ) शासी बोडव द्वारा नामिनददवटट ककमा 
जाने वाला एक सदस्म - सदस्म। 
 
(2) ववतत और उपापन सशमित, संस्थान की आम और संसाधनों को धमान में रखते हुए, आगामी 
ववततीम वषव के शलए आवती और अनावती व मम के संबंध में अनुपालन ककमे जाने वाले शसद्धांतों की सीमाओं 
सदहत, संस्थान की संपजतत और िनिधमों के प्रशासन से संबंिधत मामलों पर बोडव को सलाह देगी। 
(3) ववतत और उपापन सशमित संस्थान के िनशमतत समस्त उतपादों तथा सेवाओं के उपापन संबंधी 
समस्त वविनशचम करेगी। 
(4) ववतत और उपापन सशमित के ऐसे अन म कृत म और शजक्तमां होंगी जो उसके कृत मों, जो ववदहत ककमे 
जामें, के िनववहन के शलए अपेक्षक्षत हों। 
 20. अन्य प्राधिकारी.- संस्थान की प्रवेश सशमित, परीक्षा सशमित और अनम प्रािधकाररमों का गठन, 
शजक्तमां और कृतम ऐसे होंगे, जो ववदहत ककमे जामें। 
अध‍याय-5 
संस्थान र के कमसचाररिृंद 
21. संस्थान र के कमसचाररिृंद.- (1) संस्थान इतने पदों के ववरुद्ध जो समम-समम पर शासी बोडव द्वारा 
मंजूर ककमे जामें, कमवचाररमों को िनमुक्त करेगा। संस्थान के कमवचाररमों के िनबंधन और सेवा की शतें ऐसी 
होंगी, जो वविनममों में उपबंिधत की जामें। 
(2) संस्थान, भारत मा ववदेश से संबंिधत संस् थानों में से अशभप्रेररत और सक्षम वमजक्तमों और प्रखमात 
शशक्षाववदों को आकवषवत करने का प्रमास करेगा। 
(3) संस्थान के दहत में, पात्र सरकारी सेवकों को सरकारी मानकों और शतों के अनुसार प्रितिनमुजक्त के 
आधार पर मा सेवा से स्थानांतरण द्वारा िनमुक्त ककमा जा सकेगा। 
(4) सुसंगत वविनममों में उजललखखत शतों के अध मधीन रहते हुए, बोडव समम-समम पर पदों को सृजजत 
मा समापत, जैसा वह उिचत समझे, कर सकेगा। 
22. संकाय सदस्यों, अधिकाररयों और अन्य कमसचाररयों की नन रयुक्तत और ्दोन्न रनत.- (1) इस 
अिधिनमम के उपबंधों के अध मधीन रहते हुए, ऐसी संख मा में आचामों, सह-आचामों, सहामक आचामों और 
288                     राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023               भाग 4 (क½ 
 
