WORKMEN OF M/S DHARAMPAL PREMCHAND (SAUGHANDHI) versus MIS. DHARAMPAL PREMCHAND (SAUGHANDHI)
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मेसर्सधर्मपालप्रेमचंदकेकार्यकर्ता
(सौगंधी)
वी.
एम/
एस।धर्मपालप्रेमचंद(सौगंधी)
16 मार्च, 1965
[पी. बी. गजेन्द्रगडकर, सी. जे., के. एन. वांचू, एम. हिदायय
तुल्ला
औरवी. रामास्वामी, जे. जे.]
औद्योगिकविवादअधिनियय
म, 1947 (1947
का14) ।2 (के), 10
और36 "
औद्योगिकविवाद"-
मतलब-
डीकेकर्मचारीकेवलसदस्यय
संघका-
संघविवादउठाताहै-रखरखाव।
प्रत्ययर्थीके45
कर्मचारियोंमेंसे18
ट्रेडयूनियय
नकेसदस्यय
बनगएथे।बादमेंइन18
कर्मचारियोंको
बर्खास्तकरदियागया।
उसीदिनआदेशपारितकियागया।संघनेइसमुद्देकोउठायाऔरअंततःविवादकोन्यायाधिकरणको
भेजागया,
जहांविपक्षनेप्रारंभिकआपत्तिजताईकि
संदर्भअमान्यय
थाक्योंकि
न्यायाधिकरणकोसंदर्भित
विवादएकऔद्योगिकविवादनहींथा,
बल्कि
केवलएकव्यक्तिगतविवादथा,
औरपक्षहोनेकेनातेये
बर्खास्तकर्मचारी
संघकेसदस्यय
नहींथे,
औरइसलिएसंघविवादको
नहींउठा
सका।ट्रिब्यूनलनेइसे
बरकराररखा।विशेषअवकाशद्वाराअपीलमें;
पकड़नाःअपीलकीअनुमति
दीजानीचाहिए।
एसमें"
औद्योगिकविवाद"
कीपरिभाषा।2 (के)
सेपताचलताहैकि
किसीभीव्यक्तिद्वाराउठाएगए
किसीभीविवादकोइंडसकहाजासकताहै।
परीक्षणविवाद,
यय
हदिखायाजानाचाहिएकियय
ह
कर्मचारीसेजुड़ाहुआहै
उसव्यक्तिकाकामयागैर-
रोजगार।यय
हशर्तपूरीहोजातीहै।
वर्तमानमामलेमें।[396 डी]
अधिनियय
ममेंअंतर्निहितव्यापकनीति
कोध्यानमेंरखतेहुए,
यय
हन्यायालयय
औरवास्तवमेंअधिकांश
औद्योगिकन्यायाधिकरणइसपरविचारकरनेकेलिएइच्छुकहैं
विचारकि
अधिनियय
मद्वारा
उपयोगकिएगएशब्दोंकी
चौड़ाईकेबावजूद।"
औद्योगिकविवाद" को
परिभाषितकरतेहुएयय
हपूछनासमीचीनहोगाकि
बर्खास्तकर्मचारीद्वाराउठायागयाविवादविवादनहीं
होसकताहै।
एकऔद्योगिकविवाद,
जबतककियय
हउसकेसंघद्वारासमर्थितनहोया,
कईश्रमिकोंद्वारासंघकीअनुपस्थिति
में।[397 बी-सी]
विचारजोकिसीसमस्यासेनिपटनेमेंप्रासंगिकहोंगे
एकव्यक्तिगतकर्मचारीकीबर्खास्तगीसेसंबंधित,
एकऐसेमामलेसेनिपटनेमेंसामग्रीनहींहोगीजहां
बड़ीसंख्यामेंकर्मचारीहैं
उन्हेंउसीदिनबर्खास्तकरदियागयाथा।[399 जी-एच]
कर्मचारियोंकाएकसंघवैधरूपसेबर्खास्तगीकेबारेमेंविवादउठासकताहै,
भलेहीयय
हकामपररखे
गएश्रमिकोंकेअल्पसंख्ययककासंघहो।
किसीभीप्रतिष्ठानमें।इसीतरहयय
दि
किसीभीप्रतिष्ठानमेंश्रमिकोंकाकोईसंघनहींहै,
तोकर्मचारियों
काएकसमूहविवादउठासकताहैऔरविवादतबएकऔद्योगिकविवादबनजाताहै,
हालांकियय
हएक
व्यक्तिगतकर्मचारीकीबर्खास्तगीसेसंबंधितहोसकताहै।[399 एच]
किसीदिएगएमामलेमेंयय
हकल्पनाकीजासकतीहैकि
किसीसंस्थानकेमालिकोंकाअपनाकोईसंघनहीं
होताहैऔरउनमेंसेकुछयासभीशामिलहोजातेहैं।
उसी
उद्योगसेसंबंधितकिसी
अन्यय
प्रतिष्ठानका
संघ।सुकमें।एकमामला,
यय
दि
उक्तसंघकिसी
ऐसे
प्रतिष्ठानमेंकामकरनेवालेश्रमिकोंकामुद्दाउठाताहै,
जिसकाकोईसंघनहींहै,
तोयय
हमाननाअनुचित
होगाकि
विवादएकइंडसपरीक्षणविवादनहींबनजाताहैक्योंकि
जिससंघनेइसेप्रायोजितकियाहैवह
नहींहै।
विशेषरूपसेसंबंधितप्रतिष्ठानमेंकामकरनेवालेश्रमिकोंकासंघ।प्रत्येकमामलेमेंजहांऔद्योगिकनिर्णयय
कोश्रमिकबनामकानिर्णयय
करनाहोताहै।
मेसर्सधर्मपाल(गजेंद्रगडकर, सी. जे.)
395
किसीऔद्योगिककर्मचारीकीबर्खास्तगीकेसंबंधमेंकोईसंदर्भवैधरूपसेदियागयाहैयानहीं, इसकी
जांचकरनाआवश्ययकहोगा।
क्यामामलाप्रायोजितकरनेवालासंघनिष्पक्षरूपसेप्रतिनिधि
चरित्रका
दावाकरसकताहै,
इसतरहसेकि
मामलेमेंउसकासमर्थनविवादकोएकऔद्योगिकविवादबनादेगा।
[400 एफ-एच]
इसकेअलावा, 18
श्रमिकोंकोउसीपरपारितएकआदेशद्वाराबर्खास्तकरदियागया।
जिसदिन,
स्वयंश्रमिकोंकाएकसमूहबनताहैजोएकदूसरेकेकारणकासमर्थनकरनेमेंउचितहोगा।
[401 सी]
मध्यय
प्रांतपरिवहनसेवाv.
रघुनाथगोपालपटवार
धन, [1956] एस. सी. आर. 956
औरदन्यूजपेपर्सलिमिटेडबनाम।स्टेटइंडसट्राययExcerpt shown. Read the full judgment & AI analysis in Lexace.
Lex