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The Udaipur Development Authority Act,2023

Rajasthan · state statute
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 राजस्‍ थान र‍राज्र 
विशेष ांक 
RAJASTHAN GAZETTE 
Extraordinary 
स धिक र प्रक शशत Published by Authority 
आषाढ़ 28, बुधवार, शाके  1945-जुलाई 19, 2023 
Asadha  28, Wednesday , Saka 1945- July  19, 2023 
भाग-3(क) 
राजस्‍ थान र‍धानान र‍ाभा‍ं प‍रस्स्‍ ु ‍यक ग‍ग ग‍ ा‍रस्स्‍ ु ‍ 
करन रग‍ाग‍्ूाव‍रस्काशि ‍यक ग‍ग ग‍धानग क। 
राजस्‍ थान र‍धानान र‍ाभा‍ावााा   
अधधसूचना 
ज ्ुर,‍जु ाई 19, 2023 
ांख्‍  ा‍एफ. 13(23)धािा/धाा/2023/‍:-उद ्ुर‍धाकाा‍रस्ावनकरण‍धानग क,‍2023‍
जैसा कक दिनाांक 19 जुलाई, 2023 को राजस् थान धवधान स ा ं प रुर्स् थाधरक कक ा ग ा, 
सववसाधारण को सूचनाथव प्रकाशशक कक ा जाका है। 
 
ं हावीर प्रसाि शं ाव, 
प्रमुख सधिि । 
 
   2023 का विधेयक ां.23 
   
उद ्ुर‍धाकाा‍रस्ावनकरण‍धानग क,‍2023 
‍(जैाायक‍राजस्‍ थान र‍धानान र‍ाभा‍ं प‍्ुर:स्‍थाध् ‍यक ा‍ग ा) 
 
उि रुर शहर कथा उसके ननकटवकी कनकर  क्षेत्रों को शं लाकर उि रुर रीजन बनाने, 
उि रुर रीजन के सं ुधचक, सुव्  व्स्थक कथा स्‍ वर धवकास के शल   ोजना बनाने, उनं प सं ्‍ व  
स् थाधरक करने  र उसका र ववेक्षण करने  र ेसे धवकास के शल   ोजना,ां, रयर ोजना,ां कथा 
स् कीं ों को नन‍ रादिक करने के प्र ोजन के शल  प्राधधकरण की स् थारना  र उससे सांबांधधक ं ां लों 
का उरब्‍ ध करने हेकु धवधे क।  
 क्, उि रुर शहर  र उसके ननकटवकी क्षेत्र क्रशं क रूर से धवकशसक  र आबाि होके जा रहे 
हैं  र इस बाक की र ावप् क आव्‍  कका ं हसूस की जा रही है कक ेसे क्षेत्रों को उि रुर रीजन का रूर 
िे दि ा जा े  र इन क्षेत्रों के सं ुधचक, सुव्  व्स्थक  र स्‍ वर धवकास के शल   ोजना ां बनाने, उनं प  
सं ्‍ व  स् थाधरक करने कथा उनका र ववेक्षण करने के शल , ्जसके शल  वकवं ान ं प अनेक सरकारी 
धव ाग, स् थानी  प्राधधकारी  र अ्‍   सांगनन अरनी-अरनी अधधकायरका,ां के  ीकर का वशील हैं,  क 
ेसे प्राधधकरण की स् थारना की जा े;  र  ह उरब्‍ ध  ी कक ा जा े कक ेसा प्राधधकरण स् व ां  ा 

425                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                   ाग 3(क) 
 
 
ककसी अ्‍   प्राधधकारी के ं ा्‍  ं  से उि रुर रीजन के धवकास से सांबांधधक  ोजना ां, रयर ोजना ां  र 
स् कीं प बनाने  र उनका नन‍ रािन करने ं प सं थव हो सके काकक आगां ी 2040 ईस् वी कक  ा उसके  
र्‍ चाकक की अवधध के शल   ी, ्जसं प ं ्‍  वकी चरण  ी स्मिं शलक होंगे, उि रुर रीजन की 
जनसांख्  ा के शल  आवासन, सां ुिान क सुधवधा ां, नागयरक सुधवधा ां  र अ्‍   अवस् थारनों की सुचा  
रूर से व्  वस् था हो सके  र  ह कक उर ुव‍ क प्र ोजनों से सांबांधधक ं ां लों के शल  उरब्‍ ध कक ा 
जा े।  
 ारक गणराज्  के चौह्‍ करवप वषव ं प राजस्थान राज्  धवधान-ं ण्डल ननमिनशलखिक अधधनन ं  
बनाका है्- 
अध्‍  ा ‍1 
रस्ारम्भभक‍ 
1.‍ ांक्षिप्‍  ‍ न रां ,‍ रस्ाार‍ रर‍ रस्ारभ‍ भ.-‍ (1) इस अधधनन ं  का नां  उि रुर धवकास 
प्राधधकरण अधधनन ं , 2023 है।  
(2) इसका प्रसार उि रुर रीजन क्षेत्र रर होगा।  
(3)  ह कुर्‍ क प्रवत्‍क होगा। 
2.‍्ररभाषाएं.-‍जब कक सांि व से अ्‍  था अरे्क्षक न हो, इस अधधनन ं  ं प,-  
(1) ''कतधष'' ं प उद् ान कतधष, फल-कतधष, बीज-कतधष, िुग् ध-उद् ोग, उद् ान-कं व, वनोद् ोग, 
रशु-प्रजनन अथवा  ूशं  का रौधशाला  ा गोचर  ूशं  के रूर ं प उर ोग अथवा  ूशं  का ेसा कोई 
अ्‍   उर ोग स्मिं शलक है जो उस रर िेकी के  ा अ्‍   कतधषक प्र ोजनों का अनुषांगी हो, कथा श्‍ ि 
''कतधषक'' का किनुसार अथव लगा ा जा ेगा;  
(2) ''सुि-सुधवधा ां'' ं प सड़क प, रुल, सांचार के कोई अ्‍   साधन,  ाका ाक, गशल ाां, िुले 
स् थान, राकव, आं ोि-प्रं ोि के स् थल, िेलकूि के ं ैिान, जल, गैस कथा धवद् ुक प्रिा ,  र रजाव का 
कोई स्रोक, गली प्रकाश व्  वस् था, ं ल-वहन, जल-ननकास, ं ल-सफाई, साववजननक  ननं ावण का व  र 
ेसी अ्‍   उर ोधगका ां, सेवा ां  वां सुधवधा ां आकी हैं ्जनका इस अधधनन ं  के प्र ोजन के शल  राज्   
सरकार प्राधधकरण के ररां शव से, राजरत्र ं प अधधसूचना द्वारा, सुि-सुधवधा होना धवननदिव‍ ट करे;  
(3) ''प्राधधकरण'' से धारा 3 के अधीन गदनक उि रुर धवकास प्राधधकरण अश प्रेक है;  
(4) '' वन-सांका व'' ं प  वनों के रुनननवं ावण-सांका व,  वनों के सांरचना्‍ ं क रयरवकवन  ा उनं प 
रयरवधवन  र  वनों के ननं ावण के सांबांध ं प हाथ ं प शल े ग े अ्‍   सांका व स्मिं शलक हैं;  
(5) ''धवकास'' से, इसके व्  ाकरखणक रूर  ेिों सदहक,  ूशं  (्जसं प निी, लील  ा अ्‍   कोई 
जल के अधीन  ूशं  स्मिं शलक है) ं प, उस रर  ा उसके नीचे की जाने वाली कोई  ी  वन 
सांकक्र ा ां, इांजीनन री, िनन  ा अ्‍   सांकक्र ा ां  ा ककसी  वन  ा  ूशं  के उर ोग ं प कोई का््‍वक 
रयरवकवन करना  र ककसी  ूशं  का रुनधववकास  र अश ्‍  ास,  र उर -धव ाजन कथा कतधष, 
उद् ान-कतधष, फूलों की िेकी, वन लगाना, डे री धवकास, कु‍ कुट रालन, सूअर रालन, रशु प्रजनन, 
ं ्‍ स्   रालन  र अ्‍   ेसे ही कक्र ाकलार अश प्रेक हैं;  र ''धवकास करना '' का किनुसार अथव 
लगा ा जा ेगा;  
 ाग 3(क)                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                  426 
 