अिधकाररमों की िनमुजक्त चेमरपसवन द्वारा की जामेगी। अनम कमवचारी, जो आवशमक हों, िनदेशक द्वारा 
िनमुक्त ककमे जामेंगे। 
(2) उप-धारा (1) में मथा अनमथा उपबंिधत के शसवाम, संस्थान के अिधकाररमों, संकाम सदस्मों और 
अनम कमवचाररमों को ऐसी रीित से और ऐसे पदनाम तथा ग्रेड के साथ िनमुक्त ककमा जामेगा, जैसा ववदहत ककमा 
जामे। 
(3) इस अिधिनमम के अधीन िनमुक्त ककमे गमे संस्थान के कमवचारी ऐसे वेतन और भततों के हकदार 
होंगे और सेवा की ऐसी शतों द्वारा शाशसत होंगे, जो ववदहत की जामें। 
(4) कोई भी वमजक्त संस्थान के संकाम सदस्म के रूप में तब तक िनमुक्त नहीं ककमा जामेगा जब तक 
कक वह ववश वववद्मालम अनुदान आमोग, मा ककसी अन म केन द्रीम, राजम वविनमामक िनकाम, और मथाजस्थित, 
इस अिधिनमम के अधीन बनामे गमे वविनममों द्वारा ववदहत की गमी अहवताओं को पूणव न करता हो और इस 
अिधिनमम के अधीन इस िनशमतत गदठत चमन सशमित द्वारा उसकी शसफाररश नहीं की गमी हो। 
(5) संस् थान के आचामव, सह-आचामव, सहामक आचामव और अनम संकाम सदस्मों की िनमुजक्त मा 
पदोननित के शलए चमन सशमित, िनमनशलखखत से शमलकर बनेगी- 
(क) िनदेशक, जो चमन सशमित का चेमरपसवन होगा; 
(ख) संकामाधमक्ष; 
(ग) चेमरपसवन  द्वारा नामिनददवटट ककमे जाने वाले तीन ववशेषज्ञ; और  
(घ) ऐसे अनम वमजक्त, जो ववदहत ककमे जामें। 
(6) इस धारा के अधीन गदठत चमन सशमित ऐसी प्रकिमाओं का, जो इस अिधिनमम के अधीन बनामे 
गमे िनममों के अधीन ववदहत की जामें, अनुसरण करेगी। 
(7) चमन सशमित द्वारा की गमी कोई भी शसफाररशें, जब तक कक उपजस्थत सदस्मों का बहुमत उनका 
समथवन न कर दे, वविधमान म नहीं मानी जामेंगी: 
 परन तु उप-धारा (5) के अधीन गदठत चमन सशमित की दशा में कम से कम दो ववशेषज्ञों की 
उपजस्थित आवश मक होगी।  
(8) जहां चमन सशमित उप-धारा (7) के उपबंधों के अनुसार कोई शसफाररश करने में ववफल रहती है वहां 
चमन सशमित के कामववृत त चेमरपसवन को प्रस्तुत ककमे जामेंगे, जो उसे उस पर अपने ववचारों सदहत, वविनशचम 
हेतु शासी बोडव को अग्रेवषत करेगा और बोडव का वविनशचम अंितम होगा। 
(9) जहां चमन सशमित की शसफाररशें चेमरपसवन को स्वीकामव नहीं हों, वहां वह ऐसी शसफाररशों पर 
आक्षेप के आधारों को संक्षक्षप त शधदों में वविनददवटट करते हुए, संपूणव मामला बोडव को िनददवटट करेगा, और उस पर 
बोडव का वविनशचम अंितम होगा: 
परन तु चेमरपसवन के शलए मामले को पुनवववचार के शलए चमन सशमित को िनददवटट करना मा मामले पर 
ववचार करने के शलए दूसरी चमन सशमित गदठत ककमे जाने की अपेक्षा करना वविधपूणव होगा।  
 
