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The rajasthan disciplinary proceedings (summoning of witnesses and production of documents) act, 1959

Rajasthan · state statute
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राजस्‍ थान‍अनुशासननक‍कार्यवाही‍(साक्षिर्ों‍का‍समन‍ककर्ा‍जाना‍और‍दस्तावेजों‍का‍पेश‍ककर्ा‍
जाना)‍ 
अनिननर्म, 1959  
(1959‍का‍अनिननर्म‍संख्र्ा‍28)  
( राज्र्पाल‍की‍अनुमनत‍कदनांक‍24‍मई, 1959‍को‍प्राप्त‍हुई) 
 
 राजस्थान‍ राज्र्‍ क े ‍ कार्यकलाप‍ क े ‍ संबंि‍ में‍ लोक‍ सेवाओं‍ और‍ लोक‍पदों‍ पर‍ ननर्ुक्‍ त‍
व्‍ र्क्तियर्ों‍क े ‍क्तिवरुद्ध‍अनुशासननक‍कार्यवाकहर्ों‍में‍साक्षिर्ों‍की‍हाक्षजरी‍क े ‍नलए‍तथा‍दस्तावेजों‍क े ‍
पेश‍क े ‍करने‍क े ‍नलए‍क्तिववश‍करने‍का‍उपबंि‍करने‍हेतु‍अनिननर्म। 
 भारत‍गणराज्र्‍क े ‍दसवें‍वर्य‍में‍राजस्थान‍राज्र्‍क्तिविान‍मण्डल‍ननम्ननलक्षित‍अनिननर्म‍
बनाता‍है‍:- 
 1. संक्षिप्त‍नाम, प्रसार‍तथा‍प्रारम्भः-‍(1) इस‍अनिननर्म‍का‍नाम‍ राजस्‍ थान‍अनुशासननक‍
कार्यवाही‍(साक्षिर्ों‍का‍समन‍ककर्ा‍जाना‍तथा‍दस्तावेजों‍का‍पेश‍ककर्ा‍जाना)‍अनिननर्म, 1959 ‍
है‍।‍ 
 (2) इसका‍प्रसार‍सम्पूणय‍राजस्थान‍राज्र्‍में‍है। 
 (3) र्ह‍तुरन्त‍प्रवृत्त‍होगा। 
 
 2. अनिननर्म‍ का‍ लागू‍ होनाः-‍ र्ह‍ अनिननर्म‍ राज्र्‍ क े ‍ कार्यकलाप‍ क े ‍ संबंि‍ में‍ लोक‍
सेवाओं‍और‍पदों‍पर‍ननर्ुय‍व्र्क्तियर्ों‍क े ‍क्तिवरुद्ध‍समस्त‍क्तिवभागीर्‍जांचों‍पर‍लागू‍होगा। 
 3. पररभार्ाएं:-‍जब‍तक‍क्तिवर्र्‍ अथवा‍सन्दभय‍में‍अन्र्था ‍अपेक्षित‍न‍हो,  इस‍अनिननर्म‍
में- 
(क)‍ "क्तिवभागीर्‍ जांच, से‍ अनभप्रेत‍ हैं‍ भारत‍ क े ‍ संक्तिविान‍ क े ‍ अनुच्छ े द‍309‍ क े ‍ अिीन‍
बनार्ी‍गर्ी‍ककसी‍क्तिवनिर्ा‍ननर्म‍क े, अथवा‍अनुच्छ े द‍313‍क े ‍अिीन‍चालू‍रिे‍गर्े‍
ककसी‍ननर्म‍क े ‍अिीन‍और‍उसक े ‍अनुसार‍ककसी‍व्र्क्तिय‍क े ‍क्तिवरुद्ध‍की‍गर्ी‍जांच; 
और 
(ि)‍'जांच‍प्रानिकारी' से‍अनभप्रेत‍है‍ककसी‍व्र्क्तिय‍क े ‍आचरण‍क े ‍बारे‍में‍क्तिवभागीर्‍जांच‍
करने‍ क े ‍ नलर्े‍ राज्र्‍ सरकार‍ द्वारा‍ अथवा‍ राज्र्‍ सरकार‍ क े ‍ ककसी‍ अिीन स्‍ थ‍‍‍
अनिकारी‍ र्ा‍ प्रानिकारी‍ द्वारा‍ ननर्ुय‍ कोई‍ अनिकारी‍ र्ा‍ प्रानिकारी‍ और‍ इसक े ‍
अन्तगयत‍ऐसा‍कोई‍ अनिकारी‍र्ा‍प्रानिकारी‍भी‍है‍जो‍त द्रूपेण‍उक्‍ त‍जांच‍करने‍क े ‍
नलर्े‍अन्‍ र्था‍अनिक ृ त‍है। 
 
4.‍ जांच‍प्रानिकारी‍की‍साक्षिर्ों‍की‍हाक्षजरी‍क े ‍नलए‍और‍दस्तावेजों‍क े ‍पेश‍ककर्े ‍जाने‍क े ‍
नलए‍क्तिववश‍करने‍की‍शक्तियर्ां:-‍(1) जांच‍प्रानिकारी‍को‍वहीं‍शक्तियर्ां‍होंगी‍जो‍ककसी‍वाद‍क्तिवचारण‍
क े ‍समर्,‍ साक्षिर्ों‍का‍समन‍करने‍और‍उन्हें‍हाक्षजर‍होने‍क े ‍नलर्े‍और‍दस्तावेजों‍को‍पेश‍करने‍
क े ‍नलए‍क्तिववश‍करने‍हेतु‍नसक्तिवल‍न्र्ार्ालर्‍में‍नसक्तिव ल‍प्रकिर्ा‍संकहता , 1908‍(1908‍का‍क े न्द्रीर्‍
अनिननर्म‍5) क े ‍अिीन‍ननकहत‍है।‍ 
(2) ऐसे‍जांच‍प्रानिकारी‍द्वारा‍साक्षिर्ों‍की‍हाक्षजरी‍काररत‍कराने‍क े ‍नलए‍र्ा‍दस्तावेजों‍को‍
पेश‍करने‍क े ‍नलए‍क्तिववश‍करने‍हेतु‍जारी‍की‍ गर्ी‍सभी‍ आदेनशकाएं‍ऐसे‍ क्षजला‍न्र्ार्ािीश‍की‍
मार् य त‍तामील‍ और‍ ननष्‍ पाकदत‍ की‍ जार्ेगी‍ क्षजसकी‍ अनिकाररता‍ में‍ वह‍ सािी‍ र्ा‍ ऐसा‍ अन्र्‍
व्र्क्तिय‍क्षजस‍पर‍आदेनशका‍तामील‍र्ा‍ननष्पाकदत‍की‍जानी‍है, ननवास‍करता‍है। 
 
 5. ननर्म‍ बनाने‍ को‍ शक्तिय:-‍ राज्र्‍ सरकार‍ इस‍ अनिननर्म‍ के‍ उपबंिों‍ को‍ कार्ायक्षन्वत‍
करने‍क े‍प्रर्ोजनों‍क े ‍नलर्े‍ननर्म‍बना‍सक ेगी। 
 
सम्पतराज‍नसंघी, 
क्तिवनि‍सनचव। 

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