 
(6) ''धवकास क्षेत्र'' से धारा 29 की उर-धारा (1) के अधीन इस रूर ं प घोधषक क्षेत्र अश प्रेक है 
्जसं प स् कीं ों, रयर ोजना,ां द्वारा  ा अ्‍  था, ककसी सं ुधचक कालावधध के  ीकर धवकास का कक ा 
जाना प्रस् काधवक है;  
(7) ''सरकार'' से राजस् थान राज्   की सरकार अश प्रेक है; 
(8) '' ूशं '' ं प  ूशं  से उ्‍ र्‍ न फा िे,  र जं ीन से सांलग् न वस् कु ां  ा जं ीन से स् था ी 
रूर से जुडी ी़ हुई वस् कु ां स्मिं शलक हैं;  
(9) ''स् थानी  प्राधधकारी'' से नगरराशलका  ा रांचा क अश प्रेक है;  
(10) ''नगरराशलका'' से राजस् थान नगरराशलका अधधनन ं , 2009 (2009 का अधधनन ं  
सां.18) के अधीन उि रुर रीजन ं प स् थाधरक नगरराशलका अश प्रेक है;  
(11) ''अधध ोगी'' के अ्‍ कगवक आका है,-  
(क)  स् वां ी अथवा कोई व्  ्‍क जो, अश व्  ‍ क  ा धवव्क्षक सांधविा के शसवा , ककसी 
 वन  ा  ूशं  के स् वां ी को ककरा ा सांि्‍ क कर रहा हो  ा सांिा  करने का िा ी 
हो;  ा 
(ि) कोई  ी व्  ्‍क जो ककसी  ूशं   ा  वन के स् वां ी को ेसे ककसी सांरूणव  वन  ा 
 ूशं  का  ा उसके ककसी  ाग का सिोष अधध ोग करने के शल  नुकसानी का 
सांिा  करने का िा ी हो;  र  
(ग)   ककसी  वन  ा  ूशं  का ककरा ा-ं ु‍ क अधध ोगी;  
(12) ''स् वां ी'' के अ्‍ कगवक ेसा व्  ्‍क आका है जो ककसी अश व्  ‍ क  ा धवव्क्षक सां धविा 
के शसवा , चाहे अरने स् व ां के शल  अथवा ककसी अ्‍   व्  ्‍क के शल   ा ककसी धाशं वक अथवा रूकव 
सांस् था के शल   क अश ककाव, ्‍  ासी, सांरक्षक, प्रब्‍ धक अथवा यरसीवर के रूर ं प ककसी  वन  ा 
 ूशं  का ककरा ा  ा ला  प्राप् क कर रहा है  ा प्राप् क करने का हकिार है;  
(13) ''रांचा क'' से राजस् थान रांचा की राज अधधनन ं , 1994 (1994 का अधधनन ं  सां.13) 
के अधीन उि रुर रीजन ं प स् थाधरक कोई रांचा क अश प्रेक है;  
(14) '' ोजना'' से इस अधधनन ं  के अधीन कै ार की ग ी अथवा कै ार की हुई सं ली ग ी 
कोई ं ास् टर धवकास  ोजना  ा जोनल धवकास   ोजना अश प्रेक है  र अश व्  ्‍क ''कोई  ोजना'' 
का किनुसार अथव लगा ा जा ेगा;  
(15) ''धवदहक'' से इस अधधनन ं  के अधीन नन ं ों द्वारा धवदहक अश प्रेक है;  
(16) ''लोक प्र ोजन'' ं प ेसा कोई  ी प्र ोजन स्मिं शलक है जो जनका  ा जनका के ककसी 
वगव  ा प्रवगव  र इस अधधनन ं  के अधीन ककसी  ोजना, रयर ोजना अथवा स् कीं  ं प आर्क्षक  ा 
अश दहक  ूशं  की अरेक्षा अथवा ककसी अ्‍   प्र ोजन के शल  उर ोगी है;  
(17) ''धवनन ं '' से इस अधधनन ं  के अधीन प्राधधकरण द्वारा बना ा ग ा धवनन ं  
अश प्रेक है;  
(18) ''नन ं '' से इस अधधनन ं  के अधीन सरकार द्वारा बना ा ग ा नन ं  अश प्रेक है;  
(19) ''अधधकरण'' से इस अधधनन ं  के उरब्‍ धों के अधीन गदनक अधधकरण अश प्रेक है;  
(20) ''उि रुर रीजन'' से अनुसूची ं प धवननदिव‍ ट शहर, नगरों  र गाांवों की सीं ा,ां ं प के क्षेत्र 
अश प्रेक हैं। राज्   सरकार सं  -सं   रर राजरत्र ं प प्रकाशशक अधधसूचना द्वारा, उस अनुसूची को ेसी 
427                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                   ाग 3(क) 
 
 
अधधसूचना ं प धवननदिव‍ ट ककसी क्षेत्र को जोड़कर  ा उसं प से हटाकर सांशोधधक कर सकेगी  र 
किुररा्‍ क उरा्‍ कयरक क्षेत्र उि रुर रीजन होगा; 
(21) ''जोन'' से उन िण् डों ं प से कोई िण् ड  अश प्रेक है ्जनं प उि रुर रीजन को इस 
अधधनन ं  के अधीन धवकास के प्र ोजन के शल  धव ा्जक कक ा जा े;  र  
(22) उन श्‍ िों  र अश व्  ्‍क ों का, ्जनका इस अधधनन ं  ं प प्र ोग कक ा ग ा है 
कक्‍ कु ्ज्‍ हप इसं प रयर ाधषक नहीां कक ा ग ा है, वही अथव लगा ा जा ेगा जो उनको राजस् थान नगर 
सुधार ्‍  ास अधधनन  ं , 1959 (1959 का अधधनन ं  सां. 35)  र राजस् थान नगरराशलका 
अधधनन ं , 2009 (2009 का अधधनन ं  सां.18) ं प दि ा ग ा है।  
 
अध्‍  ा ‍2 
रस्ावनकरण‍की‍स्‍ था्न रा‍रर‍ग न र 
3.‍उद ्ुर‍धाकाा‍रस्ावनकरण‍की‍स्‍था्न रा.-‍(1)‍राज्   सरकार इस अधधनन ं  के प्रारमि   के 
र्‍ चाकक  थाश‍   शीघ्र राजरत्र ं प अधधसूचना द्वारा, इस अधधनन ं  के प्र ोजनों के शल   क 
प्राधधकरण की स् थारना करेगी जो ''उि रुर धवकास प्राधधकरण'' कहला ेगा (्जसे इसं प इसके र्‍ चाकक 
''प्राधधकरण'' कहा ग ा है)।   
(2) उ‍ क प्राधधकरण रूववोक‍ क नां  से  क ननगशं क ननका  होगा ्जसे शा ्‍ वक उ्‍ कराधधकार 
प्राप् क होगा  र ्जसकी सां ा्‍   ं ुहर होगी  र ्जसे इस अधधनन ं  के उरब्‍ धों के अ्‍  धीन 
जांगं  कथा स् थावर िोनों प्रकार की सांर््‍क ों का अजवन, धारण  वां व्   न करने  र सांधविा करने 
की श्‍क होगी  र अरने ननगशं क नां  से वह वाि ला सकेगा  ा उसके धव द्ध वाि ला ा जा 
सकेगा।  
(3) राजस् थान साधारण िण् ड  अधधनन ं , 1955 (1955 का अधधनन ं  सां. 8) ं प 
 थारयर ाधषक रि ''स् थानी  प्राधधकारी '' के अथाव्‍ कगवक प्राधधकारी को स् थानी  प्राधधकारी सं ला 
जा ेगा।  
4.‍उद ्ुर‍धाकाा‍रस्ावनकरण‍की‍ांरान रा.-‍(1) प्राधधकरण ं प  ननमि नशलखिक सिस्   होंगे, 
अथावकक्- ‍‍‍‍‍ 
(i) अ्‍  क्ष, जो राज्   सरकार द्वारा नन ु‍ क कक ा जा ेगा;  
(ii) उि रुर धवकास आ ु‍ क, उि रुर जो उरा्‍  क्ष होगा; 
(iii) शासन सधचव, नगरी  शासन (धवकास  र आवासन धव ाग);  ा उसका प्रनकननधध 
जो उर सधचव से नीचे की रैंक का न हो;  
स्‍ ्ष्‍ टीकरण:- इस िण् ड के प्र ोजन के शल  अश व्  ्‍क ''सधचव'' से धव ाग का 
प्र ारी शासन सधचव अश प्रेक है  र इसं प कोई अनकयर‍ क ं ुख्   सधचव  र प्रं ुि सधचव 
जब वह उस धव ाग का/की प्र ारी हो, स्मिं शलक है। 
(iv) उर आवासन आ ु‍ क, राजस् थान आवासन बोडव, ज रुर (उि रुर रीजन);  
(v) अनकयर‍ क ं ुख्   अश  ांका, जन स् वास् ्   अश  ा््‍त्रकी धव ाग, उि रुर;  
(vi) अनकयर‍ क ं ुख्   अश  ांका, साववजननक ननं ावण धव ाग, उि रुर;  
(vii) ्जला कल‍ टर, उि रुर;  
 ाग 3(क)                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                  428 
 
 
(viii) ं ुख्   प्रबांध ननिेशक, अजं ेर धवद् ुक धवकरण ननगं  शलशं टेड, अजं ेर; 
(ix) ं हारौर/प्रशासक, नगर ननगं , उि रुर; 
(x) ्जला प्रं ुि, ्जला रयरषद्, उि रुर; 
(xi) वयर‍ न नगर नन ोजक, उि रुर; 
(xii) साक से अनधधक गैर -सरकारी सिस्  , जो राज्   सरकार द्वारा नां ननिदेशशशक कक े 
जा पगे;  र 
(xiii) सधचव, उि रुर धवकास प्राधधकरण - जो सिस्  -सधचव होगा। 
 