अध‍याय-6 
वित‍त और सं्रीिा 
 
23. राज‍य द्िारा सहायता अन रुदान र.- राज म सरकार, इस अिधिनमम के अधीन संस्थान को उसके कृत मों 
का दक्षतापूववक पालन करने में समथव बनाने के प्रमोजन के शलए इस िनशमतत वविध द्वारा राज म ववधान-मंडल 
भाग 4 (क)                  राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023                  289                      
के सदन द्वारा ककमे गमे सममक् वविनमोग के पशचात्, प्रतमेक ववततीम वषव में धन की ऐसी राशश, ऐसी रीित से 
जो वह उिचत समझे, संस्थान को संदत त कर सकेगी।  
24. संस्थान र की नन रधि.- (1) संस्थान एक िनिध संधाररत करेगा, जजसमें िनमनशलखखत जमा ककमे 
जामेंगे- 
(क) राजम सरकार द्वारा उपलध ध करामी गमी समस्त िनिधमां; 
(ख) संस्थान द्वारा प्रापत समस्त फीस और अनम प्रभार; और 
(ग) संस्थान द्वारा ककसी अनम रीित से मा ककसी अनम स्रोत से प्रापत समस्त िनिधमां। 
(2) संस् थान िनिधमों के शलए अपने स् वमं के स्रोत सृजजत करने का प्रमास करेगा और संचालन प्रारंभ 
करने के पांच वषों के भीतर-भीतर संचालनों पर आत मिनभवर होने के उद्देश म के साथ, राज म सरकार द्वारा 
उपलध ध की गमी िनिधमों पर िनभवरता में धीरे-धीरे कमी लामेगा। 
(3) संस् थान में जमा की गमी समस्त िनिधमां ककन हीं अनुसूिचत बैंकों में िनक्षक्षप त की जामेंगी और 
ववतत और उपापन सशमित तथा शासी बोडव के अनुमोदन से, ऐसी रीित से जो संस् थान अशभिनजशचत करे, 
िनवेशशत की जामेंगी । 
(4) िनिध का उपमोग धारा 6 के अधीन मथा उपबंिधत शजक्तमों के प्रमोग और इसके कृत मों के पालन 
में उपगत व ममों को सजममशलत करते हुए, संस् थान के व ममों की पूितव करने के शलए ककमा जामेगा। 
25. संस्थान र का बजट.- (1) संस्थान, प्रतमेक वषव ऐसे प्ररुप में और ऐसे समम पर, जो ववदहत ककमा 
जामे, संस्थान की आगामी प्राक् कशलत प्राजपतमों और व ममों को प्रदशशवत करते हुए आगामी ववत तीम वषव के संबंध 
में एक बजट तैमार करेगा और उसे राज म सरकार को, ऐसी रीित से जो िनममों के अधीन ववदहत की जामे, 
अग्रेवषत करेगा।  
(2) बजट उस कालाविध के शलए शासी बोडव द्वारा अनुमोददत संस् थागत ववकास मोजना को स् पट ट रूप 
से प्रदशशवत करेगा।  
(3) बोडव ऐसे िनदेशों की, जो राज म सरकार द्वारा अंितम रूप से बजट अनुमोददत करते समम ददमे 
जामें, अनुपालना करेगा।  
(4) संस् थान के शलए बजट में मंजूर नहीं ककमा गमा कोई व मम मा संस् थान को अनुदत त की गमी 
िनिधमों की दशा में, ऐसे अनुदान के शलए िनबंधनों के शसवाम, राज म सरकार मा भारत सरकार, मा ककसी 
अंतरराट ट्रीम संगठन मा प्रितट ठान मा ककसी अन म अशभकरण द्वारा बजट की पश चातवती मंजूरी उपगत करना 
वविधपूणव नहीं होगा: 
परंतु भारत सरकार और राजम सरकार से शभनन स्रोतों से िनिधमां संस्थान द्वारा, केवल वविध के 
अधीन मथा अपेक्षक्षत, आवशमक समाशोधन अशभप्रापत करने के पशचात् ही प्रापत की जामेंगी: 
परंतु मह और कक, अचानक मा अकजलपत पररजस्थितमों के मामले में, बजट में मंजूरी के अितररक् त, 
पच चीस लाख रूपमे से अनिधक अनावती व मम िनदेशक द्वारा उपगत ककमा जा सकेगा, जो ऐसे समस्त व मम 
के संबंध में राजम सरकार को तुरंत सूिचत करेगा और ऐसे व मम की कामोत तर मंजूरी प्राप त करेगा। 
26. लेखे और सं्रीिा.- (1) संस् थान आंतररक जांच की उिचत प्रणाली सदहत, उससे संबंिधत उिचत 
लेखाओं तथा अन म अशभलेखों को रखेगा और ऐसी रीित से जो वविनममों द्वारा ववदहत की जामे आम तथा व मम 
लेखे और तुलन पत्र को सजममशलत करते हुए लेखाओं का एक वावषवक वववरण तैमार करामेगा। 
(2) संस् थान के लेखाओं की संपरीक्षा ऐसे व मजक्तमों द्वारा की जामेगी जो राज म सरकार द्वारा िनमुक् त 
ककमे जामें और ऐसी संपरीक्षा के संबंध में उपगत कोई भी व मम संस् थान द्वारा राज म सरकार को संदेम होगा। 
290                     राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023               भाग 4 (क½ 
 
