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The RAJASTHAN LAWS (APPLICATION TO SIROHI) ACT, 1953

Rajasthan · state statute
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विधि (विधि रचना संगठन) विभाग 
विधि और न्याय व्यिस्था प्रकोष्ठ 
अधिसूचना 
जयपुर, दिसम्बर 12, 1977 
  
राजस्थान विधियाां (धिरोही में लागू होना) अधिधनयम, 1953 
(1953 का अधिधनयम संख्या 3)  
[राष्ट्रपधि को अनुमधि 29 जनिरी, 1953  को प्राप्त हुई] 
 कधिपय राजस्थान विधियों को धसरोही में लागू दक ए जाने की घोषणा के 
धलए अधिधनयम । 
 यिः कधिपय राजस्थान विधियों के धसरोही  में लागू होने के बारे में संिे ह 
उत्पन्न हुए हैं, और यिः ऐसे संिेहों का इस धनधमत्त स् पष् ट घोषणा ्ारा धनराकरण 
करना समीचीन है:-- 
 
 राजस्थान राज्य वििान मण्डल धनम्नधलखिि अधिधनयम बनािा हैः-- 
 
 1.  िांक्षिप्त नाम:- इस अधिधनयम का नाम राजस्थान विधियां  (धसरोही में 
लागू होना) योिधनयम, 1953 है । 
 2.  पररभाषाएां:- इस अधिधनयम,-  
 (1)  'धनयि दिन' से 26 जनिरी, 1950 अधभप्रेि है। 
(2)  'धसरोही' से भूिपूिव भारिीय धसरोही राज्य के िे क्षेत्र अधभप्रेि है खजनका 
विलय गिनवमेन्ट ऑफ इखण्डया एक्ट, 1935 की िारा 290-क के  अिीन 
दकए गए स्टेट्स मजवर (बाम्बे) ऑडवर, 1950  के  अिीन बम्बई राज्य में 
नहीं दकया गया था, खजनका प्रशासन एक् स् रा प्राविखन्शयल जुररसदडक्शन 
एक् ट, 1947  की िारा-3 की उप-िारा (2) के अिीन के न्रीय सरकार 
्ारा जारी की गई अधिसूचना सा -20/पी, दिनांक 24 जनिरी , 1950 
्ारा राजस्थान सरकार को प्रत्यायोखजि कर दिया गया है , खजसे 
राजस्थान सरकार ्ारा 25 जनिरी, 1950 के  अपराहृ में ले िथा संभाल 
धलया गया है िथा जो धनयि दिन से ही,  भारि के संवििान की प्रथम 
अनुसूची के  भाग-ि के आिार पर राजस्थान राज्य के  राज् यक्षेत्र में 
समाविष्ट हैं। 
 
 3. कधिपय राजस् थान विधियक का धिरोही में लागू होना :--इस अधिधनयम 
की अनुसूची में विधनदिवष् ट राजस् थान विधियां, जहां िक िे भारि के  स ंवििान की 
साििीं अनुसूची की सूची II और III में प्रगखणि दकन् हीं भी मामलों से संबंधिि है, 
धसरोही एडधमधनस् रेशन ऑडवर, 1948 में या दकसी भी अन् य विधि या धल िि में 
दकसी प्रधिकूल बाि के  होने पर भी, धसरोही में लागू होंगी और धनयि दिन से ही 
लागू हुई समझी जायेंगी: 
 परन्िु ऐसी विधियों का धसरोही में लागू होना दकसी व्यवि को  इस 
अधिधनयम के प्रारम् भ के  पूिव उसके  ्ारा की गई दकसी भी बाि या दकये गये 
दकसी भी लोप को बाबि ऐसी विधि  के अिीन दकसी िण् ड या शाखस्ि का भागी 
बनाने िाला नहीं समझा जायेगा।  
 
 4.  कधिपय ित् िमान विधियक का धनरिन: यदि धनयि दिन के ठीक पूिव , 
िारा 3 के  अिीन धसरोही में लागू की गई दकन् हीं विधियों के  समान कोई विधि 
धसरोही में प्रिृत् ि थी िो ऐसी विधि धनयम दिन को धनरधसि हुई समझी जायगी। 
 