 (2) उर-धारा (1) ं प ननदिव ‍ ट सिस्  ों के अनकयर‍ क, राज्   सरकार,  दि वह उधचक सं ले 
को ककसी कत्‍  कारी बोडव के अ्‍  क्ष को  ी प्राधधकरण का सिस्   नन ु‍ क कर सकेगी।  
(3) प्राधधकरण का अ्‍  क्ष, प्राधधकरण की ,र से सं स् क कक्र ाकलारों का र ववेक्षण करेगा 
 र उन रर नन ांत्रण रिेगा  र ेसी श्‍क ों का प्र ोग  र ेसे ककवव्  ों का रालन करेगा जो इस 
अधधनन ं  के अधीन उसको प्रि्‍क कक े ग े हों  र ेसी अ्‍   श्‍्‍क ों का प्र ोग  र ेसे अ्‍   
ककवव्  ों का रालन करेगा जो प्राधधकरण, धवनन ं ों द्वारा, सं  -सं   रर अवधायरक करे। वह 
प्राधधकरण के अधधकायर ों  र इस अधधनन ं  के उरबांधों के अधीन गदनक सशं नक ों के धवनन्‍ च ों 
का, प्राधधकरण द्वारा उसकी अगली बैनक ं प रु्‍टकरण के अ्‍  धीन रहके हु , उराांकरण  ी कर 
सकेगा।  
(4) उरा्‍  क्ष ेसी श्‍क ों का प्र ोग  र ेसे ककवव्  ों का रालन करेगा जो प्राधधकरण का 
अ्‍  क्ष, आिेश द्वारा, उसे प्र्‍  ा ो्जक करे  र वह अ्‍  क्ष की अनुर्स्थनक ं प अ्‍  क्ष के कत्‍  ों 
का रालन  र श्‍क ों का प्र ोग करेगा।  
(5) सिस्  , प्राधधकरण  ा उसकी ककसी सशं नक  ा ननका  की बैनकों ं प हा्जर होने  ा 
सिस्   के रूर ं प कक्‍ हीां अ्‍   कत्‍  ों का समि रािन करने ं प कक े ग े व्  ्‍कगक िचव के शल  ेसे 
 ्‍के प्राप् क करपगे जो धवदहक कक े जा प।  
(6) जब कोई व्  ्‍क ककसी रि को धारण करने के आधार रर  ा सांसद्  ा राज्   धवधान-
ं ण् डल  ा ककसी स् थानी  प्राधधकारी  ा ककसी अ्‍   प्राधधकारी, ननगं , रयरषद्, बोडव  ा ननका  का , 
चाहे वह ननगशं क हो  ा नहीां, सिस्   होने के कारण प्राधधकरण का सिस्   हो जाका है  ा 
नां ननिदेशशशक कक ा जाका है को वह,  था्स्थनक, ेसे रि का धारक   ा सिस्   न रहने रर 
प्राधधकरण का सिस्    ी नहीां रहेगा।   
(7) रिेन सिस्  ों से श ्‍ न, प्राधधकरण का कोई  ी सिस्   ककसी  ी सं   अ्‍  क्ष को स् व ां 
द्वारा शलखिक सांबोधन द्वारा अरने रि से ्‍  ागरत्र िे सकेगा कक्‍ कु वह कब कक सिस्   बना रहेगा 
जब कक अ्‍  क्ष द्वारा उसका ्‍  ागरत्र स् वीकार न कर शल ा जा े।  
(8) उर-धारा (1) के िण् ड (xxi) के अधीन नां ननिदेशशशक प्राधधकरण के गैर-सरकारी सिस्  ों 
की रिावधध िो वषव की कालावधध के शल  होगी्  
रर्‍ कु उस िशा ं प जब उर ुव‍ क ककसी सिस्   का रि ं त्‍  ु हो जाने, हटा े जाने, ्‍  ागरत्र  
िे िेने के कारण  ा अ्‍  था यर‍ क हो ग ा हो को उस यर्‍क को उर -धारा (1) के िण् ड (xxi)  के 
उरबांधों के अनुसार न े नां ननिदेशशन द्वारा  रा जा ेगा।  
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(9) प्राधधकरण,  ा उसके ककसी बोडव, सशं नक  ा अ्‍   ननका  का कोई का व  ा का ववाही 
ककसी  ी सं   केवल इस आधार रर अधवधधं ा्‍   नहीां सं ली जा ेगी कक प्राधधकरण  ा ेसे 
ननका  के ककसी सिस्   का नां ननिदेशशन  ा नन ु्‍क नहीां की ग ी है  ा ककसी अ्‍   कारणवश 
प्राधधकरण  ा ेसे ननका  के गनन के  ा बैनक के सं   वह अरना रि सां ालने के शल  उरल्‍ ध  
नहीां है  ा कोई व्  ्‍क  क से अधधक हैशस क से सिस्   है  ा प्राधधकरण  ा ेसे ननका  के कक्‍ हीां 
सिस्  ों के रिों की  क  ा अधधक यर्‍क ाां हैं।  
5.‍रस्ावनकरण‍की‍बै कप.-‍(1) प्राधधकरण की छह ं ास ं प कं  से कं   क बार बैनक ेसे 
स् थान रर  र ेसे सं   रर होगी जो अ्‍  क्ष धवनन््‍चक करे,  र धारा 6 के उरबांधों के अ्‍  धीन 
रहके हु  उसकी बैनक के का व सांचालन (उसं प गणरूनकव को स्मिं शलक करके हु ) सांबांधी प्रकक्र ा के 
ेसे नन ं ों का अनुरालन कक ा जा ेगा जो धवनन ं ों द्वारा अधधकधथक कक े जा प।  
(2) अ्‍  क्ष  ा उसकी अनुर्स्थनक ं प उरा्‍  क्ष, प्राधधकरण की प्र्‍  ेक बैनक की अ्‍  क्षका 
करेगा।  दि ककसी कारणवश अ्‍  क्ष  र उरा्‍  क्ष िोनों ककसी बैनक ं प उर्स्थक होने ं प असं थव 
हों को प्राधधकरण का कोई अ्‍   सिस्  , जो बैनक ं प उर्स्थक उसके सिस्  ों द्वारा ननवावधचक कक ा 
जा े, बैनक की अ्‍  क्षका करेगा।  
6.‍ादस्‍   ा‍की‍ां ाम्प् . -‍(1) प्राधधकरण का कोई सिस्  , जो प्राधधकरण द्वारा उसके 
ननशं ्‍क की ग ी  ा कक े जाने के शल  प्रस् काधवक ककसी सांधविा, उधार, प्रब्‍ ध  ा प्रस् काव ं प प्र्‍  क्ष 
 ा अप्र्‍  क्ष रूर से कोई शे र अथवा धन सांबांधी अ्‍   दहक रिका है  ा अ्जवक करका है, प्राधधकरण 
का सिस्   नहीां रहेगा्   
रर्‍ कु ककसी सिस्   को केवल इसी कारण ेसा शे रधारी  ा दहकधारी नहीां सं ला जा ेगा 
कक वह ेसी ककसी सांधविा, उधार, प्रब्‍ ध  ा प्रस् काव ं प ककसी र््‍लक शलशं टेड कमि रनी/सं ु्‍ थान का 
शे रधारी है  ा कक वह स् व ां  ा उसका कोई सांबांधी प्राधधकरण द्वारा उसके ननशं ्‍क नन ो्जक है  ा 
कक प्राधधकरण के सिस्   की हैशस क से उसका ेसा कोई शे र  ा दहक है  ा कक उसकी समि र ््‍क 
 ा ेसी कोई समि र््‍क ्जसं प उसका शे र  ा दहक है, करार द्वारा  ा क्‍ सं   प्रवत्‍क ककसी धवधध 
के अनुसार प्राधधकरण द्वारा उसके ननशं ्‍क अ्जवक की  ा रट्टे रर ली जाकी है अथवा की  ा ली जा 
रही है।  
(2)  दि कोई ेसा प्र्‍ न उ्‍र्‍ न हो जा े कक ‍  ा प्राधधकरण का कोई सिस्   उर-धारा (1) 
ं प उल् लखिक ननरहवका,ां के अधीन आ ग ा है को  ह प्र्‍ न राज्   सरकार को धवनन्‍ च  के शल   ेजा 
जा ेगा  र उसका धवनन्‍ च  अ््‍कं  होगा।  
7.‍का वकारी‍ाशं त ‍का‍ग न र‍रर‍िम्त  ां. -‍(1)‍प्राधधकरण‍की  क का वकारी सशं नक 
होगी, ्जसं प ननमि नशलखिक सिस्   होंगे, अथावकक्-  
(i) उि रुर धवकास आ ु‍ क, जो अ्‍  क्ष होगा;  
(ii) सधचव, नगरी  शासन (धवकास कथा आवासन) का प्रनक ननधध, जो उर सधचव की रैंक 
से नीचे का न हो; 
स्‍ ्ष्‍ टीकरण.- इस उर-धारा के प्र ोजन के शल  अश व्  ्‍क ''सधचव'' से धव ाग का प्र ारी 
शासन सधचव अश प्रेक है  र इसं प कोई अनकयर‍ क ं ुख्   सधचव  र प्रं ुि सधचव, जब वह उस 
धव ाग का प्र ारी हो, स्मिं शलक है। 
 ाग 3(क)                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                  430 
 
 
(iii) सधचव, उि रुर धवकास प्राधधकरण, जो सशं नक का सिस्  -सधचव होगा; 
(iv) अनकयर‍ क ं ुख्   अश  ्‍ का, साववजननक ननं ावण धव ाग, उि रुर रीजन, उि रुर, 
राजस् थान; 
(v) अनकयर‍ क ं ुख्   अश  ्‍ का, जन स् वा स् ्   अश  ाां्त्रकी धव ाग, उि रुर रीजन, 
उि रुर, राजस् थान; 
(vi) प्रबांध ननिेशक, अजं ेर धवद् ुक धवकरण ननगं  शलशं टेड  ा उसका प्रनकननधध जो ं ुख्   
अश  ांका की रैंक से नीचे का न हो; 
(vii) प्रबांध ननिेशक, राजस् थान राज्    द् ोधगक धवकास  वां धवनन ोजन ननगं  शलशं टेड  ा 
उसका प्रनकननधध जो ं हाप्रबांधक की रैंक से नीचे का न हो; 
(viii) प्रबांध ननिेशक, राजस् थान राज्   रथ रयरवहन ननगं   ा उसका प्रनकननधध जो ं हाप्रबांधक 
की रैंक से नीचे का न हो; 
(ix) उर ननिेशक, र वटन, उि रुर; 
(x) प्राधधकरण का ननिेशक, अश  ाां्त्रकी; 
(xi) प्राधधकरण का ननिेशक, नगर नन ोजन; 
(xii) प्राधधकरण का ननिेशक, धव्‍ क;  
(xiii) प्राधधकरण का ननिेशक, धवधध; 
(xiv) ्जला कल‍ टर, उि रुर; 
(xv) रुशलस अधीक्षक, उि रुर;  र 
(xvi) आ ु‍ क, नगर ननगं , उि रुर; 
 (2) का वकारी सशं नक ननमि नशलखिक श्‍क ों का प्र ोग  र ननमि न शलखिक ककवव्  ों का 
रालन करेगी, अथावकक्-  
(i) प्राधधकरण के डडवीजनों  र कक्र ाशील इकाइ ों का सांगनन;  
(ii) धवनन ं ों के प्रारूर कै ार करना  र प्राधधकरण को उनके बनाने की शसफायरश करना;  
(iii) उि रुर रीजन धवकास ननधध ों का प्रचालन;  
(iv) रयर ोजना ां  र स् कीं प कै ार करना; 
(v)  रयर ोजना,ां  र स् कीं ों के शल  ननधविा ां स् वीकार  ा अस् वीकार करना;  
(vi) सरकार के रूवव अनुं ोिन से प्राधधकरण के अधीन रिों का सतजन ेसे स् कर कक करना जो 
धवनन ं ों द्वारा अवधायरक हो;  
(vii) प्राधधकरण द्वारा अरे्क्षक धनराशश उधार लेना  र रुन् उधार लेना; 
(viii) उि रुर रीजन धवकास ननधध की अधधशेष राशश का धवनन ोजन;  
(ix) रयर ोजना,ां  र स् कीं ों के शल  ककसी स् थानी  अथवा अ्‍   प्राधधकारी  ा व्  ्‍क को 
अनुिान, धन सांबांधी सहा का, उधार  ा अधिं  िेना  ा उसके िचों ं प दहस् सा िेना;  
(x) प्राधधकरण के ननशं ्‍क धवधधक का ववाही सां्स्थक करना  ा प्र्‍  ाहृत क करना;  र  
(xi) अरने अ्‍  क्ष  ा प्राधधकरण के ककसी अधधकारी को अ रनी श्‍क ों  र कत्‍  ों ं प से 
ककसी का प्र्‍  ा ोजन करना।  
431                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                   ाग 3(क) 
 