(3) संस् थान के लेखाओं की ऐसी संपरीक्षा के संबंध में उसके द्वारा इस प्रकार िनमुक् त ककमा गमा 
व मजक्त और इस प्रकार प्रािधकृत अन म ककसी व मजक्त को ऐसी संपरीक्षा के संबंध में वैसे ही अिधकार और 
ववशेषािधकार तथा प्रािधकार होंगे, जो सरकारी लेखाओं की संपरीक्षा के संबंध में भारत के िनमंत्रक-
महालेखापरीक्षक को प्राप त होते हैं तथा ववशशट ट रूप से उसे पुस् तकों, लेखाओं, संबंिधत वाउचरों और अन म 
दस् तावेजों और पत्रों के प्रस् तुतीकरण की मांग करने और संस् थान के कामावलमों में से ककसी का भी िनरीक्षण 
करने का अिधकार होगा । 
(4) इस प्रकार िनमुक् त ककमे गमे व मजक्त द्वारा मा इस िनशमत त प्रािधकृत ककसी अन म व मजक्त द्वारा 
प्रमाखणत, संस् थान के लेखाओं को उसकी संपरीक्षा ररपोटव के साथ राज म सरकार को, वावषव क रूप से अग्रेवषत 
ककमा जामेगा और राज म सरकार संस् थान को इसके संबंध में ऐसे अनुदेश जारी कर सकेगी, जो वह ठीक समझे 
तथा संस् थान ऐसे अनुदेशों का अनुपालन करेगा। 
 (5) राज म सरकार उप-धारा (4) के अधीन उसको अग्रेवषत ककमे गमे लेखाओं को उसकी संपरीक्षा ररपोटव 
के साथ वावषवक रूप से राज म ववधान-मण् डल के समक्ष रखवा सकेगी। 
27. िावषसक रर्ोटस.- संस् थान, प्रत मेक ववत तीम वषव की समाजपत के पश चात्, मथाशक् म शीघ्र, वावषवक 
ररपोटव तैमार  करेगा और उसे राज म सरकार को ऐसी तारीख से पूवव, जो ववदहत की जामे, प्रस् तुत करेगा और ऐसी 
ररपोटव की प्रित राज म ववधान-मण् डल के सदन के समक्ष रखी जामेगी। 
28. भविष‍य नन रधि और सेिानन रिृक्तत लाभ.- संस् थान अपने कमवचाररमों के फामदे के शलए, ऐसी रीित से 
और ऐसी शतों के अध मधीन रहते हुए, जो ववदहत की जामें, भववट म िनिधमों और सेवािनवृजतत फामदों इत मादद के 
शलए अशभदाम करेगा। 
29. अधिभार.- (1) संस् थान का कोई सदस् म, बोडव, कोई प्रािधकारी मा संस् थान का अन म िनकाम, मा 
मथाजस्थित, संस् थान का कोई अिधकारी, अन म कमवचारी संस् थान के धन मा सम पजतत की हािन, अपव मम मा 
दुरुपमोग के शलए अिधभार के शलए दामी होंगे, मदद ऐसी हािन, अपव मम मा दुरुपमोग उनकी उपेक्षा मा दुराचार 
का प्रत मक्ष पररणाम हो। 
(2) अिधभार अिधरोवपत करने की प्रकिमा और ऐसी हािन, अपवमम मा दुरुपमोग में अंतववशलत रकम 
की वसूली की रीित ऐसी होगी, जैसी कक अिधिनमम के अधीन बनामे गमे िनममों के अधीन ववदहत की जामे। 
 
अधयाय-7 
नन रयम और विनन रयम 
 
30. नन रयम बन रान रे की िक्तत.- (1) राजम सरकार, राजपत्र में अिधसूचना द्वारा, इस अिधिनमम के 
उपबंधों को कामावजनवत करने के शलए िनमम बना सकेगी। 
(2) इस अिधिनमम के अधीन बनामे गमे समस् त िनमम, उनके इस प्रकार बनामे जाने के पश चात् 
मथाशक्म शीघ्र, राजम ववधान-मण्डल के सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, चौदह ददन से अन मून की ऐसी 
कालाविध के शलए, जो एक सत्र में मा दो उततरोततर सत्रों में समाववटट हो सकेगी, रखे जामेंगे और मदद, उस 
सत्र की, जजसमें वे इस प्रकार रखे गमे हैं मा ठीक अगले सत्र की समाजपत के पूवव राज म ववधान-मण् डल का सदन 
ऐसे िनममों में से ककसी भी िनमम में कोई भी उपान तरण करता है मा मह संकल प करता है कक ऐसा कोई िनमम 
नहीं बनामा जाना चादहए, तो तत पश चात् ऐसा िनमम केवल ऐसे उपा न तररत रूप में प्रभावी होगा मा, 
मथाजस्थित, उसका कोई प्रभाव नहीं होगा, तथावप, ऐसा कोई भी उपान तरण मा बाितलकरण उसके अधीन पूवव 
में की गमी ककसी बात की वविधमानमता पर कोई प्रितकूल प्रभाव नहीं डालेगा। 
 