 5. व् यािृवि :-- (1) धनयि दिन के  ठीक पूिव धसरोही में प्रिृत् ि दकसी 
ित्समान विधि का िारा 4 ्ारा धनरसन-  
(क) इस प्रकार धनरधसि दकसी विधि से पूिव -प्रििवन या उसके अिीन 
सम्यक्  रूप से की गई या सहन की गई दकसी बाि,  या  
(ि) इस प्रकार धनरधसि दकसी विधि के अिीन अखजवि ,  उद भूि या उपगि 
दकसी भी अधिकार,  विशेषाधिकार, बाध्यिा या िाधयत् ि, या 
(ग) इस प्रकार धनरधसि दकसी विधि के  विरुद्ध दकए गए दकसी अपराि की 
बाबि उपगि दकसी शाखस्ि,  समपहरण या िण्ड, या 
(घ) यथापूिववि दकसी ऐसे अधिकार,  विशेषाधिकार,  बाध् यिा, िाधयत्ि, शाखस्ि, 
समपहरण या िण् ड की बाबि दकसी अन्िेषण , विधिक कायविाही या 
उपचार-  
को प्रभाविि नहीं करेगा ;  िथा ऐसा कोई अन्िेषण विधिक कायविाही  या उपचार 
संखस्थि दकया , चालू रिा या प्रिधिवि दकया  जा सकेगा िथा ऐसी कोई शाखस्ि 
समपहरण या िण्ड अधिरोवपि दकया जा सके गा,  मानों यह अधिधनयम पाररि नहीं 
दकया गया था। 
 (2) उपिारा (1)  के उपबंिों के अध्यिीन रहिे हुए, इस अधिधनयम के 
प्रारम्भ से पूिव, एि्ारा धनरधसि दकसी विधि के अिीन (की गई दकसी  धनयुवि या 
प्रत्यायोजन, जारी की गई अधिसूचना,  आिेश, अनुिेश या धनिेश, बनाये गये धनयम, 
विधनमय,  प्ररूप, उपविधि या योजना , अधभप्राप्त प्रमाण -पत्र, अनुित् ि अनुज्ञा या 
अनुज्ञधप्त को सखम्मधलि करिे हुए) की गई या की गई िात्पधयवि कोई बाि या 
कोई कारविाई इस अधिधनयम ्ारा धसरोही में लागू दकये जाने के  धलए घोवषि 
दकसी ित्समान राजस्थान विधि के  अिीन की गई समझी जाएगी और ििनुसार 
प्रिृत् ि बनी रहेगी जब िक दक उि राजस्थान विधि के अिीन की गई दकसी बाि 
या कारविाई ्ारा अधिवष्टि न कर िी जाए। 
 6.  कठिनाइयक के धनराकरण के  धलए न्यायालयक िथा अन्य प्राधिकरणक की 
शवि- इस अधिधनयम ्ारा धसरोही में लागू दकए जाने के धलये घोवषि दकसी विधि 
के धसरोही में लागू दकये जाने को सुकर बनाने के प्रयोजन के धलए कोई न्यायालय, 
अधिकरण या अन्य प्राधिकरण दकसी ऐसी विधि का अथव , सार को प्रभाविि न 
करने िाले ऐसे उपान्िरों सदहि ,  इस प्रकार लगा सकें गे जो न्यायालय,  अधिकरण 
या अन्य प्राधिकरण के समक्ष के  दकसी मामले के अनुकूलन में आिश्यक या 
उधचि हो । 
 7. धनिवचनः- के न्रीय वििान मण्डल के सािारण िण्ड अधिधनय म, 1997   
के उपबन्ि, याित्शव्य, यथािश्यक पररििवन सदहि इस अधिधनयम पर िैसे ही लागू 
होंगे जैसे िे दकसी केन्रीय अधिधनयम पर लागू होिे हैं। 
 
 
अनुिूची  
 
(िारा 3 िेखिए)  
 
धिरोही में लागू की गई विधियक की िूची  
 
1. राजस्थान गजट (राजपत्र) आदडवनेन् स (1949 का सं. 2) 
2. राजस्थान पुधलस (इखन्टग्रेशन) आदडवनेन् स (1949 का सं. 3) 
3. राजस्थान ररमूिल आफ रीज (रेग्यूलेशन) आदडवनेन् स (1949 का सं. 8) 
4.  राजस्थान प्रोटेक्शन आफ दटनेन्ट्स आदडवनेन् स (1949 का सं. 9) 
5. राजस् थान प्रीधमजेज (ररक्यूजीशन एण्ड इविक्शन) आदडवनेन् स (1949 का सं.11) 
6. राजस्थान टेररटोररयल दडविजन्स आदडवनेन् स (1949 का सं. 20) 
7.  राजस्थान बोडव आफ रेिेन्यू आदडवनेन् स (1949 का सं. 22) 
8.  राजस्थान ड्रेमेदटक परफोरमेन्सेज एण्ड इन्टरटेनमेन्ट्स आदडवनेन् स (1949 का सं. 29) 
9. राजस्थान ड्रग्स (कंरोल) आदडवनेन् स (1949 का सं. 31 ) 
10. राजस्थान रेन् िेयू कोट्स (डेखजग्नेशन) आदडवनेन् स (1949 का सं. 36) 
11. राजस्थान रेल्िे स्टोसव (अनलाफुल पजेशन) आदडवनेन् स (1949 का सं. 42) 
12. राजस् थान स्पेधशयल दिधमनल कोट्सव आदडवनेन् स (1949 का सं. 46) 
13.  राजस्थान धसनेमोटोग्राफ आदडवनेन् स (1949 का सं. 47) 
14. राजस्थान पखललक गेम्बधलंग आदडवनेन् स (1949 का सं. 48) 
15. राजस्थान अिोइडेन्स आफ िेजसव आदडवनेन् स (1950 का सं. 3) 
16. राजस्थान एडेप् टेशन आफ सेन्रल लाज आदडवनेन् स (1950 का सं. 4) 
17. राजस्थान धसविल कोट्सव आदडवनेन् स (1950 का सं. 7) 
18. राजस् थान स्माल काज कोट्सव आदडवनेन् स (1950 का सं. 8) 
19. राजस्थान कोटव फीस एक्ट (अडेप्टेशन) आदडवनेन् स (1950 का सं. 9) 
 
रणिीर सहाय िमाव,  
विधि िधचि । 
 
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