 
(3) का वकारी सशं नक इस अधधनन ं  के अ्‍   उरब्‍ धों के अधीन अरने को प्रि्‍ क श्‍क ों 
 र कत्‍  ों के अनकयर‍ क ेसी अ्‍   श्‍क ों का प्र ोग  र ेसे अ्‍   कत्‍  ों का रालन करेगी जो 
प्राधधकरण द्वारा उसे सं  -सं   रर प्र्‍  ा ो्जक कक े जा प।  
(4) का वकारी सशं नक की बैनक ेसे स् थान  र ेसे सं   रर होगी जैसाकक उसके अ्‍  क्ष 
द्वारा नन क कक ा जा े  र वह का व सांचालन सांबांधी प्रकक्र ा के ेसे नन ं ों का रालन करेगी जो 
धवनन ं ों द्वारा अवधायरक कक े जा प।  
8.‍उद ्ुर‍धाकाा‍आ ुत‍ ,‍तन रदगिक,,‍ावाा‍आिद‍की‍तन र ुम्त .-‍(1) राज्   सरकार अरने 
अधधकायर ों ं प से ककसी अधधकारी को उि रुर धवकास आ ु‍ क के रूर ं प ेसे वेकन  र  ्‍कों रर 
 र सेवा के ेसे ननब्‍ धनों  र शकों रर नन ु‍ क करेगी, जो राज्   सरकार द्वारा अवधायरक की 
जा प। वह प्राधधकरण का ं ुख्   का वरालक अधधकारी होगा  र प्राधधकरण  ा का वकारी सशं नक  ा 
ककसी अ्‍   सशं नक  ा ककसी कत्‍  कारी बोडव  ा उसके ककसी ननका  ं प प्रनकनन ु्‍क रर सं  -सं   
रर नन ु‍ क सरकारी अधधकायर ों सदहक प्राधधकरण के सं स् क अधधकायर ों  र कं वचायर ों के का ों  
का र ववेक्षण करेगा  र उन रर नन ांत्रण रिेगा। वह प्राधधकरण को िे  सं स् क  राशश ों के सांिह 
 र उसके द्वारा सांिे  सं स् क राशश ों के सांिा  के शल  उ्‍ करिा ी होगा। वह प्राधधकरण की नकि 
शेष राशश सदहक सं स् क आ्स्क ों की र ावप् क सुरक्षा सुनन््‍चक करेगा। उर ुव‍ क श्‍क ों  र 
ककवव्  ों कथा प्राधधकरण  ा का वकारी सशं नक  ा ककसी अ्‍   सशं नक  ा ककसी कत्‍  कारी बोडव  ा 
उसके ककसी ननका  द्वारा प्र्‍  ा ो्जक श्‍क ों कथा ककवव्  ों के अलावा वह ननमि नशलखिक श्‍क ों 
का प्र ोग, ननमि नशलखिक कत्‍  ों का रालन  र ननमि नशलखिक ककवव्  ों का ननववहन करेगा, अथावकक्-  
(i) ‍‍प्राधधकरण की प्रवकवन इकाइ ों का प्रब्‍ ध  र र ववेक्षण करना;  
(ii)   अ्‍  था उरब््‍धक के शसवा , प्राधधकरण  ा,  था्स्थनक, का वकारी सशं नक द्वारा 
स् वीकतक सांख्  ा के अनुसार कं वचायर ों की नन ु्‍क, ्जसं प प्राधधकरण द्वारा बना े 
ग े धवनन ं ों के अनुसार उनको हटा ा जाना, रिच्  ुक कक ा जाना  ा अ्‍  था 
िण् ड िेना  ी स्मिं शलक है;  
(iii)   प्राधधकरण के प्रब्‍ ध के शल  आ्‍ कयरक प्रकक्र ा प्रख्  ाधरक करना;  
(iv)   प्राधधकरण की रयर ोजना,ां  वां स् कीं ों का प्रशासन;  
(v)   प्राधधकरण की ,र से इस अधध नन ं  के अधीन िी जाने के शल  अरे्क्षक कोई 
अनुज्ञा िेना  ा उसे िेने से इ्‍ कार करना;  
(vi)   ननधविा ां आं ां्त्रक करना, उनकी सांवीक्षा करना  र  दि उनका ं ूल्     क करोड़ 
 र े से अधधक न हो को उनका अनुं ोिन करना  ा उनको रद्द करना  र जब 
ं ूल्    क करोड़  र े से अधधक हो को का वकारी सशं नक को शसफायरश करना;  
(vii)   प्राधधकरण के शल   र उसकी ,र से करार करना  र सांधविा ां करना;  र  
(viii)   अ्‍   स ी श्‍क, कत्‍    र ककवव्  , जो धवनन ं ों द्वारा अवधायरक कक े जा प।  
(2) उि रुर धवकास आ ु‍ क को सह ोग  र सलाह िेने के शल  राज्   सरकार ननमि नशलखिक 
ननिेशकों की नन ु्‍क करेगी्-  
(i) ननिेशक, अश  ाां्त्रकी, जो शसधवल सांननं ावण के ं ुख्   अश  ांका की रैंक से नीचे का 
नहीां होगा;  
 ाग 3(क)                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                  432 
 
 
(ii) ननिेशक, नगर नन ोजन, जो वयर‍ न नगर नन ोजक  र स् थार्‍   सलाहकार की 
रैंक से नीचे का नहीां होगा;  
(iii) ननिेशक, धव्‍क, जो वयर‍ न लेिाधधकारी की रैंक से नीचे का नहीां होगा;  र  
(iv) ननिेशक, धवधध, जो ्जला ्‍  ा ाधीश  ा राजस् थान राज्   धवधधक सेवा के सां ु‍ क 
धवधध ररां शी की रैंक से नीचे का नहीां होगा।  
(3) राज्   सरकार, प्राधधकरण के शल  सधचव की नन ु्‍क करेगी जो का वकारी सशं नक, अ्‍   
सशं नक ों,  दि कोई  हों  र सं स् क कत्‍  कारी बोडों के सधचव के रूर ं प  ी का व करेगा। वह 
उि रुर धवकास आ ु‍ क के नन ांत्रण  वां र ववेक्षणाधीन रहके हु  प्राधधकरण, का वकारी सशं नक, 
सं स् क कत्‍  कारी बोडों, प्राधधकरण की सशं नक ों  ा ककसी ननका  का का ववत्‍क अश शलखिक करेगा 
 र उससे सुसांगक सं स् क अश लेिों के साथ का ववत्‍क रु्स्कका रिेगा  र ेसी श्‍क ों का प्र ोग, 
ेसे कत्‍  ों का ननववहन  र ेसे ककवव्  ों का रालन करेगा जो प्राधधकरण, का वकारी सशं नक, उि रुर 
धवकास आ ु‍ क  ा ककसी कत्‍  कारी बोडव द्वारा उसे प्र्‍  ा ो्जक कक े जा प।  
(4) राज्   सरकार उि रुर धवकास आ ु‍ क की सहा का के शल   क  ा अधधक अनकयर‍ क 
आ ु‍ क  र अनकयर‍ क सधचव  ी नन ु‍ क कर सकेगी जो ेसे कत्‍  ों का रालन  र ेसे ककवव्  ों का 
ननववहन करपगे जो उनको उि रुर धवकास आ ु‍ क द्वारा प्र्‍  ा ो्जक कक े जा प।  
(5) उर-धारा (2), (3)  र (4) के अधीन नन ु‍ क अधधकारी प्राधधकरण के अधधकारी सं ले 
जा पगे  र उनके वेकन  र  ्‍के कथा उनके सेवा सांबांधी ननबांधन  र शकें ेसी होंगी जो राज्   
सरकार द्वारा अवधायरक की जा प।  
9.‍ कं वााररा ंद‍ आिद‍ की‍ ांख्‍ ा‍ का‍ अानारण.-‍ प्राधधकरण  ा उसके द्वा रा श्‍क ाां 
प्र्‍  ा ो्जक की जाने रर का वकारी सशं नक, सं  -सं   रर, धारा 8 ं प ननदिव‍ ट अधधकायर ों के 
शसवा , का वकारी सशं नक, ककसी अ्‍   सशं नक, ककसी कत्‍  कारी बोडव  ा ककसी ननका  सदहक 
प्राधधकरण के अधीन के सं स् क अ्‍   अधधकायर ों  र कं वचायर ों के रिों का  सतजन, जैसाकक वह 
आव्‍  क सं ले, सरकार के रूवव अनुं ोिन से ं ांजूर कर सकेगी। ेसे अधधकायर ों  र कं वचायर ों 
की नन ु्‍क  र सेवा की शकें, सांवगव सांख्  ा  र श्‍क ाां, कत्‍    र ककवव्   ेसे होंगे जो धवनन ं ों 
द्वारा अवधायरक कक े जा प।  
10.‍ाशं त  ,‍का‍ग न र. - (1) प्राधधकरण, ेसी रीनक से  र ेसे प्र ोजनों  र कत्‍ ों के 
शल , जो प्राधधकरण के द्वारा धवनन ं ों द्वारा धवननदिव‍ट कक े जा प , ेसी सशं नक ों का गनन कर 
सकेगा ्जनं प सं स्क सिस्  उ‍क प्राधधकरण के  ा कुछ सिस्  प्राधधकरण के  र कुछ अ्‍  
व् ्‍क होंगे।   
(2) इस धारा के अधीन गदनक सशं नक ों की बैनक प  ेसे स्थान  र सं   रर होंगी  र ेसी 
बैनकों ं प का व सांचालन सांबांधी ेसे प्रकक्र ा -नन ं ों का रालन होगा जो धवनन ं ों द्वारा उरब््‍धक 
कक े जा प। 
(3) सशं नक ों के सिस्  ों को बैनकों ं प उर्स्थक होने  ा सशं नक के अ्‍   का व करके सं   
कक े जाने वाले व्  ्‍कगक िचों के शल  ेसे  ्‍के दि े जा पगे, जो धवदहक कक े जा प।  
11.‍आदगि,‍आिद‍का‍अवनरस्ं ाणन र. -‍प्राधधकरण, का वकारी सशं नक, अ्‍   सशं नक ों  र 
कत्‍  कारी बोडों की सं स् क का ववादह ों का अधधप्रं ाणन, प्राधधकरण, का वकारी सशं नक, अ्‍   सशं नक 
433                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                   ाग 3(क) 
 