भाग 4 (क)                  राजस् थान राज-पत्र, अगस् त 22, 2023                  291                      
31. विनन रयम बन रान रे की िक्तत.- (1) इस अिधिनमम के उपबंधों के अध मधीन रहते हुए, संस्थान, राजम 
सरकार के पूवव अनुमोदन से, ककसी मामले के शलए उपबंध करने के शलए, जजसके शलए वविनमम द्वारा उपबंध 
ककमा जाना है मा ककमा जा सकेगा, वविनमम बना सकेगा और शजक्त की वमापकता पर प्रितकूल प्रभाव डाले 
बबना, ऐसे वविनमम िनमनशलखखत के शलए उपबंध कर सक ें गे, अथावत्:- 
(क)  संस्थान की प्रथम बैठक से शभन न बैठक ें बुलाने और आमो जजत करने, ऐसी बैठकों  में कामव 
का संचालन करने और गणपूितव के शलए आवश मक सदस् मों की संख मा के शलए; 
(ख)  इस अिधिनमम के अधीन गदठत ककमे जाने वाले बोडव मा ककसी सशमित मा अनम िनकाम के 
गठन के संबंध में ककसी मामले के शलए; 
(ग)  संस्थान के चेमरपसवन और िनदेशक, अनम अिधकाररमों द्वारा प्रमोग की जाने वाली 
शजक्तमों और िनववहन ककमे जाने वाले कृतमों के शलए; 
(घ)  इस अिधिनमम के अधीन गदठत बोडव और ककसी सशमित मा अनम िनकामों के चेमरपसवन 
और सदस्मों को संदत त ककमे जाने वाला भतता, मदद कोई हो, के शलए; 
(ङ)    इस अिधिनमम के अधीन गदठत बोडव मा अनम प्रािधकाररमों मा अनम िनकामों द्वारा उनके 
कारबार के संचालन, उनकी शजक्तमों के प्रमोग और उनके कृतमों के िनववहन के शलए 
अनुसरण की जाने वाली प्रकिमा के शलए; 
(च)  संस् थान के अिधकाररमों, अध मापकों और कमवचाररमों की पदाविध, वेतन और भत ते तथा 
सेवा की अन म शतों के शलए; 
(छ)   संस्थान के िनदेशक और अनम अिधकाररमों तथा कमवचाररमों की शजक्तमों और कतवव मों के 
शलए; 
(ज)  संस्थान की संपजततमों का प्रबंधन करने के शलए; 
(झ)   डडिग्रमों, डडपलोमों और अनम शैक्षखणक उपािधमों और पदनामों, जो संस्थान द्वारा ददमे जा 
सक ें गे, के शलए; 
(ञ)  संस्थान के अधमापकों, अिधकाररमों और कमवचाररमों के पदों के सृजन और उनके शलए 
अपेक्षक्षत नमूनतम अहवताओं सदहत, ऐसे पदों पर वमजक्तमों की िनमुजक्त के शलए; 
(ट)  फीस और अनम प्रभारों, जो संस्थान द्वारा मांगे और प्रापत ककमे जा सक ें गे, के शलए; 
(ठ)  रीित जजससे और शतें जजनके अध मधीन रहते हुए, संस्थान के कमवचाररमों के शलए उपदान, 
बीमा और भववट म िनिध गदठत ककमे जा सक ें गे, के शलए; और 
(ड)  अनम ककसी मामले के शलए, जजसके शलए इस अिधिनमम के अधीन मा वविनममों द्वारा 
उपबंध ककमे जा सक ें गे। 
(2) उप-धारा (1) में अन तवववट ट ककसी बात के होते हुए भी, इस अिधिनमम 

Excerpt shown. Open the full act in Lexace.

‹ Prev All Rajasthan acts Next ›