 
 ा,  था्स्थनक, कत्‍  कारी बोडों के अ्‍  क्ष  ा, इस ननशं ्‍क अ्‍  क्ष द्वारा प्राधधकतक उसके ककसी 
सिस्   के हस् काक्षरों द्वारा होगा  र प्राधधकरण के सं स् क अ्‍   आिेशों  वां शलिकों को, उि रुर 
धवकास आ ु‍ क  ा उसके द्वारा इस ननशं ्‍क प्राधधकतक, प्राधधकरण के ककसी अ्‍   सिस्   द्वारा 
अधधप्रं ाखणक कक ा जा ेगा। 
12.‍ाहा  ा‍करन रग‍ ा‍ा ाह‍दगन रग‍कग‍श ए‍ारकारी‍रर‍स्‍ थान र  ‍रस्ावनकारी‍कग‍अवनकारर ,‍
को‍आं ंत्रर ‍करन रग‍कग‍श ए‍उ्बन्‍ न.-‍प्राधधकरण, का वकारी सशं नक, उि रुर धवकास आ ु‍ क  ा 
कत्‍  कारी बोडव अरनी बैनक  ा बैनकों ं प  हा्जर होने के शल  राज्   सरकार  ा स् थानी  प्राधधकारी 
 ा अ्‍   प्राधधकारी के ककसी  ी अधधकारी  ा ककसी अ्‍   व्  ्‍ क को ककसी ं ां ले  ा ं ां लों ं प 
सहा का करने  ा सलाह िेने के प्र ोजन के शल  धवशश‍ ट  ा स् था ी आं ां्त्रकी के रूर ं प आं ां्त्रक 
कर सकेगा। इस प्रकार आं ां्त्रक अधधकारी  ा व्  ्‍ क बैनक की का ववादह ों ं प  ाग ले सकपगे कक्‍ कु 
उ्‍ हप ं क िेने का अधधकार नहीां होगा। 
अध्‍  ा ‍3 
क त्‍ कारी‍बो्डों ‍का‍ग न र‍ 
13.‍उद ्ुर‍ ा ा ा ‍तन र न्‍रण‍बो्व‍की‍स्‍ था्न रा.-‍(1)‍धारा 3 की उर-धारा (1) के अधीन 
प्राधधकरण की स् थारना के कुर्‍ क र्‍ चाकक राज्   सरकार, आिेश द्वारा, प्राधधकरण के अधीन  क 
कत्‍  कारी बोडव का गनन करेगी ्जसका नां  ''उि रुर  ाका ाक नन ्‍ त्रण बोडव'' होगा।  
(2) उि रुर  ाका ाक नन ्‍ त्रण बोडव ं प ननमि नशलखिक सिस्   होंगे, अथावकक्-  
(i) उि रुर धवकास आ ु‍ क, जो अ्‍  क्ष होगा; 
(ii) ्जला ं ्जस् रेट, उि रुर; 
(iii) रुशलस अधीक्षक, उि रुर; 
(iv) सधचव, उि रुर धवकास प्राधधकरण;  
(v) क्षेत्री  रयरवहन अधधकारी उि रुर, राजस् थान; 
(vi) ं ुख्   प्रब्‍ धक (प्रचालन), राजस् थान राज्   रथ रयरवहन ननगं , उि रुर जोन;  
(vii) अनकयर‍ क ं ुख्   अश  ांका, साववजननक ननं ावण धव ाग, उि रुर; 
(viii) अनकयर‍ क ं ुख्   अश  ्‍ का, जन स् वास् ्   अश  ाां्त्रकी धव ाग, उि रुर; 
 
(ix) अजं ेर धवद् ुक धवकरण ननगं  शलशं टेड का प्रनकननधध जो अनकयर‍ क ं ुख्    
अश  ्‍ का की रैंक से नीचे का न हो; 
(x)  प्राधधकरण का ननिेशक, अश  ाां्त्रकी; 
(xi) प्राधधकरण का ननिेशक, नगर नन ोजन; 
(xii) प्राधधकरण का ननिेशक, धव्‍क; 
(xiii) ं हारौर/प्रशासक, नगर ननगं , उि रुर;  र 
(xiv) िो व्  ्‍क, जो प्राधधकरण के अ्‍  क्ष द्वारा नां ननिदेशशशक कक े जा पगे। 
 (3) उि रुर  ाका ाक नन ांत्रण बोडव ननमि नशलखिक श्‍क ों का प्र ोग करेगा  र 
ननमि नशलखिक ककवव्  ों का रालन करेगा, अथावकक्-  
(i) उि रुर शहर ं प  ाका ाक नन ांत्रण के शल  ं ास् टर  ोजना कै ार करना  र उसके 
का ाव्‍ व न के शल  क्रं बद्ध रीनक से किं  उनाना;  
 ाग 3(क)                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                  434 
 
 
(ii)  ाका ाक नन ांत्रण व्  वस् था के आधुननकीकरण के शल  किं  उनाना; 
(iii) हल् के  र  ारी  ानों  के  ाका ाक लाईसपस जारी करने के शल  नीनक अधधकधथक 
करना;  
(iv)  ककरफा  ाका ाक की नीनक अवधायरक करना, कुछ सड़कों रर कनकर  प्रकार के 
 ाका ाक कनकर  सं   के शल  ननबव््‍धक करना, कनकर  सड़कों रर कनकर   ानों 
को व्जवक करना, राककिंग स् थानों, स् टैण् डों,  कने के स् थानों  र साईककल ं ागों  र 
उनसे समि बद्ध अ्‍   ं ां लों का अवधारण करना;  
(v) सांकेक-धचह्न, रोध  र गनकरोधक लगाने के शल  दिशा-ननिदेशश अधधकधथक करना;  
(vi) धवश ्‍ न प्र ोजनों के शल  ककसी व्  ्‍क, सरकारी धव ाग (के्‍ री   ा राज्  ) ककसी 
स् थानी  प्राधधकारी  ा ककसी अ्‍   ननका  को सड़क काटने के शल  अनुज्ञा िेना  र 
उसके शल  शकें अधधरोधरक करना;  
(vii)  ाका ाक के रयरसांकटों, अवरोधों को कोड़ना  र ेसे ं ां लों ं प धवनन ं ों के अनुसार 
प्रनककर अवधायरक करना;  
(viii)  ाका ाक नन ांत्रण  र  ाका ाक शशक्षा के शल  नागयरकों  र ख्  ानकप्राप् क सांस् था,ां 
से, सलाह िेने  र ननधध इकट्ठी करने के शल  नन ं ों के अनुसार सहा का ं ाांगना;  
(ix)  ाका ाक शशक्षा की व्  वस् था करना;  र   
(x)  ाका ाक के सुधार  र नन ांत्रण से समि ब््‍धक अ्‍   सं स् क कक्र ाकलार  र ेसे 
कत्‍   करना जो प्राधधकरण द्वारा ननिेशशक कक े जा प। 
14.‍अन्‍  ‍क त्‍ कारी‍बो्डों ‍का‍ग न र‍रर‍िम्त  ां. - (1) प्राधधकरण के उद्दे्‍  ों की रूनकव के 
शल  प्राधधकरण की सलाह रर राज्   सरकार, राजरत्र ं प प्रकाशशक आिेश द्वारा (i) रयरवहन कथा 
सांचार बोडव (ii) जल-सांसाधन प्रब्‍ ध बोडव (iii) आवासन, नगरी  नवीकरण  र रायर्स्थनककी बोडव  र 
ेसे नां ों से, ्ज्‍ हप धवननदिव‍ ट करना वह नकक सं ले, सं  -सं   रर अ्‍   कत्‍  कारी बोडों का 
गनन करेगी ्जनं प प्र्‍  ेक ं प, उर-धारा (2) ं प  था उरब््‍धक सिस्   होंगे। 
(2) उर-धारा (1) के अधीन राज्   सरकार द्वारा गदनक प्र्‍  ेक कत्‍  कारी बोडव ं प अ्‍  क्ष 
 र इकने अ्‍   सिस्   (राांच से अनधधक) होंगे ्जकने राज्   सरकार द्वारा नन ु‍ क कक े जा प। 
सिस्  ों ं प से कं  से कं  िो ेसे होंगे जो कत्‍  कारी बोडव द्वारा समि रादिक कक े जाने वाले धवष  के 
बारे ं प धवशेष ज्ञान  र अनु व रिके हों। 
(3) राज्   सरकार,  दि वह लोकदहक ं प ेसा करना नकक सं ले को, उर -धारा (1) के अधीन 
गदनक ककसी कत्‍  कारी बोडव के अ्‍  क्ष  ा ककसी सिस्   की नन ु्‍क सं ाप् क कर सकेगी  ा ककसी 
 ी सं   उसका रुनगवनन कर सकेगी। 
(4) प्र्‍  ेक कत्‍  कारी बोडव अरने का व क्षेत्र के  ीकर के क्षेत्रों के धवष ों के सांबांध ं प,– 
(क) रयर ोजना,ां  र स् कीं ों की आ ोजना करेगा, उ्‍ हप रयरल्क्षक करेगा, सवदेशक्षण प्रारमि   
करेगा  र अ्‍ वेषणों का सांचालन करेगा (स् व ां  ा कक्‍ हीां अ्‍   सं ुधचक  जे््‍स ों को 
लगाकर) कथा प्राधधकरण के धवचाराथव धवननधान प्र  ोजनों के शल  का वक्रं   वां प्रस् काव 
कै ार करेगा ्जसं प उसके नन‍ रािन के शल  लगा े जाने वाले प्राधधकारी  र  जे््‍स ाां 
 ी उरिशशवक की जा पगी; 
435                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                   ाग 3(क) 
 
 
(ि) प्राधधकरण, का वकारी सशं नक  ा उि रुर धवकास आ ु‍ क को सलाह िेगा; 
(ग) प्राधधकरण  ा का वकारी सशं नक द्वारा उ से सौंरी ग ी ककसी रयर ोजना  ा स् कीं  को 
का ाव््‍वक करेगा;  र  
(घ) ेसी अ्‍   श्‍क ों का प्र ोग कथा ेसे कत्‍  ों  र ककवव्  ों का रालन करेगा जो उसे 
प्राधधकरण द्वारा प्र्‍  ा ो्जक कक े जा प  ा जो का वकारी सशं नक  ा उि रुर धवकास 
आ ु‍ क द्वारा सं  -सं   रर उसे सं नुिेशशक कक े जा प।  
15.‍क त्‍ कारी‍बो्व‍की‍बै कप.- (1) इस अ्‍  ा  के अधीन गदनक सं स् क कत्‍  कारी बोडों की 
बैनक प  ेसे स् थान रर  र ेसे सं   रर होंगी जैसाकक उसके अ्‍  क्ष द्वारा अवधायरक कक ा जा े 
 र उसकी बैनक ं प का व सांचालन सांबांधी ेसे प्रकक्र ा नन ं ों का रालन कक ा जा ेगा जो धवनन ं ों 
द्वारा अवधायरक कक े जा प। 
(2) कत्‍  कारी बोडों के सिस्  ों को बोडव की बैनकों ं प उर्स्थक होने  र बोडव के अ्‍   का व 
करके सं   कक े जाने वाले व्  ्‍कगक िचों के शल  ेसे  ्‍के दि े जा पगे जो धवदहक कक े जा प। 
अध्‍  ा ‍4 
रस्ावनकरण‍की‍िम्त  ां‍रर‍क त्‍ ‍ 
16.‍रस्ावनकरण‍कग‍क त्‍ .- प्राधधकरण का ं ुख्   उद्दे्‍   उि रुर रीजन का  कीकतक धवकास 
करना होगा  र उस प्र ोजन के शल  प्राधधकरण के ननमि नशलखिक कत्‍   होंगे्- 
(क) नगर आ ोजना ्जसके अ्‍ कगवक ं ास् टर धवकास  ोजना  र जोनल धवका स  ोजना ां 
कै ार करना  र इस प्र ोजन के शल  सवदेशक्षण करवाना  र उनं प ेसे रयरवकवन  ी 
करना, जो आव्‍  क सं ले जा प;  
(ि) उि रुर रीजन  ा उसके ककसी  ाग के धवकास के शल  रयर ोजना ां बनाना  र उनको 
स् वीकतक करना;  
(ग) रयर ोजना,ां  र स् कीं ों का नन‍ रािन सीधे ही स् व  ां करना  ा ककसी स् था नी  
प्राधधकारी  ा ककसी अ्‍    जे्‍ सी द्वारा करवाना; 
(घ) उि रुर रीजन के समि रूणव धवकास के शल  ेसे ककसी ं ां ले  ा ककसी प्रस् का व के 
समि ब्‍ ध ं प राज्   सरकार को शसफायरश करना ्जसं प राज्   सरकार, के्‍ री  सरकार, 
ककसी स् थानी  प्राधधकारी  ा ककसी अ्‍   प्राधधकारी द्वारा कारववाई की जानी अरे्क्षक 
हो; 
(ङ) उि रुर रीजन के धवकास के शल  ककसी अ्‍   प्राधधकारी के साथ  ागीिारी करना; 
(च) उि रुर रीजन के धवकास के शल  रयर ोजना,ां  र स् कीं ों के नन‍ रािन ं प सं ्‍ व  
स् थाधरक करना;  
(छ) ेसी ककसी रयर ोज ना  ा स् कीं  की, ्जसका िचाव समि रूणवक्  ा  ागक् उि रुर 
रीजन धवकास ननधध ं प से कक ा जाना है, आ ोजना  र नन‍ रा िन का र ववेक्षण  ा 
उस रर अ्‍  था  थोधचक र ववेक्षण सुनन््‍चक करना;  
(ज) स् कीं प कै ार करना  र कतधष, उद् ान कतधष, फल कतधष, वन लगाना, डे री धवकास, 
रयरवहन, सांचार, स् कूल िोलना, साांस् कतनकक कक्र ाकलारों, िेलकूि, धचकक्‍ सा, र वटन, 
 ाग 3(क)                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                  436 
 
 
ं नोरांजन  र ेसे अ्‍   कक्र ाकलारों के धवस् कार के शल  स् कीं प कै ार करने  र उ्‍ हप 
हाथ ं प शल े जाने के सांबांध ं प धव ागों  र  जे््‍स ों को सलाह िेना; 
(ल) राज्   सरकार के ननिेशानुसार रयर ोजना,ां  र स् कीं ों का नन‍ रािन कराना;  
(ञ) उि रुर रीजन ं प आवासी  का व हाथ ं प लेना्  
रर्‍ कु राजस् थान आवासन बोडव  र प्राधधकरण के बीच आवासन के उ्‍करिान ्‍ व का 
उल् लेि राज्   सरकार द्वारा कक ा जा ेगा, जो उसके द्वारा नन क की जाने वाली 
कारीि से प्र ाधवक हो; 
(ट) जांगं   ा स् थावर समि र््‍क का, जैसाकक वह आव्‍  क सं ले, अजवन, धारण, प्रब्‍ ध 
 र व्   न करना; 
(न) प्राधधकरण द्वारा अरने कत्‍  ों के नन‍ रािन के शल  आव्‍  क सं ला जाने रर ककसी 
व्  ्‍क  ा से गनन के साथ सांधविा, करार  ा व्  वस् था करना; 
(ड)  ाका ाक नन ांत्रण  र प्रब्‍ ध के शल  ं ास् टर  ोजना कै ार करना,  ाका ाक  को 
सुगं  बनाने  र उससे सांबांधधक ं ां लों के शल  नीनक  र का ववाही के का वक्रं  
बनाना; 
(ढ) नगर नवीनीकरण, र ाववरण  र रायर्स्थनककी, रयरवहन  वां सांचार  र जल श्‍क 
सांसाधनों के प्रब्‍ ध के शल  राज्   सरकार द्वारा सीधे ही  ा अ्‍   धव ागों/ जे््‍स ों 
के, जो राज्   सरकार धवननदिव‍ ट करे, ं ा्‍  ं  से उसे प्र्‍  ा ो्जक कक े ग े कत्‍   
करना; 
(ण) उि रुर रीजन ं प  ा प्राधधकरण द्वारा  थाधवननदिव‍ ट उसके ककसी  ाग ं प ्बलों, 
धवज्ञारन-रट्टों, ं ागवरट्टों  र नां  बोडों के लगा े जाने का धवनन ं न करना; 
(क) प्राधधकरण द्वारा  थाधवननदिव‍ ट उि रुर रीजन  ा उसके ककसी  ाग ं प  वनों  ा 
 वनों के ननकले हु   ागों के ननं ावण  ा रुनननवं ावण, उसं प कक े जाने वाले का््‍वक 
रयरवकवन,  र िुले स् थानों की व्  वस् था करने के का ों को धवनन शं क करना; 
(थ) साववजननक ं ागों, िुले स् थानों  र सरकार  ा प्राधधकरण ं प ननदहक समि र ््‍क ों से 
अनकक्रं णों  वां बाधा,ां को हटाना; 
(ि) ेसे अ्‍   कत्‍    र बाकप करना जो उन ं ां लों के शल  आव्‍  क  ा आनुषांधगक  ा 
साधक हों, जो इसके कक्र ाकलारों के का रण उ्‍ र्‍ न हु  हों  र जो उन उद्दे्‍  ों को 
प्राप् क करने के शल  आव्‍  क हों ्जनके शल  प्राधधकरण की स् थारना की ग ी है;  र  
(ध) ेसे अ्‍   कत्‍   करना जो इस अधधनन ं  के उद्दे्‍  ों की रूनकव के शल  राज्   सरकार 
द्वारा अश दहक कक े जा प। 
17.‍रस्ावनकरण‍की‍अन रुज्ञा‍कग‍त्रबन रा‍कोई‍अन्‍  ‍रस्ावनकारी‍ ा‍्‍ म्त ‍धाकाा‍का व‍न रहीं‍
कराा गगा.- (1) क्‍ सं   प्रवत्‍क  ककसी धवधध ं प कोई बाक होने रर  ी कोई प्राधधकारी  ा व्  ्‍क 
प्राधधकरण की रूवव अनुज्ञा के ्बना उि रुर रीजन के  ीकर उस प्रकार का धवकास का व नहीां 
करवा ेगा जैसा कक प्राधधकरण द्वारा राजरत्र ं प प्रकाशशक अधधसूचना द्वारा सं  -सं   रर 
धवननदिव‍ ट कक ा जा े  र ्जसके कारण उि रुर रीजन के सं ि धवकास रर प्रनककूल प्र ाव रड़ने 
की सां ावना हो। 
437                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                   ाग 3(क) 
 
 
(2) उर-धारा (1) ं प ननदिव‍ ट धवकास का व करने का इच् छुक कोई  ी प्राधधकारी  ा व्  ्‍क 
ेसा धवकास का व करने के शल  अनुज्ञा के शल  प्राधधकरण को शलखिक आवेिन करेगा् 
रर्‍ कु ेसा व्  ्‍क सांबांधधक स् थानी  प्राधधकारी के जयर  ेसी अनुज्ञा के शल  आवेिन कर 
सकेगा  र ेसा स् थानी  प्राधधकारी उसके आवेिन को अरनी शसफायरशों,  दि कोई हों, के साथ 
प्राधधकरण को  ेजेगा। 
(3) प्राधधकरण ेसी जाांच, जो वह आव्‍  क सं ले, करने के र्‍ चाकक  र उर-धारा (2) के 
अधीन आवेिन प्राप् क होने के सान दिन के  ीकर कक्‍ हीां शकों के ्बना  ा ेसी कक्‍ हीां शकों के साथ, 
्ज्‍ हप अधधरोधरक करना वह उधचक सं ले, ेसी अनुज्ञा िे िेगा  ा ेसी अनुज्ञा िेने से इ्‍कार कर 
िेगा।  दि ेसी अनुज्ञा  थारूववोक‍ क सान दिन के  ीकर नहीां िी जाकी है  ा उससे इ्‍कार नहीां कक ा 
जाका है को आवेिक, प्राधधकरण के सधचव  ा इस ननशं ्‍क उसके द्वारा नां ननदिव‍ ट ककसी  ी अ्‍   
अधधकारी को वै ्‍कक रूर से  ा अरने प्राधधकतक प्रनकननधध के ं ा्‍  ं  से प्रस् कुक शलखिक सांसूचना 
के द्वारा, अनुज्ञा िेने  ा उसे िेने से इ्‍कार करने ं प हो रहे लोर  ा उरेक्षा की ,र प्राधधकरण का 
्‍  ान आकधषवक कर सकेगा,  र  दि ेसा लोर  ा उरेक्षा, ेसी सांसूचना के प्राप् क होने से कीस दिन 
की  र कालावधध कक जारी रहकी है को  ह सं ला जा ेगा कक प्राधधकरण ने प्रस् काधवक धवकास की 
अनुज्ञा िे िी है  र ेसे धवकास को, आवेिन ं प धवननदिव‍ ट रीनक से, अिसर कक ा जा सकेगा् 
रर्‍ कु इसं प अ्‍ कधवव‍ ट ककसी  ी बाक का  ह अथव नहीां लगा ा जा ेगा कक वह ककसी  ी 
व्  ्‍क को इस अधधनन ं   ा किधीन बना े ग े नन ं ों, धवनन ं ों  ा कक े ग े आिेश के कक्‍ हीां 
 ी उन उरब्‍ धों के उल् लांघन ं प का व करने के शल  प्राधधकतक करकी है जो इस अधधनन ं  के अधीन 
ककसी  ी सुधार का ्जमि ं ा लेने  ा उसे का ाव््‍वक करने से रहले प्राधधकरण की अनुज्ञा प्राप् क करने 
की अरेक्षा से श ्‍ न ककसी  ी ं ां ले से समि ब््‍धक हैं। 
(4) उर-धारा (3) के अधीन प्राधधकरण के धवनन्‍ च  से व्  धथक कोई प्राधधकारी  ा व्  ्‍क 
ेसे धवनन्‍ च  के धव द्ध राज्   सरकार को कीस दिन के  ीकर अरील कर सकेगा ्जसका धवनन्‍ च  
अांनकं  होगा ्   
रर्‍ कु ेसी अरील प्रस् कुक करने वाला व्  धथक प्राधधकारी  दि के्‍ री  सरकार के प्रशासननक 
नन ांत्रणाधीन हो को अरील के्‍ री   सरकार से ररां शव करने के र्‍ चा कक राज्   सरकार द्वारा 
धवनन््‍चक की जा ेगी। 
(5) उस िशा ं प जब कक कोई व्  ्‍क  ा प्राधधकारी इस धारा के अधीन कक े ग े धवनन्‍ च  
के प्रनककूल कोई का व करे को प्राधधकरण को ेसे धवनन्‍ च  के प्रनककूल कक े ग े ककसी धवकास का व 
को धगराने, कोड़ने  ा हटाने  र इस प्रकार धगराने, कोड़ने  ा हटाने का िचाव सांबांधधक व्  ्‍क  ा 
प्राधधकारी से वसूल करने की श्‍क होगी। 
18.‍रस्ावनकरण‍की‍तन रदगि‍दगन रग‍की‍िम्त .- (1) क्‍ सं   प्रवत्‍क  ककसी अ्‍   धवधध ं प कोई 
बाक होने रर  ी प्राधधकरण ककसी स् थानी  प्राधधकारी  ा अ्‍   प्राधधकारी  ा व्  ्‍क को ेसी ककसी 
रयर ोजना  ा स् कीं  की, ्जसे धारा 16 के अधीन धव्‍की  सहा का िी ग ी है, का ाव््‍वनक के 
सांबांध ं प ेसे  ननिेश िे सकेगा जो वह उधचक सं ले  र ेसा कोई स् था नी  प्राधधकारी  ा अ्‍   
प्राधधकारी  ा व्  ्‍क ेसे ननिेशों का रालन करने को आबद्ध होगा। 
 ाग 3(क)                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                  438 
 
 
(2) जब उर-धारा (1) के अधीन ककसी स् थानी  प्राधधकारी, अ्‍   प्राधधकारी  ा व्  ्‍क को 
कोई ननिेश दि ा जाका है को ेसा प्राधधकारी  ा व्  ्‍क ेसा ननिेश प्राप् क होने की कारीि से र्‍ रह 
दिन के  ीकर ेसे ननिेश के धव द्ध राज्   सरकार को अरील कर सकेगा  र उस रर राज्   सरकार 
का धवनन्‍ च  अांनकं  होगा। 
(3) प्राधधकरण धारा 16 के िण् ड (छ) ं प ननदिव‍ ट र ववेक्षण की श्‍क ों का प्र ोग इस प्रकार 
करेगा जो  ह सुनन््‍चक करने के शल  आव्‍  क हो कक प्र्‍  ेक रयर ोजना  ा स् कीं  का नन‍ रािन 
उि रुर रीजन के सं ि धवकास के दहक ं प  र क्‍ सं   प्रवत्‍क ककसी धवधध के अधीन अनुं ोदिक  ा 
राज्   सरकार द्वारा समि  कक रूर से अनुं ोदिक ककसी  ोजना, रयर ोजना  ा स् कीं  के अनुसार कक ा 
जा रहा है। 
19.‍कत ् ‍ं ां  ,‍ं प‍स्‍ थान र  ‍रस्ावनकारी‍ाग‍उत् रदात त्‍ ा‍ गन रग‍की‍अ्गिा‍करन रग‍की‍
रस्ावनकरण‍की‍िम्त . - (1) जहाां प्राधधकरण द्वारा कोई सुधवधा ां उरल्‍ ध करा ी ग ी हों वहाां 
प्राधधकरण उन सुधवधा,ां के रि-रिाव का उ्‍करिान ्‍ व सां ाल लेगा जो उसके द्वारा उरल्‍ ध करा ी 
ग ी हों  ा वह स् थानी  प्राधधकारी  ा ककसी अ्‍   प्राधधकारी से ्जसकी अधधकायरका के  ीकर इस 
प्रकार धवकशसक क्षेत्र आका है, ेसा उ्‍ करिान ्‍ व समि  ाल लेने की अरेक्षा कर सकेगा। 
(2) प्राधधकरण स् थानी  प्राधधकारी  ा ककसी अ्‍   प्राधधकारी से ेसे ननब्‍ धनों  र शकों रर 
्जन रर सह ं नक हो जा े,  र जहाां ेसे ननब्‍ धनों  र शकों रर सहं नक नहीां हो सके वहाां स् थानी  
प्राधधकारी  ा,  था्स्थनक, ककसी अ्‍   प्राधधकारी  र प्राधधकरण के साथ ररां शव करके ेसे 
ननब्‍ धनों  र शकों रर जो कक राज्   सरकार द्वारा धवननदिव‍ ट की जा प ेसी अ्‍   सुधवधा,ां के 
शल  उरब्‍ ध करने की अरेक्षा  ी कर सकेगा जो उसके द्वारा धवननदिव‍ ट की जा प  र ्जनके शल  
प्राधधकरण द्वारा उरब्‍ ध नहीां कक ा ग ा है। 
20.‍रस्ावनकरण‍की‍यका ‍ ोजन रा‍को‍तन रष्‍ ्ािद ‍करन रग‍की‍िम्त . - (1) जब प्रा धधकरण का 
 ह सं ाधान हो जा े कक धारा 18 की उर-धारा (1) के अधीन उसके द्वारा ककसी रयर ोजना  ा 
स् कीं  के सांबांध ं प दि े ग े ककसी ननिेश को उसं प ननदिव‍ ट स् थानी  प्राधधकारी  ा अ्‍   प्राधधकारी 
 ा व्  ्‍क द्वारा धवननदिव‍ ट सं   के  ीकर का ाव््‍वक नहीां कक ा  ग ा है  ा ेसा प्राधधकारी  ा 
व्  ्‍क उि रुर रीजन के ककसी  ाग के धवकास के शल  अरने द्वारा हाथ ं प ली ग ी ककसी 
रयर ोजना  ा स् कीं  का का ाव्‍ व न रूरी कौर से करने ं प असं थव है को प्राधधकरण राज्   सरकार 
की ं ांजूरी से ेसे ननं ावण का ों को स् व ां करवा ेगा  र  ेसी रयर ोजना,ां के नन‍ रािन  ा, 
 था्स्थनक, ेसी स् कीं ों की का ाव््‍वनक के शल  कोई िचाव उरगक कर सकेगा। 
(2) प्राधधकरण राज्   सरकार के ननिेशानुसार उि रुर रीजन ं प ं ास् टर धवकास  ोजना  ा 
जोनल धवकास  ोजना  ा ककसी अ्‍   रयर ोजना  ा,  था्स्थनक, स् कीं  के अनुसार कोई का व हाथ 
ं प ले सकेगा  र ेसा व्    कर सकेगा जो ननं ावण का व के नन‍ रािन के शल  आव्‍  क हो। ेसा 
ननिेश प्राधधकरण को केवल कब ही जारी कक ा जा ेगा जब राज्   सरकार की रा  ं प – 
(क) ेसे का व का उ्‍ करिान ्‍ व लेने वाला कोई अ्‍   उर ु‍ क प्राधधकरण नहीां हो,  ा 
(ि) ेसा प्राधधकरण हो कक्‍ कु वह ेसे का व का उ्‍ क रिान ्‍ व लेने ं प अननच् छुक  ा 
असं थव हो,  ा  
439                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                   ाग 3(क) 
 
 
(ग) जब प्राधधकरण ने ेसा का व उसे सौंरने के शल  राज्   सरकार से धवशेष रूर से 
ननवेिन कक ा हो। 
(3) जब उर-धारा (1) के अधीन प्राधधकरण द्वारा ककसी का व का उ्‍ करिान ्‍ व शल ा ग ा हो 
को उसे ेसे का व के नन‍ रािन के प्र ोजन के शल   वे सं स् क श्‍क ाां होंगी जो उर -धारा (1) ं प 
ननदिव‍ ट स् थानी  प्राधधकारी, अ्‍   प्राधधकारी  ा व्  ्‍क द्वारा क्‍ सं   प्रवत्‍क  ककसी धवधध  ा उसके 
अधीन प्र ु‍ क की जा सककी हैं। 
(4) प्राधधकरण उर-धारा (1)  र (2) के प्र ोजन के शल  उि रुर रीजन के  ीकर ककसी क्षेत्र 
के सवदेशक्षण का उ्‍ करिान ्‍ व ले सकेगा  र उस प्र ोजन के शल   प्राधधकरण के ककसी सिस्  , 
अधधकारी  ा कं वचारी के शल  ननमि नशलखिक का व करना धवधधरूणव होगा्- 
(क) ेसी  ूशं  के कल ं ारन के शल  ककसी  ूशं  ं प  ा उस रर प्रवेश करना; 
(ि) अधों तिा की िुिाई  ा बेधन; 
(ग) धचह्न लगाकर  र िाई िोिकर कल ं ार  र सीं ा,ां के धचह्न लगाना;  र 
(घ) जब अ्‍  था सवदेशक्षण रूणव नहीां हो सकका हो  ा कल ं ार  र सीं ा ां धच्ह्नक नहीां 
की जा सककी हों, को बाड़  ा जांगल काटना  ा साफ करना् 
रर्‍ कु ककसी  ूशं  रर प्रवेश करने के रूवव प्राधधकरण ेसा करने के अरने आश  का नोदटस 
ेसी रीनक ं प िेगा जो धवनन ं ों ं प धवननदिव‍ ट की जा े। 
 
अध्‍  ा ‍5 
ं ास्‍ टर‍धाकाा‍ ोजन रा‍रर‍जोन र ‍धाकाा‍ ोजन राएं 
21.‍न रागररक‍ााेिण‍रर‍ं ास्‍टर‍ ोजन रा‍ ै ार‍करन रा.- (1) प्राधधकरण  ूशं  के  ोजनाबद्ध 
 कीकतक धवकास  र उर ोग को सुनन््‍चक करने के शल  उि रुर रीजन का नागयरक सवदेशक्षण करेगा 
 र उसके शल  ं ास् टर धवकास  ोजना कै ार करेगा। 
(2) ं ास् टर धवकास  ोजना ं प उि रुर रीजन के नागयरकों के उस जीवन को ्जसके ननवावह 
की इच् छा वे (i) वषव 2031 ई. ं प ं ्‍  ं  ्ेणी के रयरप्रे्   ं प (ii) वषव 2040 ई. ं प  र उसके 
र्‍ चाकक िीघवकालीन रयरप्रे्   ं प, कथा (iii) राज्   सरकार के ननिेशानुसार ेसे अ्‍   अ्‍ कववकी चरणों 
ं प रिके हैं, उि रुर नगर  र उि रुर रीजन के अ्‍   धवकासो्‍ ं ुि क्षेत्रों की आव्‍  कका,ां की रूनकव 
के शल  सांकुशलक  र सं  बद्ध धवकास को, लोक उर ोधगका,ां, नागयरक सुधवधा,ां, सां ुिान क 
प्रसुधवधा,ां, आवासी , सांचार  र रयरवहन के जाल ्बछाने को, प्राकतनकक सांसाधनों के रयररक्षण  र 
धवकास के शल  रयर ोजना,ां  र स् की ं ों को  र उि रुर रीजन के  कीकतक धवकास रर प्र ाव 
डालने वाली ेसी अ्‍   बाकों को स् र‍ टक् रयर ाधषक कक ा जा ेगा  र उसं प ननमि नशलखिक के शल  
धवशेष उरब्‍ ध कक ा जा सकेगा्- 
(i) रयरवहन  र सांचार जैसे सड़क प , राजं ागव, रेलवे, नहरप, अ्‍ कररा‍ री  हवाई अ, डे,   र 
कागवोक कॉमिप् ले‍ स  र बस-सेवा कथा उनका धवकास स्मिं शलक है; 
(ii) जल-प्रिा , जल-ननकास, ं ल-नाली, ं ल-ननकास  र अ्‍   लोक उर ोधगका ां, सुधवधा ां 
 र सेवा ां ्जनं प धवद् ुकक  र गैस  ी स्मिं शलक हैं; 
 ाग 3(क)                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                  440 
 
 
(iii)  प्राकतनकक दृ्‍  ावली, शहर के वनों, व्‍   प्राखण ों, प्राकतनकक सांसाधनों  र स् थल दृ्‍  ों के 
क्षेत्रों का रयररक्षण, सांरक्षण  र धवकास;  
(iv) ेनकहाशसक, प्राकतनकक, स् थार्‍    ा वैज्ञाननक  धच  र शैक्षखणक ं ूल्  ों की वस् कु,ां, 
आकतनक ों, इं ारकों  ा स् थानों का रयररक्षण; 
(v)  ूशं  कटाव रोकना, वनरोरण  ा रुन् वनरोरण की व्  वस् था करना, जलप् लाधवक क्षेत्रों, 
नदि ों, नालों, लीलों  र कालाबों का सुधार करना; 
(vi) शसांचाई, जल-प्रिा   वां जल धवद् ुक सांकं व, बाढ़ नन ांत्रण  र जल  र वा ु प्रिूषण 
को रोकना;  
(vii) शशक्षा  र धचकक्‍ सा सुधवधा ां; 
(viii) ्जला व्  ावसान क के्‍ र, अ्‍   शाधरांग कॉमिप् ले‍ स, नन  ावको्‍ ं ुि  द् ोधगक क्षेत्र, 
ननकास गतह, स् था ी प्रिशवनी के्‍ र, रशु ं ेले  र बाजार; 
(ix) िेलकूि कामिप् ले‍ स जो अ्‍ कररा‍ री  िेलों का आ ोजन करने  ोग्   हों; 
(x) आं ोि-प्रं ोि के शल  उद् ान ्जनं प डडज् नीलैण् ड शैली के कामिप् ले‍ स, सफारी उद् ान 
 र अ्‍   बाग  र उद् ान, धरकननक स् थान  र दिन के आं ोि-प्रं ोि ्जनं प कत्त्रं  
लीलप  र जलाश  स्मिं शलक हैं; 
(xi) साांस् कतनकक कामिप् ले‍ स ्जसं प ना्  गतह, शसनें ा, रांगं ांच, स् टूडड ो, ं नोरांजन के्‍ र, 
समि ं ेलन हाल कॉमिप् ले‍ स, क्‍ सटव हाल, टाउन हाल  र स ा  वन स्मिं शलक हैं; 
(xii) र वटन कॉमिप् ले‍ स ्जसं प होटल  र ं ोटल, कार ककरा े रर लेने की सेवा ां, र वटन 
 र  ात्रा ां आ ो्जक करना स्मिं शलक है; 
(xiii) न े कस् बों के धवकास के साथ-साथ उि रुर रीजन ं प उरनगरों का धवकास  र उि रुर 
शहर के साथ उनका सं ुधचक  कीकरण; 
(xiv) धवश ्‍ न उर ोगों के शल   ूशं  का आबांटन करना,  ूशं  का सां ा्‍   धवकरण करना 
 र वह सां ा्‍   ्स्थनक  र सीं ा बकलाना ्जस कक आवासी , वाखण्ज् क, 
 द् ोधगक, कतधष  ा वन के रूर ं प  ा िननज सं ुर ोजन के शल   ा अ्‍   प्र ोजनों 
के शल   ूशं  का उर ोग कक ा जा सके; 
(xv) िुले स् थानों, बागों, ं नोरांजन स् था नों, धचडड+ ाघरों, प्राकतनकक आर्क्षनक ों, रशु 
अ  ारण्  , िुग् धशाला,ां कथा स् वास् ्   स् थलों  र अ्‍   प्र ोजनों के शल  क्षेत्रों का 
आरक्षण करना;  
(xvi)  अधधक जनसांख्  ा वाले  र  द् ोधगक रूर से सांकुशलक क्षेत्रों से जनसांख्  ा  ा उद् ोग 
को रुन् स् थाधरक करना  र कोटा रीजन के ककसी  ी क्षेत्र ं प ं ांजूर कक े जाने वाले 
जनसांख्  ा के घन्‍ व  ा उद् ोगों के के्‍ रीकरण को इांधगक करना;  
(xvii)  आवासन, ्जसं प िां ीण आवासन  ी स्मिं शलक है; 
(xviii)  नीचे, िलिली  ा अस् वास् ्  कर क्षेत्रों को  रना  ा नकक करना  ा  ूशं  ों को सं कल 
करना; 
(xix)  धवद् ं ान ननशं वक क्षेत्रों का रुन् धवकास  र सुधार करना; 
441                                राजस् थान राज-रत्र, जुलाई 19, 2023                   ाग 3(क) 
 
 
(xx)  ‘’आबािी'' के धवकास को स्मिं शलक करके हु  श ्‍ न-श ्‍ न जोनों के शल   ोजना ं ानक 
 र जोननांग धवनन ं  बनाना;  र  
(xxi)  नगरी  धवकास प्रबांध के शल  कोटा री जन की  ोजना बनाना  र उससे सांबांधधक 
सं स् क ं ां लों  र इस अधधनन ं  के उद्दे्‍  ों से सांगक अ्‍   ं ां लों के शल   ोजना 
बनाना। 
 (3) ं ास् टर धवकास  ोजना ं प वे धवश ्‍ न जोन  ी रयरनन््‍चक कक े जा पगे ्जनं प धवकास 
के प्र ोजनों के शल   उि रुर रीजन को धव ा्जक कक ा जा ेगा  र उसं प वह रीनक ्जसं प धवकास 
कक ा जाना है,  र प्र्‍  ेक जोन की  ूशं , ्जसका उर ोग कक ा जाना प्रस् काधवक है (चाहे उसं प 
धवकास का व करके अथवा अ्‍  था),  र वे चरण ्जनं प ेसा धवकास कक ा जा ेगा, बकला े जा पगे 
 र वह उस ढ़ाचे का आधार ूक नं ूना होगी ्जसके  ीकर धवश ्‍ न जोनों की जोनल धवकास  ोजना 
कै ार की जा सकेगी् 
रर्‍ कु प्राधधकरण,  दि लोकदहक ं प ेसा आव्‍  क सं ले को, ककसी  ी जोन के क्षेत्र को 
बिल सकेगा। 
22.‍जोन र ‍धाकाा‍ ोजन राएं.- (1) ं ास् टर धवकास  ोजना कै ार करने के साथ-साथ  ा उसके 
कुर्‍ क र्‍ चाकक प्राधधकरण प्र्‍  ेक उस जोन के शल , ्जसं प उि रुर रीजन को धव ा्जक कक ा जा े, 
जोनल धवकास  ोजना कै ार करने की का ववाही करेगा। 
 (2) जोनल धवकास  ोजना ं प,- 
(क) धारा 21 की उर-धारा (2) ं प  था -उ्ल्लखिक धवकास कक्र ाकलारों के शल  उरब्‍ ध  
होगा; 
(ि) जोन के धवकास का  क स् थल रेिाांक होगा  र ेसी बाकप जैसे कक साववजननक  वन 
 र अ्‍   साववजननक ननं ावण का व  र उर ोधगका ां, सड़क प , आवासन, आं ोि-प्रं ोि, 
उद् ोग, व्  वसा , बाजार, स् कूल, अस् रकाल, साववजननक  वां ननजी िुले स् थान,  र 
अ्‍   साववजननक  र ननजी उर ोग की सीं ावकी ्स्थनक ों  र जोन  ं प प्रस् काधवक 
 ूशं  के उर ोग की सीं ा दििलाई जा ेगी; 
(ग) आबािी की सघनका  र  वनों की सघनका के स् करं ान धवननदिव‍ ट कक े जा पगे; 
(घ) जोन का ेसा प्र्‍  ेक क्षेत्र दििा ा जा ेगा, जो प्राधधकरण की रा  ं प धवकास  ा 
रुनधववकास के शल  अरे्क्षक हो  ा घोधषक कक ा जा सकका हो;  र  
(ङ) धवशेषक्, ननमि नशलखिक

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